जनविरोधी है सचिवालय प्रवेश व्यवस्था, बदलने को प्रत्यावेदन

लखनऊ : आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने सचिवालय प्रवेश की वर्तमान व्यवस्था को पूरी तरह जनविरोधी, अव्यवहारिक और अनुचित बताते हुए इसे बदले जाने की मांग की है.

ये दोनों आज अपनी सुरक्षा और फर्जी मुकदमों से बचाव के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने एनेक्सी गए थे, जहां उन्होंने देखा कि दूर-दूर से तमाम लोग अपनी फ़रियाद ले कर आये थे पर अन्दर के किसी अधिकारी द्वारा नहीं बुलाये जाने के कारण उनका प्रवेश पास नहीं बन रहा था.

इसी प्रकार मुज़फ्फरनगर दंगों की जांच कर रहे पुलिस इंस्पेक्टर धर्मपाल त्यागी और राम प्रताप सिंह, जिन्हें जे पी सिंह, विशेष सचिव गृह ने बुलाया था, सहित तमाम कर्मचारी भी अन्दर से किसी के नहीं बुलाये जाने के कारण परेशान घूम रहे थे.

इन दोनों को भी मुख्यमंत्री से मिलने के लिए पास नहीं मिला. अमिताभ और नूतन से प्रमुख सचिव, सचिवालय प्रशासन को पत्र लिख कर कहा है कि व्यवस्था पूरी तरह से दूषित है क्योंकि इससे आम आदमी को अकारण सचिवालय में जाने से रोका जा रहा है, साथ ही इससे सुरक्षा का कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा है कि यदि 15 दिन में जरुरी परिवर्तन नहीं हुए तो वे इसे कोर्ट में चुनौती देंगे.  

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ अवैध खनन के परिवाद के बाद लगातार प्रताड़ित किये जाने और फर्जी मुकदमे में फंसाए जाने के सम्बन्ध में आज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात करने का पूरा प्रयास किया लेकिन सचिवालय गेट पर उन्हें रोक देने के कारण उनकी मुलाक़ात नहीं हो सकी.  

लिहाजा उन्होंने गेट पर ही अपना प्रार्थनापत्र देते हुए मुख्यमंत्री से मुलाकात हेतु समय देने का दुबारा अनुरोध किया.

प्रार्थनापत्र में श्री ठाकुर ने कहा है कि दिसंबर 2014 में यह परिवाद दायर करने के बाद उन दोनों को पहले मुक़दमा उठाने की धमकी मिली, फिर पूरी तरह फर्जी बलात्कार के दो आरोप लगाए गए और अब  उनकी पत्नी पर एक गवाह को उस समय पीटने, शर्त फाड़ने और घडी तोड़ने का फर्जी आरोप लगाया गया है जब वह लोकायुक्त के सामने बैठी थीं.

अतः स्वयं को पूरी तरह आशंकित बताते हुए उनसे साथ कोई अनहोनी या किसी झूठे मुकदमे में फंसाने के प्रयास की बात कहते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री से शीघ्र समय देने का अनुरोध किया है.

समाचार अंग्रेजी में पढ़ें –

Calling the present Secretariat entrance system anti-people, impractical and improper, IPS officer Amitabh Thakur and social activist Dr Nutan Thakur have sought its immediate change.

The two had gone to Secretariat Annexe to meet CM Akhilesh Yadav to pray for their security and to be saved from false criminal cases., where they saw large number of applicants from all over the State being denied entry pass because no officer from inside was asking them to be send inside.

Similarly Police Inspector Dharmpal Tyagi and Ram Pratap Singh, investigating Muzaffarnagar riots cases and called by Special Secretary Home J P Singh for issuing certain directions, along with many other government servants had to wait for hours because of not being called from inside.

The two also did not get pass to meet the CM. Amitabh and Nutan have written to Principal Secretary, Secretariat Administration saying that the present pass system is completely fallacious because here common men are being denied permission to go inside, while it has nothing to with security concern. They said that if the system is not changed within 15 days, they will challenge it in the Court.

IPS officer Amitabh Thakur and his wife social activist Dr Nutan Thakur, who have alleged alleged Mining Minister Gayatri Prasad Prajapati of harassing them, after her complaint of illegal mining against him today went to Secretariat to meet the Chief Minister Akhilesh Yadav but were not stopped at Secretariat gate and not permitted to meet.

Hence they gave the application on the gate itself seeking another time to meet Sri Yadav.

The application says that after filing of complaint in December 2014, they first got threat to take back the case, then were implicated in completely false rape cases and now another false case of his wife beating a witness at the time when she was sitting with Lokayukta has come up.

Hence calling themselves apprehensive of their safety and fear of getting implicated in any false case they have sought time to meet the Chief Minister.

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Comments on “जनविरोधी है सचिवालय प्रवेश व्यवस्था, बदलने को प्रत्यावेदन

  • Yogendra singh says:

    लोकतंन्तत्र का मतलब यही है सरकार के हर
    विभाग तक सुगमता से पहुंचा जा सके.सुरक्षा
    का मतलब यह है कि आई डी प्रूफ फोटो से सरल
    विधि से सचिवालय प्रवेश पत्र बनना चाहिए.सर्च
    कर अन्दर जाने में कोई असुरक्षा कैसे होगी

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