दैनिक जागरण को औकात में ले आए सपाई, पढ़ें माफीनामा

दैनिक जागरण ने आज लंबी चौड़ी माफी मांगी है. जितनी बड़ी ग़लती (साइज में) नहीं थी, उससे बड़े एरिया में माफानामी है. समाजवादी पार्टी की सोशल मीडिया की टीम ने ट्विटर पर दैनिक जागरण के बहिष्कार का अभियान ट्रेंड करा दिया था. फेसबुक से लेकर अन्य सोशल मीडिया माध्यमों तक में दैनिक जागरण की बैंड बजाते रहे सपाई. इस तरह समाजवादी पार्टी ने अपनी ताकत दिखा दी. दैनिक जागरण को औकात में ला दिया.

दैनिक जागरण को कल दिन भर लात मारना काम कर गया. दैनिक जागरण को जगह-जगह जलवाया गया. बायकाट कराया गया. कोरोना व लॉकडाउन के चलते सरकुलेशन पहले ही कम है, सपाइयों के बहिष्कार अभियान से अखबार डूब गया. एडिटर और मालिक ने फोन करके गिड़गिड़ा रहे हैं लेकिन सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव बात करने को तैयार नहीं हैं.

आज दैनिक जागरण ने फ्रंट पेज पर माफी प्रकाशित किया है. लेकिन इसके बाद भी समाजवादी पार्टी वाले दैनिक जागरण के खिलाफ अभियान चलाए हुए हैं. ये है अंतर कांग्रेस और सपा में. विपक्ष के वर्कर हों तो ऐसे.

देखें दैनिक जागरण का माफीनामा-

ये है मूल खबर-

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Comments on “दैनिक जागरण को औकात में ले आए सपाई, पढ़ें माफीनामा

  • Satish Pradhan says:

    ये राज्य सम्पादक क्या होता है? सम्पादक तो एक एडीशन का होता है। इसमें राज्य, मण्डल, जिला सम्पादक लिखे जाने का करता औचित्य? प्रेस एक्ट में भी ऐसा कोई पद नहीं है।

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  • आत्मप्रकाश पांडेय says:

    मैं तो उस ऑपरेटर के बारे में सोच रहा हूं, जिसने पेज बनाया और उसे प्रूफ करने वाले उपसंपादक/संपादक के बारे में और ज्यादा। खेद प्रकाश में लिखा गया है कि दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की गई है, तो दोषी कौन हुआ ऑपरेटर अथवा उपसंपादक/संपादक? और मुख्य बात ये कि बलि का बकरा कौन बना और कार्यवाही स्वरूप क्या हुआ होगा दोषी/दोषियों के साथ? मैं जब हिंदुस्तान वाराणसी यूनिट में ऑपरेटर था तो गाज ऑपरेटर पर तो गिरती ही थी परन्तु इससे उपसंपादक की जिम्मेदारी ख़तम नहीं होती थी और उन्हें ही मिलती थी। बहरहाल हम तो जिले तक ही सीमित थे ये तो प्रादेशिक स्तर की गलती है और बड़ा नुकसान भी, सजा भी बड़ी ही होगी दोषी/दोषियों पर।

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