जालंधर- पंजाब केसरी समूह के पीछे भगवंत मान सरकार हाथ धोकर पीछे पड़ गई है। समूह के संस्थानों पर दनादन छापों के बाद अब ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टरों अविनाश चोपड़ा, अमित चोपड़ा और एक प्रेस कर्मचारी के खिलाफ जालंधर में दो अलग-अलग आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं। ये मुकदमे पंजाब सरकार की आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में दर्ज किए गए हैं। दर्ज मामलों में भारतीय दंड संहिता की धारा 221, 132 और 272 के तहत कार्रवाई की गई है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, पहला मामला जालंधर देहाती पुलिस द्वारा थाना मकसूदां में दर्ज किया गया। यह केस पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जॉइंट हेड बॉर्डर सिंह के बयानों के आधार पर दर्ज हुआ है। इस मामले में पंजाब केसरी ग्रुप के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर अविनाश चोपड़ा और प्रेस कर्मचारी ऋषभ सोही को नामजद किया गया है।
वहीं दूसरा मामला जालंधर कमिश्नरेट पुलिस द्वारा थाना न्यू बारादरी में दर्ज किया गया। यह केस पंजाब केसरी ग्रुप के होटल पार्क प्लाजा में कुछ दिन पहले एक्साइज विभाग द्वारा की गई रेड के संबंध में एक्साइज विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर के बयानों पर दर्ज किया गया है। इस केस में ग्रुप के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर अविनाश चोपड़ा और अमित चोपड़ा को नामजद किया गया है। यह मुकदमा एक्साइज एक्ट की धारा 61/1/14 के तहत दर्ज किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों ही मुकदमे 15 जनवरी की रात करीब 12 बजे आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार के निर्देश पर दर्ज किए गए। हैरानी की बात यह बताई जा रही है कि एफआईआर को ऑनलाइन सिस्टम (सीसीटीएनएस) में छिपा दिया गया, जिससे इसकी सार्वजनिक जानकारी सामने न आ सके।
खबर में यह भी उल्लेख किया गया है कि जिन दोनों मामलों में अविनाश चोपड़ा और अमित चोपड़ा को नामजद किया गया है, उस समय वे संबंधित परिसरों में मौजूद नहीं थे। इसके बावजूद एफआईआर में उन्हें आरोपी बनाया गया है।
अखबार प्रबंधन और पत्रकार संगठनों का आरोप है कि एफआईआर का इस्तेमाल मीडिया को दबाने और डराने के लिए किया जा रहा है। उनका कहना है कि सरकार एफआईआर जैसे संवैधानिक औजारों का दुरुपयोग कर स्वतंत्र पत्रकारिता पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।
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