टेरर फंडिंग की आरोपी कंपनी ने BJP को करोड़ों दिया!

Ravish Kumar : क्या बीजेपी को उस कंपनी ने करोड़ों का चंदा दिया जो खुद टेरर फ़ंडिंग के आरोपों का सामना कर रही है? हाल ही में RKW developers Ltd के पूर्व निदेशक को ED ने गिरफ़्तार किया था। आरोप है कि इस कंपनी ने दाऊद इब्राहीम के साथ अपराधी रहे इक़बाल मिर्ची के साथ संपत्ति का सौदेबाज़ी की है। मिर्ची 1993 के बम धमाके का आरोपी है।

साहसी पत्रकार रोहिणी सिंह की नई रिपोर्ट कहती है कि ED जिस RKW की जाँच कर रही है कि उसका आतंकी लोगों से ताल्लुक़ है, उसी कंपनी ने बीजेपी को दस करोड़ का चंदा दिया है। किसी एक कंपनी ने दस करोड़ का चंदा नहीं दिया है सिवाय RKW के।

रोहिणी सिंह बताती हैं कि इस कंपनी से मिले चंदे की जानकारी बीजेपी ने चुनाव आयोग को दी है। लेकिन कंपनी क्या है, उसकी भूमिका क्या है इसकी जानकारी रोहिणी सिंह ने जनता को दी है। बीजेपी ने नहीं । अगर ED की जाँच में दम होता तो वह BJP के बहीखाते की जाँच पहले करती।

एक और कंपनी Sunblink Real Estate पर भी आरोप है कि इसने भी मिर्ची से प्रोपर्टी ख़रीदी। इसी कंपनी के निदेशकों का एक और कंपनी से नाता है जिसकी जाँच ED कर रही है। इस कंपनी ने भी बीजेपी को 2014-15 में 2 करोड़ का चेक दिया है।

महाराष्ट्र चुनावों में जब टेरर फ़ंडिंग के आरोप में ED ने RKW पर छापे मारे तो कई चैनलों पर डिबेट होता था। विपक्ष को घेरने के लिए मगर इस रिपोर्ट से पता चल रहा है कि कहानी कुछ और है।

रोहिणी सिंह की इस रिपोर्ट को जनता तक पहुँचने नहीं दिया जाएगा। देखते हैं बीजेपी क्या सफ़ाई देती है।

वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार की एफबी वॉल से.


Girish Malviya : खुलासा हुआ है कि बीजेपी ने एक ऐसी कम्पनी (RKW) से चन्दा लिया है जो जिसकी जाँच ईडी आतंकी फंडिंग के सिलसिले में कर रही है. 1993 मुंबई बम धमाकों के आरोपी इकबाल मेमन उर्फ इकबाल मिर्ची से संपत्ति खरीदने और लेनदेन के मामले में ईडी इस कंपनी की जांच कर रही है. यह बात आज वायर की एक्सक्लुसिव रिपोर्ट में सामने आई है.

यह रिपोर्ट लिखी है रोहिणी सिह ने, जिन्होंने अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी से जुड़ी रिपोर्ट लिखी थी. यह वही रोहिणी सिंह है जिन्होंने UPA के समय रॉबर्ट वाड्रा के जमीन घोटालों की खबर भी ब्रेक की थी. रोहिणी सिंह कहती है ‘जब रॉबर्ट वाड्रा वाली ख़बर की थी तब इन्हीं भाजपा नेताओं ने तारीफ़ करते हुए कहा था कि आपने बहुत बहादुरी का काम किया है. क्या आज भाजपा नेता उनकी तारीफ में दो शब्द कहेंगे?’

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भाजपा को 2014-2015 में आरकेडब्ल्यू ने 10 करोड़ रुपये का चंदा दिया था. यह कंपनी दिवालिया हो चुकी दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) से जुड़ी हुई है. खास बात यह है कि 2019 के आम चुनाव के पहले कोबरापोस्ट ने बकायदा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुलासा किया था कि DHFL का कई संदिग्ध कंपनियों से सम्बंध है अब यह बात सिद्ध हो गई है

वायर की रिपोर्ट कहती है कि किसी भी अन्य कंपनी ने भाजपा को इतनी धनराशि नहीं दी है, जितनी आरकेडब्ल्यू ने दी है. क्योकि अब इस तरह के बड़े चंदे इलेक्टोरल बांड के रूप में ट्रस्ट देते रहे हैं

इतना ही नही बीजेपी को मिलने वाले चंदे का सनब्लिंक रियल एस्टेट से भी संबंध निकल कर सामने आया है ईडी ने अपनी जांच के बाद इकबाल मिर्ची की संपत्तियां खरीदने के लिए कंपनी सनब्लिंक रियल एस्टेट को आरोपी ठहराया हैं सनब्लिंक रियल एस्टेट साझा डायरेक्टरशिप के जरिए एक अन्य कंपनी से जुड़ी है, जिसने भी भाजपा को दो करोड़ रुपये का चंदा दिया है.

जब महाराष्ट्र चुनाव के ठीक पहले ईडी ने इकबाल मिर्ची, एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल के स्वामित्व वाली कंपनी मिल्लेनियम डेवलपर्स और सनब्लिंक के बीच कथित संपत्ति लेनदेन की जांच की थी, तब टाइम्स ऑफ इंडिया में एक रिपोर्ट छपी थी जिसमे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हवाले से यह कहा गया था कि इकबाल मिर्ची के साथ कंपनियों के सौदे राजद्रोह से कम नहीं थे. तो ऐसे में जब इन्ही कंपनियों से अब भाजपा का संबंध सामने आ गया है तो क्या अमित शाह अपनी पार्टी को भी राजद्रोह का आरोपी बताएंगे.

इंदौर के आर्थिक मामलों के विश्लेषक गिरीश मालवीय की एफबी वॉल से.

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