‘बलिया में पोर्टल वाले पिटे’ खबर का दूसरा पक्ष जानें, जागरण-हिंदुस्तान के दलाल पत्रकारों का सच जानें

सेवा में

यशवंत जी

नमस्कार

आप द्वारा प्रकाशित एक समाचार बलिया में ब्लैकमेलिंग में पिटे गए पोर्टल वाले का अवलोकन किया। समाचार पढ़कर आपका थोडा कष्ट हुआ। मालूम नही किस कारण से मगर आप जैसी निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाला पत्रकार एकपक्षीय समाचार लिख कर प्रकाशित किया ये समझ से बाहर रहा। वास्तु स्थिति से आपको अवगत करवा देते है। जिससे दोनों पक्षों की बाते आपके संज्ञान में रहे।

घटना कुछ इस प्रकार है कि बलिया जनपद के बेल्थरा रोड के स्वमभू बड़े मीडिया हाउस यानी दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान के लोगो की कमाई मेरी टीम के निष्पक्ष पत्रकारिता से बंद हो चुकी है। इस दरमियान सरकारी नाले पर एक अवैध निर्माण कर सरकारी धन का दुरूपयोग करने वाले क्षेत्र के चेयरमैन का विरोध करना एक स्थानीय वरिष्ठ पत्रकार जय प्रकाश बरनवाल जो जन्संदेश टाइम्स के लिए काम करते है को भारी पड़ा और उनके खिलाफ षड़यंत्र के तहत कई आरोप लगने लगे। मैंने इस वरिष्ठ और वृद्ध पत्रकार का समर्थन किया और चेयरमैन के चमचो के तौर पर काम करने वाले हिंदुस्तान और दैनिक जागरण के पत्रकारों के खेल को फेल कर डाला और दोनों पक्षों के बयानों से सम्बंधित समाचार चलाया था जिसमे चेयरमैन का बयान, आरोप लगाने वाले भाजपा नेता का बयान और सभी आरोपों पर जय प्रकाश बरनवाल पत्रकार का बयान एक साथ प्रकाशित किया था। जिसको आप देख सकते है।

बलिया – नगर पंचायत बेल्थरारोड में शुरू हुआ आरोप प्रत्यारोप का दौर

इसी दरमियान बेल्थरा रोड तहसील के अंतर्गत एक प्राइवेट अस्पताल का संज्ञान मुझको आया जो एक सरकारी डाक्टर के द्वारा संचालित किया जाता है। डॉ फैज़ुर्रह्मान पास के ही 25 किलोमीटर दूर रतनपुरा ब्लाक के सरकारी अस्पताल में पोस्टेड है। डाक्टर सरकारी तनख्वाह लेते हुवे प्राइवेट प्रेक्टिस करता रहता है। अस्पताल तक नही जाता है। स्थानीय दैनिक जागरण के और हिंदुस्तान के पत्रकारो की रकम बंधी हुई है जो उनको हर महीने मिलती है और आराम से डॉक्टर के द्वारा प्राइवेट प्रैक्टिस चलती रहती है।

समाचार मेरे संज्ञान में आने के बाद पिछले हफ्ते मैं खुद वहा गया और समाचार संकलन किया तथा समाचार को प्रकाशित किया। यहाँ से मेरी टीम डॉक्टर के तो नहीं बल्कि उसके हिन्दुस्तान और दैनिक जागरण के पेड पत्रकारों के रडार पर आ गया।

देखें संबंधित वीडियो- सरकार दे तनख्वाह, डॉक्टर साहब चलाये अपना प्राइवेट अस्पताल

इसी दरमियान मुझको जानकारी मिली कि डॉ० फैज़ुर्रह्मान के द्वारा सरकारी आपूर्ति की दवाये और आक्सीज़न सिलेंडर का भी प्रयोग अपने प्राइवेट अस्पताल में किया जाता है। मैं इसकी खबर बनाने दुबारा वहा गया। जहा पर मेरी रेकी जागरण के पत्रकार विजय मध्वेशिया ने डॉ फैज़ुर्रह्मान को कर दिया। इसके बाद डॉ फैज़ुर्रह्मान मुझको पहचान गया तथा मुझे उसने शालीनता से बात करना शुरू कर दिया। इस दरमियान मेरे दो अन्य पत्रकारो के साथ बाहर मारपीट शुरू कर दिया गया। डॉ के गुर्गो ने मेरे पत्रकारों को बंधक बना लिया गया। उनके मोबाइल छीन लिए गए। पुलिस को मैंने बुलवाया और पुलिस ने मौके पर स्थिति को संभाला।

अब आप स्थिति को समझ सकते है। खुद फैसला करे मैंने दलाल पत्रकारों के खिलाफ जो किया वो गलत किया तो आपका समाचार एकदम सही है। अगर मैंने सही किया है तो फिर मेरे साथ आपके समाचार ने अन्याय किया है। अपने सबंधित
समाचारों का लिंक भी मैंने लगा दिया है।

तारिक आज़मी
सम्पादक
PNN24 NEWS
azami.tariq@gmail.com

संबंधित खबर-

बलिया में ब्लैकमेलिंग में पिट गए पोर्टल वाले

भड़ास की खबरें व्हाट्सअप पर पाएं
  • भड़ास तक कोई भी खबर पहुंचाने के लिए इस मेल का इस्तेमाल करें- bhadas4media@gmail.com

Comments on “‘बलिया में पोर्टल वाले पिटे’ खबर का दूसरा पक्ष जानें, जागरण-हिंदुस्तान के दलाल पत्रकारों का सच जानें

  • Rohit kumar bharati says:

    आपने सही किया है क्योंकि दलालों के चुंगुल में फँस गया है मेरा देश और ऐसे पत्रकार लोगों के चलते एवं चाटुकर्ता के कारण आज देश के चौथा स्तंभ का अस्तित्व गिरते हुए नजर आ रहा है ।।

    Am sorry..

    Reply
  • संजय कुमार says:

    ये तारिक आजमी पूरे प्रदेश में घूम घूम कर पीएनएन पोर्टल के नाम पर भोले भाले लोगों से पैसे वसूलता है। कई और रोग है इसे। बलिया में एक होटल में पकडा जा चुका है, कानपुर से भी इन्‍हीं चक्‍करों में खदेड़ा जा चुका है। एक नम्‍बर का फेंकू और लम्‍पट आदमी है। ऐसे लोग पत्रकार‍िता के नाम पर कलंक हैं।

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *