अखिलेश यादव (पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)-
वरिष्ठ पत्रकार श्री अमित तिवारी जी का आकस्मिक निधन समाचार जगत् के साथ-साथ हम सबके लिए एक स्तब्धकारी दुखद समाचार है। श्रद्धांजलि!
असामयिक मृत्यु सदैव ये प्रश्न उठाती है कि व्यक्ति के जाने के बाद उस पर आश्रित ज़िम्मेदारियों की पूर्ति कैसे होगी। एक सच्चा पत्रकार जीवन भर अपनी बुनियादी ज़रूरतों के लिए संघर्ष करता है और लोकतंत्र को बचाने के लिए अपना पूरा जीवन दांव पर लगा देता है। वो अपने मूल्यों और सिद्धांतों से समझौता न करके, हर दबाव झेलता है लेकिन कभी-कभी हालात हावी हो जाते हैं।
इसीलिए पत्रकारों को ‘लोकतंत्र के वैचारिक सेनानी’ के रूप में मान-सम्मान और सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए, जिससे वे जीवन भर अपने दायित्वों का निष्पक्ष निर्वहन कर सकें और हर घात-आघात को सह सकें व उनके परिवार-परिजन सदैव ससम्मान जीवनयापन कर सकें।
ज्योतिरादित्य सिंधिया (केंद्रीय मंत्री, भारत सरकार)-
वरिष्ठ पत्रकार अमित तिवारी जी के आकस्मिक निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उनका असमय निधन मीडिया जगत के लिए बड़ी क्षति है।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।
शिवराज सिंह चौहान (केंद्रीय मंत्री, भारत सरकार)-
वरिष्ठ पत्रकार श्री अमित तिवारी जी के आकस्मिक निधन का समाचार हृदय को व्यथित करने वाला है। मध्यप्रदेश के सागर जिले के छोटे से गाँव से निकलकर उन्होंने पत्रकारिता में अपना प्रतिष्ठित मुकाम बनाया और सदैव जन सरोकारवादी पत्रकारिता को प्राथमिकता दी।
उनका जाना मीडिया जगत के लिए गहन क्षति है। दुःख की इस विकट परिस्थिति में मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। ॐ शांति।



