दैनिक भास्कर के लखनऊ और नोएडा संस्करण में वित्त संकट, डिप्टी एडीटर समेत 4 हटाए गए

नोएडा। दैनिक भास्कर के नोएडा और लखनऊ संस्करण के बुरे दिन शुरू हो गए। दैनिक भास्कर के लखनऊ और नोएडा संस्करण की छपाई का का लगभग 12 लाख से भी अधिक का बकाया चल रहा है जो इंडियन एक्सप्रैस को देना है। आर्थिक संकट से जूझ रहे दैनिक भास्कर के प्रबंधकों ने एक ही झटके में संपादकीय विभाग के तीन और ग्राफिक डिजाईन विभाग के एक कर्मचारी को नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

जिन लोगो को हटाया गया है उनमें डिप्टी एडीटर न्यूज राम आशीष गोस्वामी- मुख्य उपसंपादक अनीस उपाध्याय- उपसंपादक अंजेस तथा ग्राफिक डिजाईनर सुभाष का नाम शामिल है। प्रबंधको ने खर्चा कम करने के लिए लखनउ और नोएडा संस्करण के पेज बनाने का काम नोएडा में 1 मार्च 2018 से शुरू किया था।

पहले अखबार के दोनो संस्करणों के पेज तैयार करने का ठेका नोएडा से ही प्रकाशित दैनिक देशबन्धु को सौंपा गया था। भास्कर के प्रबंधको का यह हास्यपद फैसला केवल दो माह ही चल सका। इस दौरान देशबन्धु के पेज बिना आल्टर किए हुए भास्कर में छप गए थे। जिस में खबरों पर देशबन्धु का नाम साफ लिखा हुआ है।

बाद में 1 मई से भास्कर का कार्यालय प्रधान संपादक दीपक द्विवेदी के निवास स्थान मकान नं 94 सैक्टर 28 नोएडा स्थांत्रित कर दिया गया। यह पता अखबार की प्रिंट लाईन पर भी प्रतिदिन प्रकाशन केन्द्र के रूप में प्रकाशित होता है। हटाए गए सभी लोग 1 मई से ही नियुक्त किए गए थे। इन्हें कोई नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया और 2 माह के अन्दर ही यहां छटनी का काम भी शुरू हो गया। अखबार का काम संपादक के निवास स्थान पर क्यों चल रहा है जबकि यह क्षेत्र आवासीय है। इस संबन्ध में नोएडा विकास प्राधिकरण से भी शिकायत की गई है।

सूत्रों की मानें तो अभी कुछ ओर लोगो को भी प्रबंधन हटाने की योजना तैयार कर रहा है। दैनिक भास्कर के मूल मालिक संजय अग्रवाल ने भास्कर के लखनऊ और नोएडा संस्करण को 20 साल की लीज पर 12 लाख रुपए प्रति माह लीज रैंट पर मनुश्री क्रिएशंस प्राईवेट लिमिटेड को दिया था। 12 लाख रूपए हर माह भुगतान मनुश्री के लिए गले की फांस बन गया है।

पिछले माह बड़ी मुश्किल से 12 लाख की राशि का भुगतान येन केन करके किया था। हर माह की 28 तारीख को यह भुगतान करना लाजमी है। यदि यह भुगतान इस बार समय पर नही हुआ तो श्री अग्रवाल इस लीज को समाप्त कर सकते है। दंड स्वरूप सवा सौ करोड रूपए भी वसूलने के लिए मनुश्री के प्रबंधको से हकदार हो जाएंगे।

अखबार में विज्ञापन लगभग समाप्त हो चुका है और परदे के पीछे काम कर रहे फाईनेन्सर उद्योगपति ने भी अपने हाथ खींच लिए है। इस कारण मनुश्री क्रिएशंस के चेयरमैन व भास्कर के प्रधान संपादक दीपक द्विवेदी की रातों की नींद उड गई है। फिलहाल दैनिक भास्कर का खजाना इस समय खाली है और 28 जुलाई को फिर लीज रैंट 12 लाख का भुगतान श्री संजय अग्रवाल को करना लाजमी है, नहीं तो लीज एग्रीमैन्ट की शर्तों के मुताबिक यह लीज स्वतः ही अपने आप समाप्त हो जाएगी।

पड़ताल के बाद यह भी पता चला है कि अब दैनिक भास्कर के प्रबंधकों ने अपने रिपोर्टरो पर दबाव बनाने के लिए उन्हें एक सादे कागज पर प्रकाशक व मुद्रक ललन मिश्रा के हस्ताक्षर से एक नोटिस जारी किया है कि वे जल्द से जल्द सरकारी व प्राईवेट विज्ञापनों का भुगतान नोएडा कार्यालय में जमा करा दें नहीं तो उनके खिलाफ विधिक कार्यवाही की जाएगी।

किसी भी रिपोर्टर को आज तक उन्हें खर्चे और मानदेय या तय की गई सैलरी का भुगतान ही नहीं किया, उल्टा उन्हें कानूनी कार्यवाही की धमकी दे रहे हैं। संवाददाताओं को दिए गए इस नोटिस की छाया प्रति भी भड़ास के पास मौजूद है। पिछले दिनों नोएडा कार्यालय में 10 जुलाई को अपकन्ट्री के सभी रिपोर्टरो की एक मीटिंग इसी सिलसिले में भास्कर के संपादक ज्ञानेन्द्र पाण्डेय ने प्रधान संपादक दीपक द्विवेदी के निर्देश का हवाला देकर बुलाई थी।

संवाददाताओं का कहना है कि पहले उनका बकाया भुगतान किया जाए और उसके बाद वे किसी मीटिंग में आएंगे। सूत्रों की मानें तो ये संवाददाता प्रबंधकों की तानाशाही के खिलाफ लेबर कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की योजना बना रहे हैं। बहरहाल दैनिक भास्कर का नोएडा और लखनऊ संस्करण इस समय वित्तीय संकट के दौर से गुजर रहा है। दोनों संस्करण की प्रतियां भी प्रतीकात्मक ही छापी जा रही है।

भड़ास के माध्यम से अपने मीडिया ब्रांड को प्रमोट करें. वेबसाइट / एप्प लिंक सहित आल पेज विज्ञापन अब मात्र दस हजार रुपये में, पूरे महीने भर के लिए. संपर्क करें- Whatsapp 7678515849 >>>जैसे ये विज्ञापन देखें, नए लांच हुए अंग्रेजी अखबार Sprouts का... (Ad Size 456x78)

भड़ास की खबरें व्हाट्सअप पर पाएं, क्लिक करें- Bhadas WhatsApp News Alert Service

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *