कृषि उत्पादों के बाज़ार पर अम्बानियों-अडानियों जैसे नए सुपर बिचौलियों की मोनोपली स्थापित हो जाएगी!

तारा शंकर-

3 नये कृषि अध्यादेशों से मुकेश अंबानी का भारत के खाद्य रिटेल बाज़ार पर कब्ज़ा करने का रास्ता साफ़ हो गया है! याद रहे अभी पिछले महीने ही मुकेश अंबानी ने बिग बाज़ार जैसे बड़े राशन रिटेलर को ख़रीद लिया है! भारत इसका सबसे बड़ा असंतृप्त बाज़ार है! इसी मुकेश अंबानी के लिए ख़ुद प्रधानमंत्री जियो का प्रचार कर चुके हैं सरकारी बीएसएनएल की बर्बादी पर! आज बाज़ार में जियो की प्रतिस्पर्धा में सिर्फ़ एयरटेल और वोडाफ़ोन-आईडिया ही टिके हुए हैं किसी तरह जो कभी भी दिवालिया घोषित हो सकते हैं! पिछले 6 साल में आधा दर्ज़न नेटवर्क कंपनियाँ बंद हो चुकी हैं!

अर्थव्यस्था को रसातल पहुँचाने के बाद सरकार की नज़र अब कृषि क्षेत्र पर है! अब तीन विधेयकों के पारित होने के बाद भारत में कृषि उत्पादों के बाज़ार पर अम्बानियों-अडानियों की मोनोपली स्थापित होगी! एक उदाहरण देता हूँ- पता कर लीजिये कि भारतीय बाज़ार में खाद्य तेलों पर किन दो-तीन कंपनियों का कब्ज़ा है? अडानी और रामदेव का! अडानी भारत के लगभग 25% खाद्य तेल बाज़ार पर और रामदेव की पतंजलि द्वारा रूचि सोया के अधिग्रहण के बाद भारत के क़रीब 15% बाज़ार पर कब्ज़ा कर दिया है! नए कृषि विधेयकों द्वारा खाद्य तेलों समेत आवश्यक वस्तुओं को अब बाज़ार के लिए खोल दिया गया है जिसका अब होर्डिंग कर सकेंगे ये बड़ी कंपनियाँ और खुली लूट मचेगी!

ये भी याद रखें कि तीन-चार साल पहले कैसे रिलायंस ने कृषि बीमा के नाम पर देश भर में किसानों से हज़ारों करोड़ रूपये लूट लिये थे! मतलब ये कि रिलायंस अब रिलायंस फ्रेश स्टोर खोलकर सब्जियाँ और फल बेचेगी, कृषि बीमा के माध्यम से भी किसानों को लूटेगी, और अब मंडी भी खोलेगी और भारत के खुदरा बाज़ार पर अमेज़न वगैरह को हटाकर एकछत्र राज स्थापित करेगी! और ये सरकार अंबानी अडानी की मदद को शुरू से ही कृतसंकल्प है!

जो मूर्ख ये कह रहे हैं कि इन कृषि बिल से किसानों को फ़ायदा होगा, वो देश भर में अपना उत्पाद बेच सकते हैं वो ज़रा बतायें कि भारत में 86% किसान जो सीमांत या छोटे स्तर (दो हेक्टेयर से कम ज़मीन वाले) हैं वो अपना जिला भी छोड़कर किसी और जगह कैसे बेच पायेंगे? अब निजी कंपनियों को अनाज मंडी खोलने की छूट दे दी है! अब अंबानी अडानी जैसे बड़े डकैत कृषि बाज़ार की मंडी खोलेंगे जो किसानों से अनाज सस्ते में ख़रीद कर, होर्डिंग करके मनमाने कीमत में बेचेंगे!

ये कहा जा रहा है कि बिचौलिए ख़त्म हो जायेंगे लेकिन ये नहीं बताया जा रहा है कि इन नये बड़े सुपर-बिचौलियों से किसानों को कौन बचायेगा? किसानों को तो पहले भी कहीं भी अपना उत्पाद बेचने की छूट थी! लेकिन वो बेच नहीं पा रहे थे क्योंकि अधिकतर किसानों की हैसियत इतनी कम है भारत में कि बिहार या UP का किसान तमिलनाडु जाकर उत्पाद बेचने की छोड़ो अपना जिला भी छोड़कर कहीं और नहीं जा सकता!

जिनकी आखें अब भी नहीं खुल रही हैं वो अमेरिका या यूरोप के किसानों की हालत देख लें जिनके पास हमारे यहाँ के किसानों की तुलना में 10 से लेकर 50 गुना अधिक ज़मीनें हैं लेकिन बिना सब्सिडी के वो एक साल भी टिक नहीं पायेंगे! अरबों बिलियन डॉलर मदद के बाद भी हर साल उनका घाटा बढ़ता जा रहा है! और कहीं मत जाओ बिहार में डेढ़ दशक पहले ऐसा ही कुछ लागू किया गया, उसी का उदाहरण देख लेते कि क्या हालत हुई किसानों की! भारत में तो सरकार एक तरफ किसानों को मिलने वाली सब्सिडी भी बड़े शातिराना प्लान के साथ घटाती जा रही है और इन तीन बिलों के बाद अब किसानों को पूरी तरह बाज़ार के हवाले कर दिया है! हर साल 10 हज़ार से अधिक किसानों की आत्महत्या भी सरकार को नहीं दिख रही है!

इतनी बेगैरत और बेशर्म सरकार न बिलों पर चर्चा चाहती है और न ही किसी भी सवाल का ढंग से जवाब देना! तब भी आप भक्त बने हुए हैं तो आपसे बड़ा देशद्रोही कोई नहीं हो सकता!

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