योगेंद्र यादव समेत आइपीएफ कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर आक्रोश

नई दिल्ली : आल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट (आइपीएफ) ने किसानों के हितों के लिए आंदोलनरत योगेंद्र यादव और स्वराज अभियान समेत आइपीएफ के कार्यकर्ताओं की आधी रात को की गयी गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। आइपीएफ के राष्ट्रीय संयोजक अखिलेंद्र प्रताप सिंह ने एक बयान में सरकार से गिरफ्तार सभी कार्यकर्ताओं को तत्काल बिना शर्त रिहा करने की मांग की है।

उन्होंने सरकार और प्रशासन के इस आरोप को कि गिरफ्तार लोग स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के लिए खतरा हैं, को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि दरअसल किसान आंदोलन के राजनीतिक आयाम ग्रहण करने की आशंका से मोदी सरकार डरी हुई है और इसीलिए उसने यह कायराना हरकत की है। किसान आंदोलन के नेताओं पर हुए इस दमन से एक बार फिर यह बात साबित हुई है कि मोदी सरकार काले कानूनों और निरंकुशता के बल पर शासन करना चाहती है जिसका संगठित किसान आंदोलन और लोकतांत्रिक ताकतें देशभर में पूरी ताकत से विरोध करेंगी।

श्री सिंह ने कहा कि यह खेदजनक है कि विकास के नाम पर अधिग्रहित रेसकोर्स की जमीन पर आज जुआ और शराब का अड्डा चल रहा है और इसकी जगह आजादी के आंदोलन में शहीद और सरकार की नीतियों के कारण आत्महत्या किए किसानों के सम्मान में स्मारक बनाने के लिए शांतिपूर्ण एवं लोकतंत्रिक ढ़ग से आंदोलन करने की भी सरकार इजाजत नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि रेसकोर्स की तरह ही पूरे देश में किसानों से जमीनें छीनकर रियलस्टेट के लिए बिल्डरों व कारपोरेट के हवाले की जा रही है। इसी को बढ़ाने के लिए सरकार बार-बार भूमि अधिग्रहण अध्यादेश ला रही है जिसके खिलाफ देश की किसान आंदोलन की ताकतें समग्र भूमि उपयोग नीति के लिए राष्ट्रीय आयोग के गठन की मांग पर चैतरफा आंदोलन कर रही है।  

समाचार अंग्रेजी में पढ़ें – 

All India Peoples Front (AIPF)  has strongly condemned the arrest of Yogendra Yadav, leader Swaraj Abhiyan as well as 40 activists of AIPF protesting against Land Acquisition Amendment Bill of Modi Government and demanding Commission for Land Use Policy. In a press release issued today, Akhilendra Pratap Singh, National Convener, AIPF demanded immediate, unconditional release of Shri Yogendra Yadav and all other activists. 

 

Terming it as a cowardice act by the government afraid of peasant movement acquiring political dimension, he said that the government did not even permit the peasants who were peacefully and democratically demanding erection of a martyrs column for peasants in the capital at Race Course. It is noteworthy that land was acquired for developmental purposes but it is being used for gambling club and bar. Government and administration`s accusation that those arrested were threat for Independence Day programme is ridiculous.

Shri Singh said this repression further proves that Modi government wants to rule over the country by brute force and draconian laws which will not be permitted. It will be opposed tooth and nail by organized peasant movement and democratic forces all over the country.

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