भारत में सितंबर में सबसे ज्यादा कहर ढाएगा कोरोना, चीन में कल मिले कोरोना के 97 नए मरीज

Soumitra Roy : लॉक डाउन कुछ समय के बाद तो खत्म हो ही जायेगा। लेकिन उसके बाद क्या? क्या आपने प्लान बनाया? किसका इंतज़ार है? अगर आपको यह लगता है कि लॉक डाउन खुलते ही बागों में बहार आ जायेगी तो आप बड़ी ग़लतफ़हमी में हैं।

कोरोना के जन्मदाता चीन में कल 97 मरीज़ सामने आए हैं। मतलब संकट फिर गहरा रहा है।

भारत में आईसीएमआर ने अपनी स्टडी में कह दिया है कि कोरोना सितंबर में सबसे ज़्यादा सितम ढहायेगा।

तो समझे पूरा साल गया। भूल जाइए दशहरा, दीवाली को।

देश के कॉरपोरेट्स ने कह दिया है कि देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर आने में 9 महीने तक का वक़्त लग सकता है।

उधर विश्व बैंक ने दक्षिण एशिया इकनोमिक फोकस रिपोर्ट में भारत सहित 8 देशों को तबाही की चेतावनी दी है।

बैंक का कहना है कि अगर जल्दी लॉक डाउन खुला तो भी भारत की विकास दर 2020-21 में 1.2-2.8% के बीच रहेगी।

2022 में ही भारत 5% की विकास दर हासिल कर सकेगा, वह भी तब जबकि सरकार सब संभाल ले।

अगर लॉक डाउन लंबा चलता है तो हालात और भी खराब हो सकते हैं।

तो अभी से किफ़ायत की आदत डाल लीजिये। सिर्फ ज़रूरी चीजों पर ही खर्च कीजिये, पैसा बचाइए और रोजगार को मजबूत कीजिये।

लॉक डाउन खुलने के बाद देश में भयंकर बेरोज़गारी का आलम बन सकता है। यानी अभी तेज़, तूफानी लहरों के बीच भंवर भी है।

अगले 2 साल में अगर मोदी सरकार अर्थव्यवस्था की कश्ती को बचा ले जाती है तो 2024 उनका है। वरना जनता आती है।

पत्रकार और सोशल एक्टिविस्ट सौमित्र राय की एफबी वॉल से.



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