उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में दिवाली के विज्ञापन को लेकर हुए विवाद में दैनिक अखबार जनवाणी के पत्रकार नसीम अहमद की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना रविवार, 18 अक्टूबर को जरोठी रोड स्थित एक आटा मिल में हुई। नसीम अहमद अखबार के लिए विज्ञापन के सिलसिले में वहां पहुंचे थे। आरोप है कि विज्ञापन को लेकर हुई कहासुनी के बाद उनके साथ मारपीट की गई। गंभीर हालत में उन्हें गढ़ रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, नसीम अहमद अपने कुछ साथियों के साथ आटा मिल पर गए थे। उनके साथ मौजूद सलाउद्दीन ने आरोप लगाया कि विज्ञापन को लेकर विवाद हुआ और वहां मौजूद लोगों ने उन्हें कथित तौर पर ‘फर्जी पत्रकार’ कहा। इसके बाद नसीम अहमद और सलाउद्दीन के साथ मारपीट की गई। हालांकि, घटना के पूरे घटनाक्रम और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
चार नामजद समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा
लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, नसीम अहमद के दामाद डॉ. शाहरुख की शिकायत पर हापुड़ देहात थाने में चार नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विज्ञापन को लेकर हुए विवाद के बाद नसीम अहमद के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
हापुड़ के पुलिस अधीक्षक मधुबन कुमार सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जांच के निर्देश दिए। पुलिस के मुताबिक, नसीम अहमद को घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया था, जहां उनकी मौत हो गई। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बेटी की शादी से पहले परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
रिपोर्टों के अनुसार, नसीम अहमद की छोटी बेटी की शादी 14 नवंबर को तय थी। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। एक विज्ञापन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक पत्रकार की मौत और हत्या के मुकदमे तक पहुंच गया है।
पत्रकार के साथ हुई इस घटना ने काम के सिलसिले में बाहर जाने वाले पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।


