हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के कुलपति प्रो. गिरीश्वर मिश्रा पर जनसंचार विभाग के पीएचडी दाखिले प्रक्रिया में धांधली का आरोप

सेवा में,
सम्मानीय श्री प्रकाश जावड़ेकर जी
माननीय मानव संसाधन विकास मंत्री
भारत सरकार, नई दिल्ली
फैक्स-011-23382365

विषय : महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के जनसंचार विभाग के पीएच.डी में दाखिले प्रक्रिया में कुलपति प्रो. गिरीश्वर मिश्रा द्वारा धांधली करने के संबंध में।

महोदय,

उपरोक्त विषयार्तंगत कृपया कृपया अवगत हो कि महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में पीएचडी में प्रवेश प्रक्रिया में नियमों को ताक पर रख कर खूब धांधली हो रही  है। पहली बार लिखित परीक्षा के परिणाम नियमों की अनदेखी कर जारी हुए थे। छात्रों के विरोध के बाद वह परिणाम रद्द कर नई सूची निकाली गई। यहां के कुलपति प्रो. गिरीश्वर मिश्रा ने प्रणय मिश्रा  नाम के उम्मीदवार को दाखिला देने के लिए हर नियमों को ताख कर रख दिया। यहां के अन्य विभाग के पीएच.डी में प्रवेश प्रक्रिया के दौरान जो नियम नहीं अपनाए गए, वह कुलपति के कहने पर  जनसंचार विभाग के पीएचडी दाखिले में अपनाए गए। केवल जनसंचार विभाग के पीएचडी के लिए साक्षात्कार से पूर्व दस अंक के लिखित परीक्षा का प्रावधान रखा गया। इसमें छात्रों को तीन सवाल दिए  गए। यह सवाल किसी कमेटी ने नहीं तय किए। यह सवाल कुलपति प्रो मिश्रा ने तय किए और उस सवाल को उन्होंने प्रणय मिश्रा नाम के उम्मीदार को पहले ही बता दिया था, जिससे कि वह उसका  उत्तर ठीक से लिख सके और उसका दाखिला हो सके। यह सवाल खुद प्रति कुलपति साक्षात्कार बोर्ड के सामने लेकर आए, इसे पूछने के लिए बाध्य किया।

महोदय, कृपया अवगत हो कि कुलपति प्रो. गिरीश्वर मिश्रा नियमों को ताक पर रख कर प्रणय मिश्रा को इसलिए दाखिला देना चाहते हैं, क्योंकि इस प्रणव मिश्रा के पिता यहां के बड़े अखबार के संपादक  है, और इस एडमिशन के एहसान के कारण वह संपादक विश्वविद्यालय की अनियमितता की खबरें प्रकाशित नहीं कर पाएंगे।  महोदय, कृपया अवगत हो कि प्रणव मिश्रा को पिछले वर्ष ही दाखिला दिलाने के लिए कुलपति ने नियमों को ताक पर रख दिया था। लिखित परीक्षा में कम अंक आने पर केवल प्रणय मिश्रा की उत्तर  पुस्तिका जांचने के लिए स्वयं मगवा लिया था। उसके बाद भी उसके लिखित परीक्षा में नंबर इतने कम थे कि साक्षात्कार में ज्यादा अंक देने के बाद भी वह पास नहीं हो पाया। लिहाजा, कुलपति ने इस  सत्र में उन्हें किसी न किसी तरह से दाखिल देने का वायदा किया था। कृपया ज्ञात हो कि इस विश्वविद्यालय के हर विभाग के पीएचडी के प्रवेश परीक्षा के परिणाम घोषित हो चुके हैं, लेकिन केवल जनसंचार विभाग के ही परिणाम अभी तक घोषित नहीं हुए हैं।

आपसे सादर आग्रह है कि उक्त मामले में संज्ञान ले और उच्चस्तरीय जांच करवाएं जिससे प्रतिभाशाली छात्रों का भविष्य अंधकार में जाने बच सके। इस कुलपति की धांधलेबाजी की अन्य शिकायत जल्द ही मंत्री महोदय के समक्ष साक्ष्यों के साथ प्रेषित की जा रही है।

धन्यवाद
सादर
संयोजक
जागो जगाओ मंच
jagojagawo@gmail.com

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