अतुल अग्रवाल समेत हिंदी खबर और लिविंग इंडिया के सभी पत्रकारों को भले ही अदालत से राहत मिल गई हो बावजूद इसके तमाम जनपदों के पत्रकारों में आक्रोश ठंडा पड़ता नहीं दिख रहा है। बता दें कि लिविंग इंडिया न्यूज़ चैनल के मालिक अतुल अग्रवाल समेत छह पत्रकारों को अदालत से जमानत मिल गई है। जिन पत्रकारों को हरियाणा की कुरुक्षेत्र पुलिस ने उठाया था उनमें अतुल अग्रवाल, चैनल के एडिटर सौरभ उपाध्याय, इंटर्न रिपोर्टर सुदेश नैन मोर, ड्राइवर लवप्रीत और नीतू का नाम शामिल था।
फर्रुखाबाद- हरियाणा में लिविंग इंडिया व हिंदी खबर न्यूज़ चैनल के संपादकों की गिरफ्तारी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इसी के विरोध में उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में पत्रकारों ने आवाज बुलंद की। उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन यानी उपजा के बैनर तले पत्रकारों ने प्रधानमंत्री के नाम एडीएम न्यायिक दिनेश कुमार को ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने अतुल अग्रवाल, सौरभ उपाध्याय और सुदेश नैन मौर की गिरफ्तारी के पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने की मांग की। साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की भी आवाज उठाई।
दरअसल, हरियाणा में पत्रकारों की गिरफ्तारी को लेकर पत्रकार संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी क्रम में फर्रुखाबाद में उपजा जिलाध्यक्ष सूर्या बाजपेई (जापान) के नेतृत्व में पत्रकारों ने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया। पत्रकारों ने प्रधानमंत्री के नाम एडीएम न्यायिक दिनेश कुमार को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। उनका कहना है कि किसी भी मामले में निष्पक्ष जांच और न्यायपूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि पत्रकारों के अधिकारों और उनकी स्वतंत्रता की रक्षा की जा सके। ज्ञापन सौंपने के दौरान पत्रकारों ने पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। इस दौरान सूर्या बाजपेई (जापान) के साथ जितेंद्र दुबे भारत समाचार, अनुभव मिश्रा हिंदी खबर अमित सक्सेना इंडिया खास न्यूज़ दिलीप कटियार पंजाब केसरी, विश्वप्रकाश चतुर्वेदी भारत कनेक्ट, ऋषि सेंगर सुदर्शन न्यूज सौरभ दीक्षित आईबीसी 24 राजीव अतुल जैन प्रदेश चिंतक आदेश शाक्य सी न्यूज़ समेत करीब एक दर्जन पत्रकार मौजूद रहे।
पत्रकारों ने मांग की कि पूरे प्रकरण की समयबद्ध जांच कर उचित कार्रवाई की जाए और पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए फिलहाल, पत्रकारों ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाई हैं। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।



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