फेसबुक पर हुआ मनचलों को सबक सिखाने का इंतजाम

तिरुअनंतपुरम : फेसबुक पर महिलाओं को अभद्र ट्रॉल और आपत्तिजनक प्राइवेट मेसेज भेजने वाले अब सावधान हो जाएं। इस तरह का कारनामा आप पर उल्टा पड़ सकता है। केरल का एक फेसबुक पेज ‘सेक्सुअली फ्रस्ट्रेटेड मल्लू’ या SFM अभद्रता का शिकार हुई महिलाओं को एक मौका दे रहा है, ऐसे लोगों को लाइन पर लाने का। 

यह पेज सीधे-सादे तरीके से काम करता है और ऐसे लोगों को शर्मिंदा करता है। अगर आपको लेकर अभद्र ट्रॉल किेये जाएं या कोई अभद्र प्राइवेट मेसेज भेजा जाए, तो उसका स्क्रीनशॉट लीजिए, उसे SFM पर पोस्ट कीजिए। और फिर इन्तजार कीजिए ऐसे लोगों के शर्मसार होने का। यह पेज नवंबर 2014 में शुरू हुआ था और अब इसे 7500 लाइक्स मिल चुके हैं। 

इस पेज को 20 वर्ष की उम्र में 5 दोस्तों ने शुरू किया था। उनमें से एक ने बताया, ‘हमारे पेज को काफी रेस्पॉन्स मिला है। कुछ लोगों ने हमें धमकियां दीं और इस तरह के गलत काम जारी रखे, लेकिन दूसरों ने हमसे माफी मांगी, हमारे आगे गिड़गिड़ाए कि हम पेज से उनकी घटिया पोस्ट्स हटा दें।’ 

ये पांचों यह भी सुनिश्चित करते हैं कि इनकी अपनी पहचान गुप्त रहे। उनका कहना है, ‘गुमनाम रहना हमारा सबसे बड़ा सेल्फ-डिफेंस है। अगर हमने अपनी पहचान बता दी, तो हमारे सोशल मीडिया अकाउंट्स को लोग नहीं छोड़ेंगे।’ 

इस पेज को ऐसे कई लोगों का सपोर्ट मिला है जिनके साथ आए दिन इस तरह के साइबर क्राइम होते रहते हैं। जैसे मलयाली ऐक्ट्रेस रंजिनी हरिदास, जिनकी प्राइवेट लाइफ पर न जाने कितने भद्दे ट्रॉल्स तैयार किये जाते हैं। रंजिनी कहती हैं, ‘मैं कई ऐसी चीज़ें करती हूं जो लोगों को पसंद नहीं हैं। जैसे मैं अंग्रेजी बोलती हूं, विदेशी कपड़े पहनती हूं, स्टेज पर लड़कों या लड़कियों को हग करती हूं, टांगें खोलकर बैठती हूं… लेकिन मेरे खिलाफ खासकर सोशल मीडिया में इतनी ज्यादा सेक्सुअल डबल मीनिंग बातें की गई हैं कि मुझे सोचकर दुख होता है।’ 

ऐक्टिविस्ट और लेखक संध्या SN उन लोगों में से हैं जो इस तरह के मेसेज या वॉल पोस्ट्स को उठाकर सीधा वॉल पर डाल देती हैं। उनका कहना है कि, ‘इस तरह की अब्यूज़िव सोच हमेशा रही है। बस अब टेक्नॉलजी बढ़ने के साथ प्लैटफॉर्म बदल गया है और इस तरह की चीजें लोगों के लिए आसान हो गई हैं। ये अधिकतर कॉमेंट्स पर्सनल लाइफ या बॉडी के बारे में ही होते हैं।’ 

केरल के सायबर पुलिस वालों ने माना है कि सायबर स्पेस में महिलाओं के प्रति हिंसक गतिविधियों को रोकना काफी मुश्किल है। तिरुअनंतपुरम पुलिस कमिश्नर एच वेंकटेश ने कहा, ‘औसतन मेरे सामने महिलाओं के ऐसे 10 केस रोज़ आते हैं। इनमें स अधिकतर फेसबुक और ऑनलाइन अब्यूज़िंग से संबंधित ही होते हैं। 

उन्होंने कहा, ‘इससे निपटने के लिए हमारे पास लीगल प्रावधान हैं जिनमें फेसबुक के लीगल सेल को नोटिस देना भी शामिल है। इसमें वक्त लगता है और हम सिर्फ उन्हीं केसेज में ऐक्शन ले सकते हैं जो हमारे पास रिपोर्ट किये जाते हैं। हर चीज़ को मॉनिटर और रेग्युलेट करना संभव नहीं है। शिकायतें इतनी बढ़ गई हैं कि अब हम सायबर सेल के विस्तार पर सोच रहे हैं।’

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