संघी पत्रकार और सांसद रहे बलबीर पुंज के इस ट्वीट पर हो रही उनकी आलोचना!

Ashok Kumar Pandey : ये बलबीर पुंज हैं। दो बार राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं। सारी उमर संघ के लिए अख़बारों में दो कौड़ी के लेख लिखे हैं। कह रहे हैं कि जो हज़ारो मज़दूर सड़कों पर मीलों चल रहे हैं वे असल में छुट्टी मनाने घर जाना चाहते हैं! अगर आपको लगता है संघी सिर्फ़ मुसलमानों का दुश्मन है तो नोट कर लीजिए वह सिर्फ़ अमीरों का प्रवक्ता है। बाक़ी सब उसके लिए कीड़े-मकौड़े हैं।

Sanjaya Kumar Singh : बलबीर पुंज सरकार के प्रचारकों में एक हैं। वे इस ट्वीट में कह रहे हैं – प्रवासी दिल्ली क्यों छोड़ रहे हैं? पैसे या भोजन के लिए? नहीं। गांव में / घर पर पैसा / नौकरी उनका इंतजार नहीं कर रहा है। यह जबरदस्ती की ‘छुट्टी’ का उपयोग करने या परिवार के साथ रहने या घर के काम करने के लिए है। स्थिति की गंभीरता उन्हें समझ नहीं आई है।

मेरा सवाल है कि अगर बलबीर पुंज की बात मान भी ली जाए तो स्थिति की गंभीरता समझाना किसका काम है और क्या इसका नुकसान सिर्फ उन्हें है? हालांकि सिर्फ उन्हें भी हो तो सरकार लापरवाह नहीं रह सकती। सच यह है कि स्थिति तब और गंभीर होगी तथा सरकार को इसे रोकने और उससे पहले ऐसा नहीं होता इसका इंतजाम करना चाहिए था और प्रचारक के रूप में वे भी यह काम पहले से कर सकते थे। या तो किया नहीं या उसका पर्याप्त असर नहीं हुआ तो अब सच स्वीकारने (जो यह नहीं है) की बजाय सरकार का बचाव कर रहे हैं।

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Comments on “संघी पत्रकार और सांसद रहे बलबीर पुंज के इस ट्वीट पर हो रही उनकी आलोचना!

  • Bhavi menaria says:

    Pandey ji kyu sangh vaalon ko musalman bhaiyon ka dushman bata rahe he. Aap kisi ke lekh ko do kodi ka kaise bata sakte he. Isse aapke man me jo nafrat he to vo jhalkti he ye sahi nahi he. Sanjay ji ke sawal hakikat he to aapke vyakti vishesh ki aalochna ke.

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  • Sir,
    Please note that if they die in their home with their family, they might get enough shoulders for last journey BUT here they feel that they will die in hunger. Since you are blessed by almighty & have secured luxury at a length HENCE you can comment on it in such heartless manner. KIndly reply:

    a. If adequate help (food, water, shelter & medicine/only bare minimum) was being provided/ensured by the Govt.. ?

    b. Have you helped any single individual from these destitute ? Did you provide food/shelter to any single such soul.

    c. Dont spray salt on the wounds of these novoices to gain numbers in the eyes of your masters.

    Reply
  • भारत गोयल says:

    संघ के प्रति इतनी नफरत, भाई सोचने वाली बात है। लगता है कुछ पिछली कहानी है इस कुढ़न की। खैर रब राखा

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