Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

टीवी

प्रताड़ना से क्षुब्ध न्यूज नेशन के रिपोर्टर ने दिया इस्तीफा, फटकार मिली कि विज्ञापन नहीं दे सकते तो फांसी पर लटक जाओ !

मऊ (उ.प्र.) : यहां न्यूज़ स्टेट/न्यूज़ नेशन के प्रतिनिधि तैनात रहे रविन्द्र माली ने डेस्क इंचार्ज (इनपुट हेड), नोएडा को अपना इस्तीफा भेज दिया है। त्यागपत्र में उन्होंने अपनी आर्थिक हालत बयान करने के साथ ही बताया है कि विज्ञापन विभाग के लोग कह रहे हैं, एड नहीं दे सकते तो फांसी पर लटक जाओ। 

मऊ (उ.प्र.) : यहां न्यूज़ स्टेट/न्यूज़ नेशन के प्रतिनिधि तैनात रहे रविन्द्र माली ने डेस्क इंचार्ज (इनपुट हेड), नोएडा को अपना इस्तीफा भेज दिया है। त्यागपत्र में उन्होंने अपनी आर्थिक हालत बयान करने के साथ ही बताया है कि विज्ञापन विभाग के लोग कह रहे हैं, एड नहीं दे सकते तो फांसी पर लटक जाओ। 

उन्होंने अपने त्यागपत्र में डेस्क इंचार्ज को बताया है कि ”आपके प्रतिष्ठित समाचार चैनल न्यूज़ स्टेट उत्तर प्रदेश/उत्तराखण्ड में बतौर संवाददाता मऊ जिले में तब से हूं, जब इसके ‘अल्फ़ा न्यूज़’ नाम से आने की तैयारी हो रही थी । फिर नेशनल से लेकर रीजनल तक अभी तक पूरी ईमानदारी से काम किया है। विज्ञापन विभाग द्वारा मुझसे पंचायत चुनाव में 24 लाख रुपये के विज्ञापन की डिमांड की गई। मैं एक स्ट्रिंगर हूँ और स्ट्रिंगर का कोई नहीं होता। वो अपना सब कुछ दांव पर लगाकर खबर कलेक्ट करके अपने चैनल पर प्राथमिकता के साथ भेजता है लेकिन जब उसके साथ कोई घटना होती है तो उसे कोई भी पूछने वाला नहीं होता। 

”चैनल से एक आदेश पर स्ट्रिंगर अपना खाना छोड़कर सबसे पहले खबर पर दौड़ता है। हर खतरों से अनजान रास्ते में क्या होगा, वो घर सही सलामत अपने पारिवार में लौटेगा की नहीं, ये सोचते हुए सक्रिय हो जाता है। इस कमरतोड़ महंगाई में एक स्ट्रिंगर अपने परिवार का भरण-पोषण कैसे करता है, सर सब जानते है। पत्रकारिता में हमें 10 साल हो गए। इसके आलावा न कही नौकरी की और न ही कहीं कोई साइड में आज तक कोई दूसरा काम। एक बेटी 11 साल की और एक बेटा 10 साल का है, जिसकी पढाई-लिखाई बड़ी मुस्किल से हो रही है । 

”आप के चैनल से करीब 5 हजार और समाचार प्लस भी देखता हूं, इसलिए वो भी पांच हजार रुपए देता है। इस बात को आप सभी जानते हैं। विज्ञापन के लिए धमकी दी जा रही है कि नहीं  दोगे तो निकाल दिए जाओगे। कहते हैं, ख़बर भेज कर मऊ से कौन सा क्रांति लिख दोगे। 24 लाख का एड नहीं दे पाओगे तो फांसी लगाकर मर जाना। खबर से नहीं, एड से अपना भविष्य बनाओ। खबर में क्या रखा है। 

”सर बहुत कुछ कहा जा रहा है। बहुत दिनों  से टार्चर हो रहा है। ये हमारे साथ ही नहीं, सभी के साथ हो रहा है। कोई कहने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है क्योंकि डर है कि कहीं ऐसा न हो कि हमें निकाल दिया जाए। हम एड के लिए पूरी कोशिश करते हैं और जो मिल जाता है, हम देते भी हैं। 15 अगस्त पर भी 10 एड लिया हूं बड़ी मुश्किल से । दो दिनों से सोया नहीं हूं। बहुत परेशान हूं। यहाँ तक कि मै सर दर्द का मरीज बन गया हूं। आप लोगों का बहुत प्यार और आशीर्वाद मिला। 

”मैं कहीं भी रहूं, आप लोगों का सदैव आशीर्वाद बना रहे। ये मेल करते वक्त हमारा शरीर कांप रहा है और आँखों से आंसू निकल रहे हैं। फिर भी। अतः श्रीमान निवेदन के साथ कहना है कि आपके चैनल से कार्यमुक्ति की इच्छा प्रकट करते हुए अपने पद से त्याग पत्र देना चाहता हूँ । आप प्रार्थना पत्र पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए प्रार्थी का त्याग पत्र स्वीकार करने की कृपा करे।  

रविन्द्र माली, मऊ।” 

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन