अंततः नेहा राठौर के ख़िलाफ़ ग़लत खबर चलाने का बड़ा ख़ामियाज़ा तीन मीडियाकर्मियों को उठाना पड़ गया। एबीपी न्यूज़ के डिजिटल सेक्शन से एक महिला पत्रकार समेत तीन लोगों की नौकरी चली गई है। प्रबंधन के सख्त रूख के बाद संपादक द्वारा कराई गई जांच में तीन कर्मियों को दोषी पाया गया। इसमें सर्वप्रथम Abp news videos digital head को जिम्मेदार मानते हुए इन्हें हटाया गया। भड़ास के पास इनका नाम भी है लेकिन इनके भविष्य के करियर को देखते हुए नाम का प्रकाशन नहीं किया जा रहा है। एबीपी न्यूज़ वीडियोज डिजिटल हेड का काम हर वीडियो को पब्लिश करने से पहले ये जानना है कि सब कुछ सही है या नहीं।
इसके बाद बारी आती है Shift incharge digital videos की। इन महोदय द्वारा भारी चूक की गई। इन्होंने ग़लत खबर और फेक वीडियो को पब्लिश होने दिया। इनके द्वारा ओके किए जाने के बाद ही वीडियो पब्लिश हुआ। इनको भी टर्मिनेट कर दिया गया है। इनका भी नाम भड़ास के पास है लेकिन पब्लिश नहीं किया जा रहा है क्योंकि नाम पब्लिश होने से ट्रोलिंग के शिकार होंगे और आगे की जॉब में दिक्कत आएगी।
सबसे बड़ी गलती जिसने की है वो एक महिला है। वह YouTube shorts shift incharge के पद पर कार्यरत है। इस महिला ने ही एक्स पर पोस्ट फ़र्ज़ी न्यूज़ व वीडियो के झाँसे में आकर इसे सही मान बैठी और ख़बर वीडियो को व्यूज़ / हिट्स पाने के चक्कर में बिना कन्फर्म किए बिना क्रॉसचेक किए बिना फैक्ट चेक किए ही चला दिया। इसके ऊपर के दो लोग ये मान बैठे थे कि खबर तैयार है तो सही ही होगी। लड़की ने प्रोपेगंडा न्यूज़ को सच मान गई लेकिन उसके ऊपर के दो लोग भी क्रॉसचेक का जहमत नहीं उठाये।
इस तरह एबीपी न्यूज़ डिजिटल से टॉप टू बॉटम तीन लोगों को प्रबंधन द्वारा टर्मिनेशन ऑर्डर थमाया जा चुका है। उम्मीद करते हैं इस घटना से दूसरे मीडिया हाउस में कार्यरत लोग भी सबक लेंगे और फेक व प्रोपेगंडा न्यूज़ को सच मानकर तुरंत पब्लिश करने से बचेंगे और क्रॉसचेक करके ही आगे बढ़ेंगे।



