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सियासत

यूपी और दिल्ली के पत्रकारों को आ रहे भड़काऊ फोन

इस बेहद भीर मामलें में यूपी और दिल्ली पुलिस के बीच नहीं है कोई सामंजस्य

पत्रकारों और आम नागरिकों के फोन पर जहरीली और भड़काऊ रिकार्डेड फोन कॉल्स आना आज भी जारी है। ये सिलसिला कल शनिवार शुरु हुआ था। इसके बाद दिल्ली और लखनऊ में एफआईआर भी दर्ज की गयी थी।

कल लखनऊ में तब हड़कंप मच गया था जब दोपहर एक बजे से तीन बजे के दरम्यान पत्रकारों के पास जहीरी रिकार्डेड कॉल्स आना शुरू हुयीं। विदेशी नंबरों वाले बल्क कॉल पैकेज से ऐसी जहरीली कॉल्स दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद के पत्रकारों को भी आयी। जबकि दिल्ली और लखनऊ के आम लोगों के पास भी ये काल आने की खबरें आयीं।

स्वतंत्रता दिवस के पहले भड़काऊ संदेश वाले इस मामले को लेकर यूपी और दिल्ली की पुलिस चौकन्ना थी, लेकिन इस तरह के फोन आने का सिलसिला आज भी जारी है। फर्क इतना है कि कल का रिकार्डेड फोन पुरुष की आवाज़ मे था और आज जो ऐसे फोन आ रहे हैं वो महिला की आवाज़ मे हैं। देश के सौहार्द को चुनौती देने वाली इस तरह की फोन काल्स करने वाली देश की दुश्मन ताकतों को पकड़ना तो दूर पुलिस ऐसी खतरनाक कॉल्स को रोकने में भी कामयाब नहीं हो सकी है।

ये कॉल अब सोशल मीडिया पर भी तेज़ी से वायरल हो रही है। रिकार्डेड कॉल में राम मंदिर और देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ जहर उगला गया। राष्ट्रीय एकता, अखंडता को चुनौती दी गई। मुस्लिम समाज को भड़काने के प्रयास किये गये। स्वतंत्रता दिवस (पंद्रह अगस्त) से कुछ दिन पहले इतनी जहरीली साजिश को असरदार बनाने के लिए बड़े पत्रकारों का सहारा लिया गया। जिनके पास ऐसी काल आई थी उन पत्रकारों का गुस्सा लाज़मी था। मामले पर सक्रियता भी लाजमी थी।

सबसे पहले इस साजिश की जानकारी से सुरक्षा एजेंसियों को अवगत कराने के लिए पत्रकारों ने सारी बात पब्लिक डोमेन (सोशल मीडिया) पर रखी। लखनऊ की हजरत गंज कोतवाली में सब की शिकायत पर तफ्तीश शुरु हो गयी।

लखनऊ से लेकर नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली के पत्रकारों और आम लोगों को लगातार जहरीले और भड़काऊ फोन आये थे।

पुलिसिया बयानों और ऐसे फोन आना जारी होने के बाद ये कहा जा सकता है अभी तक इस गंभीर मामले को किसी ने भी नहीं लिया। यूपी और दिल्ली में अंजाम दी जा रही इस साजिश को मर्ज तक नहीं किया। लोकल खबर बन कर रह गये इस मामले की खबरों को जोड़कर नहीं देखा गया। दोनों राज्यों के बयानों से लगता नहीं है कि यूपी की पुलिस को ये भी पता है कि दिल्ली में भी ऐसा हुआ। और दिल्ली पुलिस को भी शायद नहीं पता कि यूपी के मीडियाकर्मियों के पास भी ऐसे फोन आना जारी हैं।

राष्ट्र विरोधी और धार्मिक भावनाएं भड़काने का प्रयास करने वाली इस साजिश को लेकर यूपी और दिल्ली पुलिस के बीच सामंजस्य ना होने से एक बड़ा सवाल खड़ा होता है। क्या दिल्ली और यूपी के अलावा अन्य राज्यों मे भी ऐसी धमकी भरी आडियो क्लिप फैलायी जा रही है या नहीं, ऐसी जानकारी अभी प्राप्त नहीं हुई है।

लखनऊ पुलिस कमिश्नर ने एक मोबाइल नंबर 9454401508 जारी करते हुए कहा है कि यदि किसी के पास ऐसी कॉल आती है तो वो कॉल डिटेल इस नंबर पर भेज दे। लखनऊ पुलिस ने कल अपनी प्राथमिक पड़ताड़ में बताया था कि धमकी या भड़काऊ संदेश देने वाले फोन नंबर विदेशी लग रहे हैं।

  • नवेद शिकोह
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