फेक पत्रकारिता के पुरोधा ‘जी न्यूज’ को आखिरकार घुटने टेकने पड़े, देखें माफीनामा

Kumud Singh : ये है भाजपा सांसद सुभाष चंद्रा का जी न्यू्ज.. दंगा फैलाकर भारतीयों की हत्या करने की साजिश का जैसे ही खुलासा हुआ, माफीनाम चला दिया…

Vikash Rishi : यदि आपको या आपके किसी जूनियर को पत्रकारिता का मूल नियम “नंबर एंड साइज” के सिद्धांत का भी ज्ञान नहीं है तो पत्रकारिता के किसी इंटर्न से भी इसकी क्लास ले सकते हैं। बाक़ी ये कोई मानवीय भूल नहीं बल्कि शैतानी/मानवीय अपराध है जिसे न जाने आप कितनी बार बड़ी बेशर्मी से कर चुके हैं।

PraShant SiNgh : जब गलती की हो तो माफी मांगने में कोई गुरेज नहीं करना चाहिए, लेकिन ये माफी मुझे ठीक वैसे ही लगती है, जैसे इंदौर के टाट पट्टी बाखल में डॉक्टरों पर पथराव के बाद दैनिक भास्कर में एक माफीनामा लिखा गया. और कुछ रोज बाद उसी माफीनामा समुदाय के लोगों ने चंदननगर में दोबारा पथराव किया. सब मिलाकर किसी के माफीनामे और खबर पर आँखमुंद कर भरोसा मत कीजिए. कब, कौन और कहां घातक हो सकता है, इसका जवाब ढूंढना फिलहाल के लिए बड़ा मुश्किल है. एक फर्जी खबर किसी बारूद के ढेर पर चिंगारी का काम करती है!

Ashish Sagar : नफरत फैलाने के बाद इन्हें खेद हैं…. अबे बिना सूत्र जानकारी के खबरी दुकान क्यों चलाते हो? अपडेट रहोगे तो सरकार और टीआरपी दोनों का फायदा होगा…. डेटाबेस सही होने पर दावा करते छी जीन्यूज़.. वैसे, कहा यही जाता है कि झूठ तेजी से फैलता है बनिस्बत उसकी सफाई में बोला गया सच या माफीनामा।

Saleem Akhter Siddiqui : चलो, कुछ तो शर्म आई इस को। इन्हें एक्सपोज करना बेहद जरूरी है। पूरे गोदी मीडिया ने फेक न्यूज की फैक्टरी चला रखी है।

A N Shibli : तुम्हारे तो इतने पाप है कि तुम्हारी पूरी जिंदगी माफी मांगते मांगते खत्म हो जाएगी..

Kalim Ajeem : ऐतिहासिक तस्वीर है। चलो गलती पहली बार ही क्यों न हो मांग ली है..

Parwez Alam : फेक न्यूज में एक और कीर्तिमान स्थापित किया…

Maaz Khan : यह किसी के लिए मात्र एक गलती हो सकती है लेकिन इसका परिणाम बहुत ही भयावह देखने को मिल रहा है।

Subhash Chandra Kushwaha : इस देशद्रोही चैनल को देखे, बरसों गुजर गए। वैसे तो अब TV से मुक्त हो चुका हूं, फिर भी इसको देखना, आत्महत्या कर लेना है।

सौजन्य- फेसबुक

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Comments on “फेक पत्रकारिता के पुरोधा ‘जी न्यूज’ को आखिरकार घुटने टेकने पड़े, देखें माफीनामा

  • Aaj Tak bhi kam nahi, kuchh ilakon ki jagah pure zilon ko seal karne ki khabar chali thi ghanton tak up wale mamle me, panic ho gae the log, monga gand wala kissa bhi yaad hai aaj tak ka, sabhi paap ke bhagi hain, koi 1 nahi, karwai ho to sabhi par ho, jo pakda gaya wo chor, jo nahi wo sadhu

    Aur han ye comment hide mat karna farzi bhadaas walon

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  • इकरामुद्दीन says:

    और भी तो चैनल है। एबीपी आज तक, स्वराज,सुदर्शन आदि और उनके रूबिका ,अंजना,अरनब, सुधीर और सरदाना जैसे महान एंकर साहेबान। उनकी भी तो खबर ली जानी चाहिये। ये हमेशा मेरे भारत की अजीमोशान गंगा जमनी तहजीब को खत्म करने मे ऐडी चोटी का जोर लगाये रखते हैं।

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