भास्कर और हिंदुस्तान अखबार का प्रबंधन मजीठिया न देने के लिए अब भी कर्मचारियों के साथ कर रहा अन्याय

दिल्ली के हिन्दुस्तान अखबार की एक कारगुजारी. खबर ये है कि आजकल हिन्दुस्तान अखबार मजीठिया वेज बोर्ड न देने के तमाम हथकंडे अपनाने में लगा है। सुना है कि आजकल इसने अपने यहां काम करने वाले डेस्क कर्मचारियों को 2-2, 4-4 करके बुलाकर आनलाइन में बदलने को पेपर साइन कराना शुरू कर दिया है। ये बहुत ही शर्म की बात है। देश में प्रिंट मीडिया के तमाम लोगों के लिए घोर अन्याय की बात है। दुखद पहलू ये है कि इसमें मैनेजमेंट खुले दिल से जुट गया लगता है। अब तो ईश्वर जाने कि यहां किसी को न्याय मिलेगा भी या नहीं क्योंकि ये  हिन्दुस्तान दिल्ली समाचार पत्र उच्चतम न्यायालय को तो कुछ भी नहीं मानता।

उधर, मंगलवार के दिन पंजाब के पठानकोट, बटाला, गुरुदासपुर के दैनिक भास्कर के आफिसों में कई कर्मचारियों से मजीठिया को लेकर जबरन कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए. प्रबंधन की इस हरकत से मीडियाकर्मी नाराज हैं लेकिन नौकरी जाने के डर से कोई कुछ नहीं बोला और सभी ने दस्तखत कर दिए.

उपरोक्त दोनों सूचनाएं भड़ास के पास कुछ भरोसेमंद पत्रकार साथियों द्वारा भेजे गए पत्रों पर आधारित है. आपको भी कुछ कहना-बताना है तो bhadas4media@gmail.com पर मेल करें.



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Comments on “भास्कर और हिंदुस्तान अखबार का प्रबंधन मजीठिया न देने के लिए अब भी कर्मचारियों के साथ कर रहा अन्याय

  • anil kumar verma says:

    majithiya reportaro k liye sougat se kam nahi hai. 1 baar sabhi saathiyo ko noukari jaane ka dar chodna hoga. is baat ka dhyan rakhkar k jo pratispardha akhbaaro me chal rahi hai uske liye sabhi ko reportar to chahiye hi. sabhi 1jut hokar 1 disha me jayenge to laabh jaroor milega.

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  • Kashinath Matale says:

    Yeh Koun Dekhega ki kiske din Achhe aanewale hai
    Newsn paper ke kamchariyonko majitia wage board ke proper implementation ke liye ladhna pad raha hai. Kahi bhi UNIFORMITY nahi hai.

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  • Hemant Sharma says:

    सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवमानना के खिलाफ भी सुप्रीम कोर्ट इन अखबार मालिकों को सजा नहीं देगा। क्या दैनिक भास्कर , अमर उजाला, जागरण, हिंदुस्थान, राजस्थान पत्रिका जैसे समाचार पत्र मालिक सुप्रीम कोर्ट से भी भी बढे हो गए।

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