चिदंबरम गिरफ्तार

दिनभर चले हाई वोल्टेज ड्रामे और लुका छिपी के बाद चिदंबरम गिरफ्तार… आईएनएक्स मीडिया केस में गिरफ्तारी से बचने के लिए लापता चल रहे पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम आखिरकार नाटकीय घटनाक्रम के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। सीबीआई की टीम ने उन्हें उनके दिल्ली के जोरबाग स्थित आवास से गिरफ्तार किया। इसके पहले बुधवार को दिनभर चले हाई वोल्टेज ड्रामे और लुका छिपी के बाद रात 8.15 बजे कांग्रेस मुख्यालय में पी. चिदंबरम अचानक प्रगट हुए और प्रेस कॉन्फ्रेस कर खुद को निर्दोष बताया, फिर वहां से अपने घर निकल गए। इसके बाद सीबीआई की टीम भी उनके घर पहुंची। दरवाजा न खुलने पर टीम ने दीवार फांदकर अंदर एंट्री ली और कुछ देर पूछताछ करने के बाद उन्हें हिरासत में लेकर अपने साथ ले गई। सीबीआई मुख्यालय में पूछताछ के बाद सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और गुरुवार को उनको सीबीआई कोर्ट में पेश करेगी।इसी मामले में उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को भी फरवरी, 2018 में 23 दिन के लिए जेल जाना पड़ा था।

सीबीआई की टीम ने काफी देर पी. चिदंबरम के घर का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब न मिलने के बाद अफसर दीवार फांदकर अंदर कूदे। पी. चिदंबरम के जोरबाग स्थित आवास पर करीब एक घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। एक तरफ सीबीआई उन्हें गिरफ्तार करने के लिए अंदर जाने की कोशिश में थी तो कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए सीबीआई का रास्ता रोक रहे थे। सीबीआई के अलावा ईडी की टीम भी पी. चिदंबरम के आवास पर पहुंची थी।

आईएनएक्स मीडिया केस में आरोपी पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम 27 घंटे बाद देश के सामने आए.।उन्होंने कांग्रेस दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि वो 24 घंटे कहां थे।चिदंबरम ने बताया कि उनको पूरे मामले में फंसाया गया।चिदंबरम ने बताया कि वो बुधवार रात से दस्तावेज तैयार कर रहे थे.।पी चिदंबरम ने कहा कि पिछले 24 घंटे में बहुत भ्रम फैलाया गया।पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि मामले में सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल नहीं की है। मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ कोई चार्जशीट नहीं है। मुझे और मेरे बेटे कार्ति को फंसाया गया है।किसी भी एफआईआर में मेरा नाम नहीं है।

मंगलवार को हाईकोर्ट ने चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की और उसके तुरंत बाद सीबीआई और ईडी की टीम चिदंबरम के घर पहुंची।चिदंबरम की तरफ से यही कहा गया कि वो सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट में आज सुबह रजिस्ट्रार के सामने केस फाइल करने के बाद चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल जब तीन नंबर की कोर्ट जस्टिस एनवी रमना के सामने पेश हुए तो उन्होंने केस देखने के बाद लिस्टिंग का हवाला देकर उसे चीफ जस्टिस के पास भेज दिया। चीफ जस्टिस चूंकि अयोध्या मामले की सुनवाई में व्यस्त थे इसलिए उन्होंने इस पर कोई फैसला नहीं लिया। इस बीच रजिस्ट्री विभाग ने याचिका में त्रुटि निकालकर उसे पेंडिंग में डाल दिया। लंच के बाद चिदंबरम के वकील एक बार फिर जब जस्टिस रमना के पास तत्काल सुनवाई के लिये पहुंचे तो उन्होंने याचिका में खामी का हवाला देकर मामले को टालना चाहा। लेकिन जब सिब्बल ने कहा कि उसको ठीक कर लिया गया है।तब जस्टिस रमन्ना ने इसकी पुष्टि के लिए रजिस्ट्रार को कोर्ट में तलब किया। रजिस्ट्रार ने भी उसके ठीक हो जाने की पुष्टि की। फिर भी जस्टिस रमन्ना ने याचिका की सुनवाई करने से इंकार कर दिया। और एक बार याचिका को प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाने की बात कहकर उसे चीफ जस्टिस के पास भेज दिया।

चिदंबरम की याचिका दिन भर रजिस्ट्री, कोर्ट नंबर तीन और कोर्ट नंबर एक के बीच घूमती रही और शाम तक अनिश्चितता रही कि उसकी कौन सुनवाई करेगा। देर शाम यह तय हुआ कि इस पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। जब चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली तो ईडी ने चिदंबरम के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया।इस बीच सीबीआई और ईडी की कैविएट दी कि उनकी सुने बिना इस मामले में कोई फैसला नहीं दिया जाए।बहरहाल 24 घंटे से भी ज़्यादा समय से लापता पी चिदंबरम आने अचानक कांग्रेस मुख्यालय में प्रगट होकर ,प्रेस को सम्बोधित कर सारे कयासों की हवा निकल दी।

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