चोर, बेइमान व धूर्त बिल्डर अनिल शर्मा और उसकी कंपनी आम्रपाली के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज

नोएडा : 88 लाख रुपये देने के बावजूद भी फ्लैट नहीं मिलने की शिकायत पर सेक्टर-58 पुलिस ने आम्रपाली बिल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है। पीड़ित ने ग्रेटर नोएडा के जीटा-1 में आम्रपाली ग्रैंड प्रॉजेक्ट में फ्लैट बुक करवाया था। शिकायत के आधार पर एसएसपी ने एसपी देहात को जांच के आदेश दिए थे। शुरुआती जांच में मामला सही सामने आने पर एसपी देहात ने सेक्टर-58 पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे।

ग्रेनो जीटा-1 में आम्रपाली ग्रैंड सोसायटी में आरके पुरम दिल्ली के रहने वाले सुरेंद्र सिंह जाटव ने अप्रैल 2009 में फ्लैट बुक कराया था। उस वक्त 88 लाख रुपये में बुकिंग की गई थी। मार्च 2009 को सुरेंद्र सिंह ने 18 लाख रुपये का चेक और 70 लाख का आईडीबीआई बैंक से होम लोन लेकर आम्रपाली बिल्डर के डायरेक्टर अनिल शर्मा व रितिक सिन्हा को दिया था। फ्लैट का पजेशन मिलने तक होम लोन की ईएमआई आम्रपाली बिल्डर की तरफ से बैंक को दी जानी थी। कई साल बाद भी पजेशन नहीं मिलने पर मई 2017 में सुरेंद्र ने बैंक जाकर पता किया तो पता चला कि पिछले सात महीने से बिल्डर ईएमआई जमा नहीं करवा रहा था।

इसके बाद वह ग्रेटर नोएडा में अपने बुक किए फ्लैट पर गए, तो वहां पर उन्हें कोई और शख्स रहता हुआ मिला। उसने उन्हें बताया कि 8 अप्रैल 2015 को आम्रपाली बिल्डर ने उसे फ्लैट का पजेशन दिया था। पीड़ित की शिकायत के बाद डीआईजी लव कुमार ने शिकायत पर एसपी देहात को जांच के आदेश दिए थे। एसपी ग्रामीण ने दोनों पक्षों को दो बार बुलाया। दोनों बार सुरेंद्र सिंह पहुंचे, लेकिन आम्रपाली बिल्डर की तरफ से कोई भी बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा। जबकि आम्रपाली बिल्डर के सेक्टर-62 ऑफिस पर जाकर नोटिस दिया था।

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