गुजराती छात्रों में वितरित अंबेडकर पर लिखी पुस्तक की लाखों प्रतियां सरकार ने लौटाईं

गुजरात में कथित रूप से हिंदू विरोधी सामग्री के कारण वहां के कक्षा छह से आठवीं के स्कूलों में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंतr पर बांटी गईं पुस्तकें प्रदेश सरकार ने प्रतिबंधित कर दी हैं। 

बताया जा रहा है कि प्रकाशक ने ग़लती से उन 22 प्रतिज्ञाओं को भी उन पुस्तकों में छाप दिया था, जो वर्ष 1956 में डॉक्टर अंबेडकर ने अपने हज़ारों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाते समय दिलाई थीं। पीए परमार द्वारा गुजराती में लिखी गई इस पुस्तक का नाम है – ‘राष्ट्रीय महापुरुष भारत रत्न डॉक्टर बीआर अंबेडकर’। इसके गुजराती लेखक  है। क्विज की तैयारी की दृष्टि से गुजराती छात्रों में वितरित की गई इस किताब की चार लाख प्रतियां प्रकाशित हुई थीं।

भड़ास की खबरें व्हाट्सअप पर पाएं, क्लिक करें-

https://chat.whatsapp.com/Bo65FK29FH48mCiiVHbYWi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *