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मजीठिया से बचने के लिए जागरण का नया हथकंडा, पहले पेज पर मुक्त कंठ से सीएम उपासना

मजीठिया वेतनमान देने से बचने के लिए दैनिक जागरण प्रबंधन अब तरह-तरह के हथकंडे अपना रहा है। कभी कर्मचारियों को धमकाता है तो कभी प्रलोभन देने लगता है। अब कर्मचारी उसके झांसे में आने वाले नहीं हैं। कर्मचारियों ने अब गांधीवादी तरीके से मजीठिया की लड़ाई जारी रखने का फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी राज्‍य सरकारों को आदेश जारी कर गेंद कर्मचारियों के पाले में डाल दी है। 

मजीठिया वेतनमान देने से बचने के लिए दैनिक जागरण प्रबंधन अब तरह-तरह के हथकंडे अपना रहा है। कभी कर्मचारियों को धमकाता है तो कभी प्रलोभन देने लगता है। अब कर्मचारी उसके झांसे में आने वाले नहीं हैं। कर्मचारियों ने अब गांधीवादी तरीके से मजीठिया की लड़ाई जारी रखने का फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी राज्‍य सरकारों को आदेश जारी कर गेंद कर्मचारियों के पाले में डाल दी है। 

अब कर्मचारियों पर कोई वश न चलते देख दैनिक जागरण ने पाला बदल दिया है और राज्‍य सरकारों को सेट करने में लग गया है। शायद यही वजह है कि कभी उत्‍तर प्रदेश की अखिलेश सरकार के पीछे पड़े रहने वाले दैनिक जागरण ने 9 मई के अंक में लखनऊ संस्‍करण के पहले पन्‍ने पर मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव का साक्षात्‍कार छापा है। उसमें भी इतना ज्‍यादा गुणगान कर दिया है कि उसकी बटरिंग साफ नजर आ रही है। 

पेज-एक पर बटरिंग से पेट नहीं भरा तो साक्षात्‍कार का शेष भाग अंदर के पेजों पर दे दिया है, जबकि विष्‍णु त्रिपाठी ने दैनिक जागरण के दिल्‍ली-एनसीआर संस्‍करणों में शेष की परंपरा ही बंद की हुई है। शेष देने में भी गलती यह हुई है कि खबर के नीचे लिखा है-साक्षात्‍कार का शेष भाग पृष्‍ठ 00 पर देखें। अब 00 पेज क्‍या होता है, यह तो संजय गुप्‍ता ही पाठकों को बता पाएंगे।  

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित

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2 Comments

2 Comments

  1. Anupam Pandey

    May 9, 2015 at 6:50 pm

    Jagran Haryana ne bhi khattar ko prabhu maan liya hai .. sirf gudgaan karne me hi laga hai

  2. dheeraj

    May 11, 2015 at 5:06 am

    जागरण ने सारी हदे पार कर दी है। सोमवार के अंक में मजीठिया से बचने व पत्रकारो को खून चूसना जारी रखने के लिए पीएम को जम कर तेल लगाया है। मेरी पत्रकारिता के इतिहास में मैने ढाइ्र पेज का इंटरब्‍यू नहीं देखा।

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