दिल्ली में पत्रकारों ने बिगुल बजाया, पैदल मार्च, पुलिस बल प्रयोग, केंद्र को 15 दिन का अल्टीमेटम

 देश भर में हो रहे पत्रकार उत्पीड़न और पत्रकारों की हत्याओं के विरोध में एनसीआर पत्रकार संघर्ष समिति ने बुधवार को नोएडा से दिल्ली तक पैदल मार्च निकाल कर विरोध जताया। नोएडा से पैदल दिल्ली पहुंचे सैकड़ों की संख्या में पत्रकारों को दिल्ली पुलिस ने तिलक ब्रिज के पास रोक लिया और बल प्रयोग करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया। बाद में जंतर मंतर पर ले जाकर मुक्त किया। वहीं पर दिल्ली पुलिस के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। 

नोएडा से दिल्ली पैदल मार्च पर निकले पत्रकार

 

पत्रकारों के साथ बल प्रयोग करती दिल्ली पुलिस

गौरतलब है कि भड़ास4मीडिया के संस्थापक संपादक यशवंत सिंह, वरिष्ठ पत्रकार राजीव शर्मा, एनसीआर पत्रकार संघर्ष समिति के संयोजक शीशपाल सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में पत्रकार सुबह 11 बजे नोएडा स्थित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय से पैदल यात्रा करते हुए दिल्ली के लिए रवाना हुए। पूर्व सूचना के आधार पर सतर्क रही दिल्ली पुलिस और खुफिया विभाग के अधिकारी नोएडा से ही काफिले के साथ हो लिए। पद यात्रा नोएडा से शुरू होकर अक्षरधाम, यमुना बैंक, आईटीइओ होते हुए तिलक ब्रिज तक पहुंची, जहां दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों को रोक लिया। 

सड़क पर ही धरना देने बैठ गए पत्रकार

दिल्ली पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन कर रहे पत्रकार यहीं से वापस हो जाएं मगर प्रर्दशन कर रहे पत्रकार गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिल कर ज्ञापन सौंपने की जिद पर अड़ गए। तीखी नोक झोंक के बाद दिल्ली पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए पत्रकारों को हिरासत में ले लिया। जंतर मंतर ले जाया गया। वहां काफी देर तक बहसमुबाहसे के बाद आखिरकार दिल्ली पुलिस के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के नाम से ज्ञापन सौंपा गया। 

ज्ञापन में मांग की गई है कि पत्रकारों से संबंधित मुकदमों के तत्काल निस्तारण एवं कार्रवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना की जाए। पत्रकारों की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई के लिए पत्रकार आयोग का गठन किया जाए। सभी राज्यों के पुलिस प्रमुखों को तत्काल निर्देशित किया जाए कि स्थानीय पुलिस पत्रकारों के साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार न करे, साथ ही उनकी शिकायत को तत्काल दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाए। किसी भी पत्रकार की हत्या होने पर हत्याकांड की सीबीआई जांच कराई जाए, साथ उसके परिजनों को 50 लाख का मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए। दुर्घटना में घायल पत्रकारों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। 

वरिष्ठ पत्रकार और भड़ास4मीडिया के संपादक यशवंत सिंह ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार, मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र में बैठी बीजेपी की सरकार पूरी तरह से संवेदनहीन हो चुकी हैं। उन्हें अब कुंभकर्णी नींद से जगाना होगा। हम आने वाले दिनों में सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों को उचित कार्रवाई करने पर विवश कर देंगे। प्रदर्शन के दौरान संघर्ष समिति के संयोजक शीशपाल सिंह ने कहा कि हमने सरकार के सामने अपनी मांग रखी है और उन्हें 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। अगर इन 15 दिनों में सरकार कोई उचित कार्रवाई नहीं करती है तो फिर देश भर के पत्रकार दिल्ली पहुंच कर संसद भवन का घेराव करेंगे। 

वरिष्ठ पत्रकार इकबाल चौधरी ने सरकार को चेतवानी देते हुए कहा कि अगर 15 दिनों में सरकार पत्रकारों के हित में कोई कदम नहीं उठाती है तो आगे इससे भी बड़ा देशव्यापी आंदोलन होगा जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी। आंदोलन में प्रमुख रूप से संजय शर्मा, अजब सिंह यादव, निरंकार सिंह, जगदीश शर्मा, राकेश पंडित, अंशुमान यादव, नरेंद्र भाटी, ताहिर सैफी, तरूड़ भड़ाना, आदेश भाटी, मनोज वत्स, रविंद्र जयंत, कुमार साहिल, रिंकू यादव, अभिमन्यु पाण्डेय, अम्बरीश गौतम, संजीव शर्मा, राजीव शर्मा, नंदगोपाल वर्मा, उमेश शर्मा, पीके शर्मा, अवनीश शर्मा, धर्मेंद्र वर्मा, ऋषिपाल अरोड़ा, शशांक शेखर पाण्डेय सहित सैकड़ों की संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।  

पत्रकार इक़बाल चौधरी से संपर्क करें : 9999397715

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