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मजीठिया मुद्दे पर सीएम और मुख्य सचिव को पत्र लिखेंगे पत्रकार, आज उपश्रमायुक्त से मिलेंगे

गोरखपुर : मजीठिया वेज बोर्ड द्वारा निर्धारित वेतनमान व अन्य सुविधाओं का मीडिया घरानों द्वारा पालन न करने के सम्बन्ध में गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब द्वारा अपने सभागार में बुलायी गयी बैठक में कई निर्णय लिए गए। बैठक में सुप्रीम कोर्ट के 28 अप्रैल के आदेश के दो हफ्ते बाद भी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विशेष श्रम अधिकारी की नियुक्ति नहीं होने पर क्षोभ प्रकट करते हुए इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, श्रम मंत्री और श्रम आयुक्त को पत्र भेजने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा गोरखपुर के पत्रकारों और न्यूज पेपर कर्मचारी 19 मई को गोरखपुर के उपश्रमायुक्त से मिलकर एक ज्ञापन देंगे।

मुकेश प्रभुदास पांडेय का कार्टून ‎मजीठिया मंच एफबी वॉल से साभार

गोरखपुर : मजीठिया वेज बोर्ड द्वारा निर्धारित वेतनमान व अन्य सुविधाओं का मीडिया घरानों द्वारा पालन न करने के सम्बन्ध में गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब द्वारा अपने सभागार में बुलायी गयी बैठक में कई निर्णय लिए गए। बैठक में सुप्रीम कोर्ट के 28 अप्रैल के आदेश के दो हफ्ते बाद भी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विशेष श्रम अधिकारी की नियुक्ति नहीं होने पर क्षोभ प्रकट करते हुए इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, श्रम मंत्री और श्रम आयुक्त को पत्र भेजने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा गोरखपुर के पत्रकारों और न्यूज पेपर कर्मचारी 19 मई को गोरखपुर के उपश्रमायुक्त से मिलकर एक ज्ञापन देंगे।

मुकेश प्रभुदास पांडेय का कार्टून ‎मजीठिया मंच एफबी वॉल से साभार

बैठक में उपस्थित विभिन्न समाचार पत्रों से जुड़े पत्रकारों ने बताया कि मजीठिया वेज बोर्ड द्वारा निर्धारित वेतन मान व अन्य सुविधाएं उनके संस्थान नहीं दे रहे हैं। पिछले तीन वर्ष के एरियर का भी भुगतान नहीं किया गया है। यहीं नहीं मजीठिया वेतन बोर्ड की रिपोर्ट लागू होने के बाद पिछले वर्ष से तमाम पत्रकारों ने पदनाम बदल दिए गए हैं। संस्थान में पत्रकारों की जबर्दस्त निगरानी की जा रही है और उन्हें मजीठिया वेज बोर्ड के मुद्दे पर पत्रकार संगठनों की बैठक में न जाने और इस सम्बन्ध में मुंह बंद रखने की चेतावनी दी जा रही है। बैठक में शामिल कुछ पत्रकारों ने बताया कि मजीठिया वेतन आयोग के मुताबिक वेतनमान नहीं देने के लिए एक संस्थान में दो दर्जन लोगों का दूरस्थ स्थानान्तरण कर दिया गया और उन्हें संस्थान की नौकरी छोड़ने पर मजबूर किया गया। उनका हिसाब करते हुए एरियर का भुगतान नहीं किया गया।

बैठक में पत्रकारों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 28 अप्रैल को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को चार सप्ताह में विशेष श्रम अधिकारी नियुक्त कर उन्हें मजीठिया वेज बोर्ड द्वारा निर्धारित वेतनमान दिए जाने के सम्बन्ध में तीन महीने में रिपोर्ट दिए जाने का आदेश दिया गया है। इस सम्बन्ध में दिल्ली व कुछ अन्य राज्यों में श्रम अधिकारी नियुक्त किया गया है लेकिन उत्तर प्रदेश में अभी तक श्रम अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई है। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, श्रम मंत्री, श्रम आयुक्त को पत्र भेजकर उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश से अवगत कराते हुए तत्काल विशेष श्रम अधिकारी नियुक्त कर उसे कार्यवाही शुरू करने का आदेश जारी करने की मांग की जाए। साथ ही 19 मई केा गोरखपुर के उप श्रमायुक्त से मिलकर उन्हें ज्ञापन दिया जाए और उनसे जानकारी प्राप्त की जाए कि उन्होंने अब तक मजीठिया वेज बोर्ड दावरा निर्धारित वेतनमान को लागू कराने के लिए क्या कार्यवाही की है ? बैठक में पत्रकारों और न्यूजपेपर कर्मचारियों की यूनियन बनाने पर भी चर्चा हुई और इसकी प्रक्रिया आज से ही शुरू करने का निर्णय लिया गया। बैठक में 19 पत्रकारों और कर्मचारियों ने मजीठिया वेतनमान और एरियर नहीं मिलने का लिखित प्रतिवेदन देने की सहमति जाहिर की। शेष पत्राकरों और कर्मचारियों ने अपना नाम न सार्वजनिक करने का अनुरोध करते हुए हर संघर्ष में साथ देने का वचन दिया।

बैठक में गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के अध्यक्ष अशोक चौधरी, मनोज कुमार सिंह, वीरेन्द्र प्रसाद मिश्र, राजा चतुर्वेदी, शैलेष त्रिपाठी, देशदीपक पाठक, मनोज मिश्र, धर्मेन्द्र पांडेय, योगेश श्रीवास्तव, मनोज त्रिपाठी, सुरेन्द्र मिश्र, इकबाल अहमद, वीरेन्द्र तिवारी, त्रिलोकी पांडेय, विजय उपाध्याय, वेद प्रकाश पाठक, राकेश सारस्वत, विजेन्द्र तिवारी आदि उपस्थित थे।

मजीठिया मंच एफबी वॉल से

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1 Comment

1 Comment

  1. mukesh Pandya

    May 19, 2015 at 5:49 pm

    मेरे कार्टुन का प्रयोग करने के लिए भड़ास को घन्यवाद।

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