नई दिल्ली। कोबरापोस्ट ने अपनी जांच रिपोर्ट “It Takes Two to Tango” में कमला पसंद समूह से जुड़े चौरेसिया परिवार की एक लिमिटेड लाइबिलिटी पार्टनरशिप (LLP) और DLF समूह के बीच हुए कथित वित्तीय लेनदेन को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, चौरेसिया परिवार के तीन सदस्यों द्वारा गठित एक LLP ने कथित तौर पर DLF की परियोजना में प्लॉट खरीदने के लिए ₹10 करोड़ की अग्रिम राशि जमा की थी। लेकिन बाद में बिना किसी रजिस्टर्ड बिक्री विलेख (Sale Deed) और बिना संपत्ति का स्वामित्व हस्तांतरित हुए, DLF समूह की पांच कंपनियों ने इस LLP को ₹52.45 करोड़ का “कम्पेन्सेशन” दिया।
कोबरापोस्ट ने दावा किया है कि संबंधित LLP कमला पसंद समूह से जुड़े चौरेसिया परिवार के तीन सदस्यों द्वारा बनाई गई थी। रिपोर्ट में विभिन्न कॉर्पोरेट रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा गया है कि इस भुगतान की संरचना सामान्य रियल एस्टेट लेनदेन से अलग दिखाई देती है।
जांच रिपोर्ट में यह आरोप भी लगाया गया है कि बाद में DLF समूह की संबंधित पांच कंपनियों के खातों में इस भुगतान को “Professional Fees” के रूप में दर्ज किया गया और बाद में इन इकाइयों को कॉर्पोरेट ढांचे से समाप्त कर दिया गया।
कोबरापोस्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए अपनी पूरी रिपोर्ट, दस्तावेज और वीडियो सार्वजनिक किए हैं।
हालांकि, रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। समाचार लिखे जाने तक DLF Limited या कमला पसंद समूह/चौरेसिया परिवार की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में इन दावों को फिलहाल कोबरापोस्ट की जांच रिपोर्ट में किए गए आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। यदि संबंधित पक्ष अपना स्पष्टीकरण जारी करते हैं, तो उसे भी प्रकाशित किया जाना चाहिए।
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