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क्या दैनिक भास्कर सीएम शिवराज सिंह चौहान का पालतू अखबार है?

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लीडरों की बंगलाखोरी पर दैनिक भास्कर भोपाल में छपी खबर में सीएम की बंगलापरस्ती पर एक शब्द नहीं!

भोपाल : सुप्रीमकोर्ट और हाईकोर्ट को दरकिनार कर तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगले एलाट करने के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के फैसले पर दैनिक भास्कर ने पहले पेज पर पहली बड़ी खबर छापी है.इसमें सुषमा स्वराज और सुरेश पचौरी से लेकर कैलाश सारंग और महेश जोशी से लेकर प्रभात झा और अरुण यादव तक सबकी खबर ली गई है.

अफ़सोस, देश के सबसे विश्वसनीय अख़बार का दावा करने वाले दैनिक ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की बंगलाखोरी का खबर में जिक्र तक नहीं किया. शायद इसीलिए अधिकांश मीडिया को मुख्यमंत्री का पालतू कहा जाने लगा है.

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कांग्रेस पार्टी के भी किसी नेता के श्रीमुख से दो-दो बंगलों पर मुख्यमंत्री के कब्जे के खिलाफ एक शब्द तक नहीं फूटा.? यह जताता है की भले कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट जाने की कहे पर बंगलाखोरी को लेकर दोनो दलों के लीडरों में गजब का तालमेल है..!

दरअसल शिवराजसिंह चौहान तेरह साल पहले जब मुख्यमंत्री बने तब सांसद के नाते भोपाल में बंगला मिला था. उनके पास दिल्ली में भी सांसद के नाते बंगला था. मुख्यमंत्री बनने के बाद वे शामला हिल्स के विशाल बंगले में रहने जरूर चले गए पर सांसद के नाते भोपाल की प्राइम लोकेशन में मिला बंगला खाली नहीं किया.

पिछले तेरह बरस से यह बंगला उन्ही के कब्जे में है.इसके खिलाफ आप पार्टी ने प्रदर्शन भी किया था.पराजय की आशंका के चलते विधानसभा चुनाव से पहले वे रंग रोगन करा कर इसमे जाने की तैयारी कर लेते हैं. पिछले बारह साल से यह बंगला वीरान सा पड़ा था. इसमें हलचल तब हुई जब यहाँ मुख्यमंत्री की किरार जाति का अखिल भारतीय कर्यालय खुल गया.

यह जानना दिलचस्प होगा की संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री की पत्नी साधना सिंह चौहान हैं.! यह भी जानना दिलचस्प होगा की दैनिक भास्कर प्रबंधन के एक करीबी दिल्ली में रह कर अख़बार के लिए गासिप कालम लिखते हैं पर सरकारी बंगला उन्होंने भोपाल में पत्रकार कोटे से एलाट करा रखा है..?

भोपाल से वरिष्ठ पत्रकार श्रीप्रकाश दीक्षित की रिपोर्ट.

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