आम्रपाली बिल्डर की सभी कंपनियों के बैंक एकाउंट और संपत्ति जब्त करने के आदेश

आम्रपाली ग्रुप के प्रोजेक्ट में घर खरीदने वालों के लिए राहत की बड़ी खबर है. सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप की 40 कंपनियों के खाते सीज कर दिए हैं. इसके साथ ही कंपनी के सभी डायरेक्टर्स के खाते भी सीज किये गए हैं. कोर्ट ने कहा है कि कंपनी से घर खरीदने वालों के हितों की रक्षा के लिए आम्रपाली ग्रुप की अभी अचल संपत्ति को भी जब्त कर लिया जाए. आदेश को अमल में लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप के चैयरमैन अनिल शर्मा को दिया आदेश कि वो ग्रुप के सभी डायरेक्टर्स के पैन कार्ड और बैंक डिटेल गुरुवार तक उपलब्ध कराएं. इस मामले की गुरुवार यानि कल फिर सुनवाई होगी. Continue reading

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जवाब देने में देश के सबसे बड़े चोर बिल्डर अनिल शर्मा की जुबान लड़खड़ाई, देखें वीडियो

वर्षों से अपने बिल में छुपे रहे चोर बिल्डर अनिल शर्मा जब एक रोज जनता के सामने आया तो लुटे निवेशकों में से एक ने उसके मुंह पर पैसे लेने के बावजूद काम बंद करने का आरोप लगा दिया. इस महिला के आरोप सुनने के बाद जब अनिल शर्मा जवाब देने को तत्पर हुआ तो उसकी जुबान लड़खड़ाने लगी.

ध्यान से ये वीडियो देखिए और आम्रपाली वाले इस सबसे बड़े चोर बिल्डर को शेम शेम कहिए.

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सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली को कड़ी फटकार लगाई- ‘बहानेबाजी मत करो, यह बताओ घर कब दोगे’

सुप्रीम कोर्ट ने आज बेइमान और धोखेबाज बिल्डर कंपनी आम्रपाली के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. घर पाने से वंचित निवेशकों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली के निदेशकों से पूछा है कि बिना बहानेबाजी किए यह साफ साफ बताओ, घर कब दोगे. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा- बहानेबाजी मत करो. यह गंभीर मसला है. लोगों की जीवनभर की कमाई लगी है. साफ बताओ, घर कब दोगे. आपको उत्तरदायी बनना पड़ेगा. आम्रपाली को सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि वो एक सप्ताह के अंदर अपने हर प्रोजेक्ट के प्लान से संबंधित रेसोल्यूशन जमा करें. 

समय पर प्रोजेक्ट पूरे न करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की फटकार खा चुके आम्रपाली बिल्डर ने कहा है कि गैलेक्सी नाम की कंपनी उसके प्रोजेक्ट्स में निवेश को तैयार है. इससे 32 हज़ार फ्लैट खरीदारों को फायदा पहुंचेगा. कोर्ट ने एक हफ्ते में ठोस प्रस्ताव पेश करने को कहा. आम्रपाली से सभी प्रोजेक्ट का विस्तृत ब्यौरा देने को भी कहा. अगली सुनवाई 21 फरवरी को होगी. NCLT में दिवालिया होने की कार्रवाई का सामना कर रहे आम्रपाली सिलिकॉन सिटी जैसे कुछ प्रोजेक्ट्स पर भी इस प्रस्ताव से फर्क पड़ सकता है.

सुप्रीम कोर्ट में आज निवेशकों की याचिका पर सुनवाई हुई. आज के दिन का सभी आम्रपाली घर खरीदारों को बेसब्री से इंतजार था. सुप्रीम कोर्ट में आम्रपाली के तमाम केसों की सुनवाई हुई जिसमें नेफोवा द्वारा फ़ाइल किए गए केस भी शामिल थे. सुनवाई के दौरान गैलेक्सी कंपनी ने आम्रपाली के सभी प्रोजेक्ट को पूरा करने संबंधी सभी कागजात जमा किये हैं. इस पर सभी पार्टियों से एक हफ्ते की समय सीमा में रेसोल्यूशन मांगा गया है. आम्रपाली को सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि वो एक सप्ताह के अंदर अपने हर प्रोजेक्ट के प्लान से संबंधित रेसोल्यूशन जमा करें. इस मामले की अब अगली सुनवाई 21 फरवरी को होगी.

इस बीच, नेफोवा की तरफ से 4 फरवरी को ‘लीगल इंटरैक्शन प्रोग्राम’ का आयोजन इंदिरा गांधी कला केंद्र में दिन के 11 बजे किया जा रहा है. इसमें सुप्रीम कोर्ट तथा हाई कोर्ट के जाने माने एडवोकेट के अलावा रेरा एक्सपर्ट और एनसीडीआरसी एक्सपर्ट का पैनल भी शामिल होगा. साथ ही आज सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के आधार पर सभी पक्षों द्वारा जो महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे, उनकी जानकारी कार्यक्रम के दौरान दी जाएगी. अतः सभी निवेशकों से अनुरोध है कि 4 फरवरी को लीगल इंटरैक्शन प्रोग्राम के दौरान जरूर उपस्थित रहें.

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रीयल इस्टेट की चोर कंपनी ‘आम्रपाली’ के खिलाफ भड़ास संपादक यशवंत ने दर्ज कराई कंप्लेन, जांच कमिश्नर को

Yashwant Singh : आज सुबह मुख्यमंत्री कार्यालय से फोन आया और आम्रपाली द्वारा किए गए मेरे साथ फ्रॉड को लेकर जानकारी ली गयी। सभी विकल्पों पर चर्च की गई। यूपी cm के जनसुनवाई पोर्टल पर कम्प्लेन दर्ज करा दी है। नोएडा चूंकि मेरठ मण्डल में आता है इसलिए जांच ईमानदार ias अधिकारी और मेरठ के कमिश्नर प्रभात कुमार को दी गयी है। अब आम्रपाली के अनिल शर्मा और शिवा प्रिया के खिलाफ एफआईआर की तैयारी है। उसके बाद ”ऑक्युपाई आम्रपाली बिल्डर्स हाउस” अभियान।

आम्रपाली बिल्डर्स से पीड़ित मुझसे व्हाट्सअप नम्बर 9999330099 पर सम्पर्क करें।

ज्ञात हो कि मैंने आम्रपाली वालों से नोएडा वेस्ट के लीजर पार्क प्रोजेक्ट में बहुत पहले एक फ्लैट बुक कराया था। पैसा भी जैसे तैसे भर दिए थे। लेकिन आठ साल बीतने के बाद भी कहीं कुछ नहीं दिख-मिल रहा है। ढेर सारे निवेशक आंदोलन, धरना, प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन शासन-प्रशासन कान में तेल डालकर बैठा है। ऐसा लगता है अनिल शर्मा और उसकी कंपनी आम्रपाली ने सबको खरीद लिया है, चिटफंडियों की तरह। इसी वजह से हर ओर चुप्पी है और निवेशक रो रहे हैं।

भड़ास के संस्थापक और संपादक यशवंत सिंह की एफबी वॉल से.

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चोर, बेइमान व धूर्त बिल्डर अनिल शर्मा और उसकी कंपनी आम्रपाली के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज

नोएडा : 88 लाख रुपये देने के बावजूद भी फ्लैट नहीं मिलने की शिकायत पर सेक्टर-58 पुलिस ने आम्रपाली बिल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है। पीड़ित ने ग्रेटर नोएडा के जीटा-1 में आम्रपाली ग्रैंड प्रॉजेक्ट में फ्लैट बुक करवाया था। शिकायत के आधार पर एसएसपी ने एसपी देहात को जांच के आदेश दिए थे। शुरुआती जांच में मामला सही सामने आने पर एसपी देहात ने सेक्टर-58 पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे।

ग्रेनो जीटा-1 में आम्रपाली ग्रैंड सोसायटी में आरके पुरम दिल्ली के रहने वाले सुरेंद्र सिंह जाटव ने अप्रैल 2009 में फ्लैट बुक कराया था। उस वक्त 88 लाख रुपये में बुकिंग की गई थी। मार्च 2009 को सुरेंद्र सिंह ने 18 लाख रुपये का चेक और 70 लाख का आईडीबीआई बैंक से होम लोन लेकर आम्रपाली बिल्डर के डायरेक्टर अनिल शर्मा व रितिक सिन्हा को दिया था। फ्लैट का पजेशन मिलने तक होम लोन की ईएमआई आम्रपाली बिल्डर की तरफ से बैंक को दी जानी थी। कई साल बाद भी पजेशन नहीं मिलने पर मई 2017 में सुरेंद्र ने बैंक जाकर पता किया तो पता चला कि पिछले सात महीने से बिल्डर ईएमआई जमा नहीं करवा रहा था।

इसके बाद वह ग्रेटर नोएडा में अपने बुक किए फ्लैट पर गए, तो वहां पर उन्हें कोई और शख्स रहता हुआ मिला। उसने उन्हें बताया कि 8 अप्रैल 2015 को आम्रपाली बिल्डर ने उसे फ्लैट का पजेशन दिया था। पीड़ित की शिकायत के बाद डीआईजी लव कुमार ने शिकायत पर एसपी देहात को जांच के आदेश दिए थे। एसपी ग्रामीण ने दोनों पक्षों को दो बार बुलाया। दोनों बार सुरेंद्र सिंह पहुंचे, लेकिन आम्रपाली बिल्डर की तरफ से कोई भी बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा। जबकि आम्रपाली बिल्डर के सेक्टर-62 ऑफिस पर जाकर नोटिस दिया था।

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आम्रपाली बिल्डर अनिल शर्मा को ‘एड्स’ होने की खबर!

‘एड्स’ रोगी चोर बिल्डर अनिल शर्मा की फाइल पिक्चर…

Yashwant Singh : आम्रपाली वालों से नोएडा वेस्ट के लीजर पार्क प्रोजेक्ट में बहुत पहले एक फ्लैट बुक कराए थे। पइसा भी जइसे तइसे भर दिए थे। चर्चा है कि अनिल शर्मा को ‘एड्स’ हो गया है.. बताया जा रहा है कि ‘एड्स’ होने के बाद ही अपनी कम्पनी का सारा पइसा लेकर भाग गया है। कुछ लोगों का कहना है कि ‘एड्स’ वाली खबर तो सही है लेकिन पइसा लेकर भागने वाली बात गलत। उसने अफसरों, नेताओं, मंत्रियों और मीडिया को पैसा जमकर खिला-पिला दिया है।

अब वह चिटफंडियों की तरह चमड़ी मोटी करके निवेशकों को ठगना चाह रहा है। सो, बेचारे निवेशक रो रहे हैं। लेकिन हम नहीं रोए। क्या लेके आए थे जो लेके जाओगे। सब हियें धरा रह जाएगा। लेकिन वाइफ है कि मानती नहीं। कहती है कुछ करिए। अब हम का करें। साल भर से सोच रहे हैं हम कि कुछ करें हम। लेकिन फिर सोचते हैं, करें क्या हम? कम्प्लेन, केस, धरना… ई सब तो निवेशक बिचारे करी रहे हैं। का मिला उनको। घण्टा…।

हम तो सोच लिए हैं कि पैसा पर किसी का नाम नहीं लिखा होता। कहीं से आया। कहीं चला गया। का चिंता करना। लेकिन गज़ब बात है कि हमारे दोस्त मित्र कहलाने वाले कउनो लोग भी ई चिंता नहीं कर रहे हैं कि यशवंत को उसका फंसा हुआ फ्लैट कैसे दिलाया जाए या फिर सारा पैसा मय ब्याज समेत कैसे वसूला जाए। कोई नहीं। सब खुद ही बेचारे परेशान हैं। किसी के पास वक़्त कहां जो कोई किसी के लिए सोचे करे। कहने को लखनऊ से लेकर दिल्ली तक में एक से एक शूरमा मेरे मित्र हैं, लेकिन इस मामले में कहीं से कोई रेस्पांस नहीं। कोई है??? कैसे क्या किया जाए???

AIDS- Amrapali Idiot Dhokebaaz Service

भड़ास के फाउंडर और एडिटर यशवंत सिंह की एफबी वॉल से.

…अगर आप भी आम्रपाली के पीड़ित निवेशक हों तो कृपया ह्वाट्सअप नंबर 9999330099 पर अपनी कहानी लिख भेजें…

यशवंत के उपरोक्त एफबी स्टेटस पर आए ढेर सारे कमेंट्स में से कुछ प्रमुख यहां पढ़ें…

Anand Sharma पैसा दुष्ट लोग खा पी गए। अब ठूंठ खड़े हैं, पैसा है नहीं उन्हें कंपलीट करने को। सरकारें करेंगी क्यों? करेंगी तो बाकी प्रदेश वासी पूछेंगे कि हमारा पैसा इन फ्लैट मालिकों को बेलआउट करने को क्यों खर्च कर रहे हो। पैसे का काम पैसा ही करेगा। बाकी योगी जी सांत्वना दे रहे हैं। कर कुछ पायेंगे, इसमें संशय है।

Yashwant Singh पैसा उतनी ही खाई हैं पुरानी सरकारें, जितनी इस सरकार के मंत्री-नेता लोग खा लिए हैं. हां, योगी जी को नहीं पटा पाए बिल्डर, सो देर सबेर योगी जी का कपार घूमेगा तो नपेंगे साले… दूसरे, पैसा सारे बिल्डरों के पास है. ये केवल ड्रामा रचे हैं हड़पने के लिए. जैसे चिटफंड वाले करते थे… अब कोई कहे कि जेपी ग्रुप के पास पैसा नहीं है तो नहीं माना जा सकता.. इसी तरह आम्रपाली वालों के पास भी बहुत पैसा है. नोटबंदी वगैरह की थोड़ी बहुत मार पड़ी होगी, ये माना जा सकता है, लेकिन ये सब सिस्टम को खिला पिला भरोसे में लेकर सरासर हरंपना कर रहे हैं, चिटफंडियों की तरह.

Umesh Sharma यशवंत जी वैसे तो मैं अधिवक्ता हूँ पर मुझे पता है की कानून ऐसे मामलों में कितना बौना है. चूँकि आप हमेशा लीक से हटकर चलते हैं, मैं सलाह देता हूँ की इन मालिकों का जो भी घर , ऑफिस हो उसमें सामान सहित सभी पीड़ितों के साथ घुसिए और धूनी रमा दीजिये , कोर्ट को मैं संभल लूंगा और बौने कानून को और भी बौना बना देंगें आपसब

Yashwant Singh ऐसा ही करना पड़ेगा सर… आकुपाई आम्रपाली बिल्डर्स हाउस….

Roy Tapan Bharati यशवंतजी। आम्रपाली में मेरे दिवंगत साले (38 साल) का 6 लाख रुपया अब तक अटका हुआ है। इसी अनिल शर्मा के चचेरे भाई मनोज राय की गार्डेनिया कंपनी के गीतांजलि अपार्टमेंट में मेरे बेटे ने 6 साल पहले फ्लैट बुक किया, बैंक लोन कराया, 50 लाख यानी 95 फीसदी रकम ले लिया और अपार्टमेंट अब तक अधर में। सरकार, बिल्डर सब चुप हैं।

Yashwant Singh दुनिया मे कितना ग़म है… मेरा ग़म कितना कम है..

Roy Tapan Bharati मैं मोदी और योगी किसी से भी उम्मीद नहीं रख रहा कि वे हमारे परिवार की मदद करेंगे।

Poet Shailesh Shukla कोई नहीं सामने आएगा…. जो सक्षम है वो भी नहीं

Yashwant Singh हां, हमको भी ऐसा ही लग रहा है। लेकिन फिकर नाट। सब एक दिन लौंड़े लग जाएंगे।

Rajeev Yadav amrapali ke project galaxy ne le liye hain sare….Plz check. 4th ko yogi ki team flat dene aa rahi hai

Shahnawaz Malik पैसा तो मिलने से रहा, हां उसका कोई खाली फ्लैट कब्ज़ा करने के बारे में सोचना चाहिए।

Yashwant Singh पैसा तो एड्स पीड़ित अनिल शर्मा का बाप देगा शाहनवाज भाई.. देखते जाइए… हलक में डालकर खींच लूंगा… मन्ने चुप हैं तो चुप हैं… अपनी पर आ जाएंगे तो छोड़ेंगे नहीं… सोमवार से अभियान शुरू कर रहा हूं…

Sanjaya Kumar Singh कुछ नहीं होने का। बहुते बुरा हाल है। हम भी 2019 का इंतजार कर रहे हैं। ई सरकार जाए त कछु होय। नहीं जाएगी तो झेलेंगे।

Yashwant Singh हम्हीं को आखिर में कुछ करना पड़ा। fb पर पोस्ट डाल दिए, ई का कम है…

Shambhu Dayal Vajpayee कौन किस की चिंता करता है । जरूरत पडने पर विरले ही सहृदयता दिखाते हैं । मेरे भी बहुत सम्‍पर्की हैं , पर अपरिचित जैसे हो गए ।

Yashwant Singh टेंशन नाट। मौज से रहिए सर्।

Shambhu Dayal Vajpayee मन से मौज ही है , भाई जी । वैसे भी वैचारिकी में काफी कुछ आपका अनुयायी हूं।

Yashwant Singh आप गुरु हैं सर्

Anoop Gupta यसवंत जी में आपके साथ पहले भी था आज भी हूँ और जब तक जिन्दा हूँ तब तक आपके साथ रहूँगा. मेरे लिए जो भी हो बताइये आप। पहले में पत्रकार के रूप में साथ था अब तो में नेता भी हो गया हूँ जहाँ भी हो आप बताइये में आपके साथ खड़ा मिलूंगा

Yashwant Singh ज़िंदाबाद ज़िंदाबाद।

Poet Shailesh Shukla बिल्डर-राजनेता-अपराधी….. आप समझते ही हैं सब।

Yashwant Singh इसमें मीडिया को भी जोड़ लीजिए।

Poet Shailesh Shukla अव्वल इन बिल्डरों के चक्कर में न ही पढ़ा जाए तो बेहतर है… लेकिन क्या करें …शहर या शहर के आसपास सेटेलाइट टाउन में अपना खुद का घर होने का सपना … जाने क्या न करवाए

Sanjaya Kumar Singh पत्रकारों की कहीं कोई दाल नहीं गल रही। उससे बेहतर हमलोग अपने दम पर हैं। एनसीआर में अभी ही हजारों घर बनकर तैयार है। लोग उसे नहीं खरीद रहे। सस्ते के चक्कर में रोज एसएमएस आता है, एक लाख में घर , तीन लाख में घर लीजिए। सस्ते के लालच में लोग फंस ही रहे होंगे। तभी आ रहा है। गलती हमारी भी है। हालांकि आम्रपाली जैसे बिल्डर की हालत तो नोटबंदी के बाद बहुत खराब हुई है।

Poet Shailesh Shukla  शायद यह संन्यासी ही कुछ करने की हिम्मत दिखा सके… जनसुनवाई ऐप पर कंप्लने करें… अकेले नहीं … जितने भी पीड़ितों-शोषितों को जानते हैं, जिनको ऐसे किसी बिल्डर ने ठगा है, उन सबको भी कहिए कि जनसुनवाई ऐप को अपने मोबाइल पर डाउनलोड करें और ज्यादा से ज्यादा ब्योरे के साथ दस्तावेज संलग्न करके अपनी शिकायत भेजें … कम से कम अपने स्तर पर इतना तो किया ही जा सकता है…

Anand Agnihotri जीदारी सीखनी हो तो यशवंत से सीखिये, कुछ भी हो जाये स्वामी भड़ासा नंद अटल रहते हैं।

Shrikant Singh यशवंत भाई। इस दुनिया में जब तक कमीने रहेंगे आपको काम करने का मौका देते रहेंगे। निकालिए ससुरों की कुंडली। क्‍योंकि कर्मण्‍ये वा धिकारस्‍ते। मा फलेषु कदाचन।

Pradeep Mahajan रेरा के अंतर्गत पहले कानूनी शिकायत करे फिर इसको क्षति पूर्ति के नोटिस दे इसके बाद भाई लोग फौजदारी के लिए है

Vinod Bhardwaj स्वामी भड़ासानन्द जी की जय हो ! कोशिश करो, कोई न कोई रास्ता जरूर निकलेगा।

Anil Saxena किसी लल्लन टॉप अखबारनबीस को नाहे जानत हो, वो अकेला ही काफी है।

गोस्वामी कवि शहज़ादा आप आदेश करे सिर्फ तोड़ फोड़ देंगे भाई

Girijesh Vashistha एक एक करके बिल्डरों के सिर फोड़ने शुरू किए जाएं. सरकार को समस्या की गंभीरता समझ में आने लगेगी. बायर्स के तो सुसाइड करने से भी जूं नहीं रेंगती…

Bhumika Dwivedi योगी से मिलवा दूँ। अपनी व्यथा सुनाईये, देखते हैं, वो क्या कर सकते हैं।

Yashwant Singh मिलवा दीजिए न.

Ved Ratna Shukla Yogi ji se kahiye.

Yashwant Singh योगी का मोबाइल नम्बरवा नहीं है न हमरे पास…

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आम्रपाली वाले बेइमान बिल्डर अनिल शर्मा के खिलाफ 100 निवेशकों ने लिखाई एफआईआर

नोएडा : बेईमान बिल्डर अनिल शर्मा पर 100 निवेशकों ने मिलकर लिखाई एफआईआर… चारों एफआईआर में 100 निवेशकों के नाम… धोखाधड़ी, अमानत में खयानत की धारा में केस… बिसरख थाने में दर्ज हुई आम्रपाली के मालिक अनिल शर्मा पर एफआईआर… अब हो सकता है आम्रपाली बिल्डर अनिल शर्मा गिरफ्तार…

कुल 60,000 निवेशकों का 19,000 करोड़ रुपये यह चोर बिल्डर अनिल शर्मा पी गया.. यह बिल्डर महरानीबाग दिल्ली में अपने घर पर छिपा हुआ है… मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मीटिंग में भी नहीं पहुंचा था अनिल शर्मा… लखनऊ में बिल्डरों के साथ सीएम की थी मीटिंग…   लोग अब पूछने लगे हैं कि कब होगा आम्रपाली बिल्डर अनिल शर्मा गिरफ्तार?

ज्ञात हो कि रीयल इस्टेट कंपनी आम्रपाली का भगोड़ा मालिक अनिल शर्मा वैसे तो हजारों निवेशकों का पैसा दाबे बैठा है और खुद के पास पैसा न होने का रोना रोते हुए लोगों को उनका घर नहीं दे रहा है लेकिन जब उसका दामाद, जो आम्रपाली का सीईओ भी है, और एक डायरेक्टर गिरफ्तार होता है तो फौरन वह चार करोड़ 29 लाख रुपये जमा करवा देता है. आखिरकार 4 करोड़ 29 लाख जमा करने के बाद छूट गए आम्रपाली ग्रुप के दोनों पदाधिकारी. पार्ट पेमेंट के लिए कंपनी के पदाधिकारी कर रहे थे प्रशासन से अनुरोध, लेकिन पूरी पेमेंट जमा करने पर अड़ गए एडीएम दादरी अमित कुमार. अंततः पूरी पेमेंट जमा करवा कर ही आम्रपाली के दोनों लोगों को रिहा किया गया.

गिरफ्तार लोगों में आम्रपाली बिल्डर्स के सीईओ ऋतिक कुमार और आम्रपाली के मैनेजिंग डॉयरेक्टर निशांत मुकुल शामिल हैं. ऋतिक कुमार आम्रपाली ग्रुप के मालिक अनिल शर्मा का दामाद है. घर का सपना संजोकर बैठे लोग लंबे समय से अटके प्रोजेक्ट के चलते परेशान हैं. उन्हें न अपने जमा किए पैसे मिल रहे हैं और न ही बिल्डरों द्वारा अब तक पजेशन मिल सका है. नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बिल्डरों के खिलाफ लोगों का विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है. सैकड़ों की संख्या में एकत्र होकर लोग बिल्डरों के ऑफिस के सामने नारेबाजी और प्रदर्शन कर रहे हैं. नई सरकार बनने के बाद बिल्डरों और ग्राहकों की कई दौर की बैठक हुई है, लेकिन बायर्स का कहना है कि बिल्डरों पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है, जानकारी के मुताबिक आम्रपाली बिल्डर्स के प्रोजेक्टों में हजारों की संख्या में लोगों के पैसे फंसे हैं.

शानो-शौकत से रहने वाले, महंगी कारों में चलने वाले और एसी दफ्तरों में बैठने वाले आम्रपाली ग्रुप के कर्ताधर्ताओं को दादरी तहसील की हवालात में बंद करना एक सबक है बाकी बिल्डरों के लिए. आम्रपाली ग्रुप के सीएमडी और मालिक अनिल शर्मा के दामाद व कंपनी के सीईओ ऋतिक सिन्हा और डायरेक्टर निशांत मुकुल को हवालात में बैठने और सोने के लिए दरी दी गई थी और गर्मी से बचाव के लिए पंखे की हवा. नोएडा के सेक्टर 62 में आम्रपाली ग्रुप के दफ्तरों में सन्नाटा रहा. आम्रपाली के करीब 40 प्रोजेक्ट हैं जहां काम लगभग ठप पड़ा है. नोएडा प्रशासन की मानें तो मनमानी करने वाले बिल्डरों पर यह कार्रवाई जारी रहेगी. अभी ऐसे सात और बिल्डर हैं जिन्हें लेबर सेस भरने के लिए नोटिस जारी हो चुके हैं. सबसे ज्यादा बकाया आम्रपाली ग्रुप पर ही था. अगर आम्रपाली ग्रुप पैसा नहीं भरता तो सिन्हा और मुकुल को हवालात में ही रहना पड़ता और इतनी ही रकम की संपत्ति भी जब्त होती.

अब चर्चा है कि लोगों से पैसे लेने के बावजूद घर न देने वाले भगोड़े बिल्डर अनिल शर्मा को गिरफ्तार करने की तैयारी चल रही है और उसे तब तक रिहा नहीं किया जाएगा जब तक वह हर एक निवेशक को उसका घर न दे दे. योगी आदित्यनाथ की चेतावनी के बाद ही आम्रपाली बिल्डर पर गाज गिरी और इसके सीईओ व एमडी गिरफ्तार किए गए. वजह था सरकारी पैसा न जमा किया जाना. पैसा जमा हो गया और गिरफ्तार लोग छोड़ दिए गए. लेकिन अब आम्रपाली के चेयरमैन अनिल शर्मा की गिरफ्तारी की तैयारी है.

ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को रियल एस्टेट बिल्डर्स को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि बायर्स को जल्द फ्लैट नहीं देते तो बिल्डरों के खिलाफ ऐक्शन लिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कनफेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डिवेलपर्स एसोसिएशन्स ऑफ इंडिया के सम्मेलन में कहा- ‘रियल एस्टेट क्षेत्र द्वारा योजनाओं को आधा-अधूरा छोड़ देना सबसे बड़ा संकट है. नोएडा और ग्रेटर नोएडा में यही समस्या सामने आ रही है. लगभग डेढ़ लाख खरीदारों को धनराशि अदा करने के बाद भी घर नहीं मिल पा रहा है. इससे विश्वसनीयता का संकट पैदा हो गया है. प्रदेश सरकार के प्रयास पर कुछ बिल्डरों ने सकारात्मक रुख अपनाया और आवास देने की समयसीमा तय कर दी, जबकि कुछ बिल्डर कोई कदम नहीं उठा रहे हैं. संवाद से रास्ता न निकलने पर प्रदेश सरकार को सख्त कदम उठाना पड़ेगा. सरकार की अपील है कि कार्रवाई की स्थिति न उत्पन्न हो.’

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Biggest scam with Home Buyer when RERA is launched

Dear Press/ Media Guys, Please help 30,000 Flat owners of Jaypee Greens Noida to present there case… we will be oblige if you can contribute and help us to get our dream homes!!! we have paid 90% of flat cost & EMI are running but not getting possession as Builders are doing fraud & hiding behind LAW. Your family member or yourself would be affect directly or indirectly please help us!!!

SOS APPEAL to Hon’ble PM

We, the 35000 home buyers in Jaypee Greens Wish Town NOIDA, are constrained to knock the door of you Sir as a measure of last hope of our survival.  We had invested all our life time capital in Jaypee Greens Wish Town NOIDA during 2008 – 2010 through home loans / savings and cutting monthly home expenses towards children’s school fee, medical and other allied expenditure in order to pay EMIs but the hope of getting our dream home is now almost at the verge of end.

IDBI Bank has filed a petition under Insolvency and Bankruptcy Code before Hon’ble NCLT against JAYPEE INFRATECH NOIDA.  The matter was heard by the Hon’ble NCLT on 4th August’17 and after hearing both sides, Hon’ble NCLT has reserved its order to be pronounced on 9th August, 2017.

Home buyers concern is that they do not fall under the term of secured creditors.  IBC law passed in December 2016 does not define Home Buyers in any of the secured categories of creditors.  The fear looming over home buyers is that despite paying over 90% payment to builder Jaypee Infratech buyers will be deprived of the legitimate right of their home possession and unfortunately if the liquidation process of company’s assets takes place it will be disastrous to home buyers.   Moreover, EMIs will be continued to be paid to Banks throughout their lives by home buyers without getting anything in return.

Through this open letter an appeal is made for immediate intervention in the matter for restoring and taking care of the genuine claims of buyers and setting up a high level enquiry into the inordinate delay in possession and misappropriation of fund by Jaypee Infratech.

Rohit Bajaj
rohitbajaj01@gmail.com

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सवा चार करोड़ जमा कराने के बाद छूटे आम्रपाली के सीईओ और एमडी, अब अनिल शर्मा जेल जाएगा

रीयल इस्टेट कंपनी आम्रपाली का भगोड़ा मालिक अनिल शर्मा वैसे तो हजारों निवेशकों का पैसा दाबे बैठा है और खुद के पास पैसा न होने का रोना रोते हुए लोगों को उनका घर नहीं दे रहा है लेकिन जब उसका दामाद, जो आम्रपाली का सीईओ भी है, और एक डायरेक्टर गिरफ्तार होता है तो फौरन वह चार करोड़ 29 लाख रुपये जमा करवा देता है. आखिरकार 4 करोड़ 29 लाख जमा करने के बाद छूट गए आम्रपाली ग्रुप के दोनों पदाधिकारी. पार्ट पेमेंट के लिए कंपनी के पदाधिकारी कर रहे थे प्रशासन से अनुरोध, लेकिन पूरी पेमेंट जमा करने पर अड़ गए एडीएम दादरी अमित कुमार. अंततः पूरी पेमेंट जमा करवा कर ही आम्रपाली के दोनों लोगों को रिहा किया गया.

गिरफ्तार लोगों में आम्रपाली बिल्डर्स के सीईओ ऋतिक कुमार और आम्रपाली के मैनेजिंग डॉयरेक्टर निशांत मुकुल शामिल हैं. ऋतिक कुमार आम्रपाली ग्रुप के मालिक अनिल शर्मा का दामाद है. घर का सपना संजोकर बैठे लोग लंबे समय से अटके प्रोजेक्ट के चलते परेशान हैं. उन्हें न अपने जमा किए पैसे मिल रहे हैं और न ही बिल्डरों द्वारा अब तक पजेशन मिल सका है. नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बिल्डरों के खिलाफ लोगों का विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है. सैकड़ों की संख्या में एकत्र होकर लोग बिल्डरों के ऑफिस के सामने नारेबाजी और प्रदर्शन कर रहे हैं. नई सरकार बनने के बाद बिल्डरों और ग्राहकों की कई दौर की बैठक हुई है, लेकिन बायर्स का कहना है कि बिल्डरों पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है, जानकारी के मुताबिक आम्रपाली बिल्डर्स के प्रोजेक्टों में हजारों की संख्या में लोगों के पैसे फंसे हैं.

शानो-शौकत से रहने वाले, महंगी कारों में चलने वाले और एसी दफ्तरों में बैठने वाले आम्रपाली ग्रुप के कर्ताधर्ताओं को दादरी तहसील की हवालात में बंद करना एक सबक है बाकी बिल्डरों के लिए. आम्रपाली ग्रुप के सीएमडी और मालिक अनिल शर्मा के दामाद व कंपनी के सीईओ ऋतिक सिन्हा और डायरेक्टर निशांत मुकुल को हवालात में बैठने और सोने के लिए दरी दी गई थी और गर्मी से बचाव के लिए पंखे की हवा. नोएडा के सेक्टर 62 में आम्रपाली ग्रुप के दफ्तरों में सन्नाटा रहा. आम्रपाली के करीब 40 प्रोजेक्ट हैं जहां काम लगभग ठप पड़ा है. नोएडा प्रशासन की मानें तो मनमानी करने वाले बिल्डरों पर यह कार्रवाई जारी रहेगी. अभी ऐसे सात और बिल्डर हैं जिन्हें लेबर सेस भरने के लिए नोटिस जारी हो चुके हैं. सबसे ज्यादा बकाया आम्रपाली ग्रुप पर ही था. अगर आम्रपाली ग्रुप पैसा नहीं भरता तो सिन्हा और मुकुल को हवालात में ही रहना पड़ता और इतनी ही रकम की संपत्ति भी जब्त होती.

अब चर्चा है कि लोगों से पैसे लेने के बावजूद घर न देने वाले भगोड़े बिल्डर अनिल शर्मा को गिरफ्तार करने की तैयारी चल रही है और उसे तब तक रिहा नहीं किया जाएगा जब तक वह हर एक निवेशक को उसका घर न दे दे. योगी आदित्यनाथ की चेतावनी के बाद ही आम्रपाली बिल्डर पर गाज गिरी और इसके सीईओ व एमडी गिरफ्तार किए गए. वजह था सरकारी पैसा न जमा किया जाना. पैसा जमा हो गया और गिरफ्तार लोग छोड़ दिए गए. लेकिन अब आम्रपाली के चेयरमैन अनिल शर्मा की गिरफ्तारी की तैयारी है.

ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को रियल एस्टेट बिल्डर्स को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि बायर्स को जल्द फ्लैट नहीं देते तो बिल्डरों के खिलाफ ऐक्शन लिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कनफेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डिवेलपर्स एसोसिएशन्स ऑफ इंडिया के सम्मेलन में कहा- ‘रियल एस्टेट क्षेत्र द्वारा योजनाओं को आधा-अधूरा छोड़ देना सबसे बड़ा संकट है. नोएडा और ग्रेटर नोएडा में यही समस्या सामने आ रही है. लगभग डेढ़ लाख खरीदारों को धनराशि अदा करने के बाद भी घर नहीं मिल पा रहा है. इससे विश्वसनीयता का संकट पैदा हो गया है. प्रदेश सरकार के प्रयास पर कुछ बिल्डरों ने सकारात्मक रुख अपनाया और आवास देने की समयसीमा तय कर दी, जबकि कुछ बिल्डर कोई कदम नहीं उठा रहे हैं. संवाद से रास्ता न निकलने पर प्रदेश सरकार को सख्त कदम उठाना पड़ेगा. सरकार की अपील है कि कार्रवाई की स्थिति न उत्पन्न हो.’

मूल खबर…

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भगोड़ा आम्रपाली बिल्डर अनिल शर्मा का दामाद गिरफ्तार, हेड आफिस सील

भगोड़ा बिल्डर अनिल शर्मा

दिवालिया हो चुकी रीयल इस्टेट कंपनी आम्रपाली से खबर आ रही है कि इसके भगोड़े मालिक अनिल शर्मा के दामाद ऋतिक सिन्हा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. यह कार्रवाई लेबर सेस नहीं चुकाने पर किया गया है. साथ ही साथ आम्रपाली का ऑफिस भी सील कर दिया गया है. आम्रपाली बिल्डर अनिल शर्मा के दामाद के अलावा एक अन्य पदाधिकारी निशांत मुकुल को भी अरेस्ट कर जेल भेजे जाने की खबर है.

नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में हजारों निवेशकों का पैसा लेकर भाग चुके बिल्डर अनिल शर्मा की कंपनी आम्रपाली के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है. 4 करोड़ रुपये का लेबर सेस नहीं चुकाने पर आम्रपाली के हेड ऑफिस को सील कर दिया गया है और दो अधिकारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. गिरफ्तार अधिकारियों में से एक ऋतिक सिन्हा आम्रपाली के सीएमडी अनिल शर्मा के दामाद है और कंपनी का सीईओ भी है.

यह कार्रवाई सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान बिल्डर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी के बाद की गई है. आम्रपाली के खिलाफ कार्रवाई एसडीएम दादरी ने की. आम्रपाली पर एक साल से 4 करोड़ रुपये के लेबर सेस की देनदारी थी. तमाम नोटिसों के बावजूद इसे चुकता नहीं किए जाने पर एसडीएम दादरी ने यह एक्शन लिया. नोएडा श्रम विभाग ने 7 अन्य बिल्डरों के खिलाफ भी आरसी जारी कर रखी है.

आम्रपाली के दोनों पदाधिकारियों को गिरफ्तार करने के बाद पहले तो एसडीएम कोर्ट की हवालात में रखा गया. बाद में इन्हें कोर्ट में पेश किया गया है जहां से कोर्ट के आदेश पर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. ग्रेटर नोएडा में हजारों निवेशकों को फ्लैट न देने पर आम्रपाली के सीएमडी अनिल शर्मा के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज हो चुकी है लेकिन अनिल शर्मा छिपता फिर रहा है. इस भगोड़े को पकड़ने के लिए पुलिस प्रशासन की टीमें लग चुकी हैं.

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Amrapali Leisure Park के ग्राहकों को पजेशन 1 जुलाई 2015 से

: Meeting held at Amrapali Leisure Park site with buyers and Amrapali management : Noida : Many leisure park flat buyers organised a meeting with Marketing Director Mohit Gupta to discuss various issues and construction updates. Mohit Gupta assured all flat buyers that they will start offering possession of this site from 1st July 2015 onwards. NEFOMA vice president Vineet Verma told that this is the oldest project in Greater Noida (West) and all flat buyers want to get the possession as soon as possible. All are middle class buyers and paying increased EMIs along with rent.

Amrapali management ensured buyers that a temple will also be built inside the project. The main topic of discussion was the outer design of all towers which is not as per the agreement and the Leisure Park’s broacher. Buyers objected and informed Amrapali management to change the design because at present most of the balconies in this design are covered from 2 sides and due to that residents will not get enough natural light and view while they have paid a good amount in the form of PLC for 3 side open view from balcony. Buyers have sent an e-mail to Amrapali management to change the design without any further delay. Manoj Ahuja, Gaurav Anand, Sandeep Dubey, Hira Lal,Vijayendra, D. Prasad, Sumer Chand Verma, Anshul Verma, Inderdeo Bhatt, Manoj Tomar, Anshul Sharma, Neeraj Patil, Ashish Saxena, Prashant Dey were present in the meeting.

PRESS RELEASE

Noida Extension Flat Owners and Members Association (NEFOMA)

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