दैनिक भास्कर पूरी दबंगई से पेड न्यूज छापता है, देखें

Sandeep Kumarदेश का सबसे ‘विश्वसनीय’ और ‘नंबर एक’ अखबार अपने पहले पन्ने पर ख़बरनुमा विज्ञापन छापता है और पाठकों को बताना तक जरूरी नहीं समझता कि यह विज्ञापन है. यह वही अखबार है जिसने अपने समूह संपादक की आत्महत्या को दिल का दौरा बताते हुए खबर छापी थी. ये अखबार पोस्ट ट्रुथ से भी आगे …

सवाल ये है कि ‘दैनिक भास्कर’ अब तक खामोश क्यों था और किन मुद्दों पर खामोश था?

दैनिक भास्कर अखबार ने फ्रंट पेज पर एक अपना विज्ञापन दिया है… लिखा है कि- ”भास्कर अब तोड़ेगा सबसे बड़ी चुप्पी… खामोशी अब और नहीं… इंतजार कीजिए….” इस विज्ञापन को पढ़कर लोग पूछने लगे हैं कि आखिर अब तक भास्कर खामोश क्यों था और किन किन मुद्दों पर कितने कितने देर तक खामोश रहा… Share …

धतकरम करने के लिए अखबार अपने पाठकों को ‘नो निगेटिव न्यूज़’ जैसी मीठी गोलियां खिलाता है!

Girish Malviya : दैनिक भास्कर में हर सोमवार ‘नो निगेटिव न्यूज डे’ होता है. भास्कर गर्वपूर्वक कहता है कि खुद पीएम नरेंद्र मोदी दैनिक भास्कर के ‘नो निगेटिव न्यूज’ कैम्पेन की तारीफ कर चुके हैं. इस सोमवार को नो निगेटिव न्यूज कैम्पेन के तहत भास्कर ने अपने मुख्य पृष्ठ पर देश की सबसे साफ मेघालय …

दैनिक भास्कर की भ्रष्ट प्रसार नीति ने ली अखबार वितरक की जान!

राजस्थान कोटा के अखबार वितरक राठौर ने दैनिक भास्कर के झूठे दिखावे के आगे 10 जनवरी 2019 को अपनी जान गंवा दी। भास्कर खुद को नंबर वन सिद्ध करने के लिये अब किसी की जान लेने में भी पीछे नहीं हटता। दैनिक भास्कर अपनी झूठी ग्राहक संख्या बताने के लिये वितरकों पर अपनी अखबार की …

भास्कर में बड़े पैमाने पर छंटनी होगी, अंग्रेजी अखबार बंद, इंदौर से विकास राठौर गए

खबर है कि दैनिक भास्कर प्रबंधन अपने यहां बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी कर चुका है. इसी के तहत अलग-अलग आरोप लगाकर लोगों को निकाला जा रहा है. दैनिक भास्कर इंदौर से खबर है कि यहां से विकास राठौर को हटा दिया गया है जो रिपोर्टिंग में कार्यरत थे. Share on:कृपया हमें अनुसरण करें …

मालिकों ने पेड न्यूज से कितना डकारा, कोई हिसाब नहीं! ईमानदारी-एथिक्स सिर्फ छोटे पत्रकारों के लिए

एथिक्स, ईमानदारी और मिशनरी पत्रकारिता सिर्फ छोटे पत्रकारों के लिए… पत्रकारिता अब अजीब पहेली है। संपादक अब खबरों के लिए कम और मालिकों के लिए ज्यादा काम करते हैं। अधिकांश अखबारों व चैनलों के संपादक विवादित हैं। स्वच्छ छवि के संपादक अब नजर नहीं आते हैं। मसलन हर अखबार का एडिशन निकालने के पीछे मालिकों …

भास्कर समूह नहीं चला पाया अंग्रेजी अखबार डीबी पोस्ट, 6 जनवरी से लगेगा ताला

भोपाल | दैनिक भास्कर समूह भोपाल से प्रकाशित होने वाले अपने अंग्रेज़ी अख़बार डीबी पोस्ट को बंद करने जा रहा है। 12 मार्च 2016 को शुरू हुआ ये अख़बार अपनी तीसरी सालगिरह भी नहीं मना पाया। 12 दिसम्बर को एचआर वालों ने अख़बार के कर्मियों को ये बुरी ख़बर सुनाई कि 6 जनवरी को अख़बार …

मजीठिया क्रांतिकारी का 37 लाख रुपये बकाया कोर्ट में जमा करने का दैनिक भास्कर को निर्देश

जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में पंजाब से एक बड़ी खबर आ रही है। पंजाब हाईकोर्ट ने दैनिक भास्कर की प्रबंधन कंपनी डी बी कार्प को निर्देश दिया है कि वह क्लेमकर्ता की पूरी बकाया राशि को रजिस्ट्रार कार्यालय में दस दिनों के अंदर जमा कराए। पूरे देश में ये पहला मामला है जब किसी …

भास्कर ग्रुप ने रवीश कुमार से प्रायोजित सवाल पूछे!

Girish Malviya कल देश के तथाकथित सबसे बड़े अखबार दैनिक भास्कर में पत्रकार रवीश कुमार से जो प्रायोजित 10 से 12 सवाल पूछे गए, उनमें से चार सवाल देखिए… Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

भास्कर के निशाने पर गरीब हॉकर और एजेंट आ गए! पढ़िए नया फरमान

भास्कर वाले न्यूज़ के नाम पर करोड़ों अरबों की सौदेबाजी करने के स्टिंग ऑपरेशन में पकड़े जाने के बाद भी पैसे के लिए हाय हाय किए हुए हैं. इसी कड़ी में दैनिक भास्कर के निशाने पर गरीब एजेंट व हॉकर आ गए हैं. भास्कर ने जयपुर संस्करण में एक न्यूज़ प्रकाशित कर अखबार वितरण करने …

नेताओं को तेल लगाने के मामले में भास्कर समूह ने सारे मीडिया हाउसों को पछाड़ा! देखें अखबार

कहते हैं कि मीडिया निष्पक्ष होता है. वह अगर पक्षकार है तो आम जन का, गरीब जनता का, हाशिए के लोगों का. पर दैनिक भास्कर में उल्टी गंगा बहती है. छत्तीसगढ़ में सरकार से ढेर सारे अनुग्रह हासिल करने वाले दैनिक भास्कर समूह ने नेताओं को तेल लगाने के मामले में सबको पीछे छोड़ दिया. …

पाखंडी भास्कर समूह को आइना दिखाने वाली बहादुर रिसेप्शनिस्ट आलिया इम्तियाज़ शेख को एक सैल्यूट!

महिला मीडियाकर्मी का यह इस्तीफानामा दैनिक भास्कर के पाखंड को तार-तार करता है… आप भी पढ़ें और दूसरों को भी पढ़वाएं…. Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

दैनिक भास्कर के खाने और दिखाने के दांत अलग-अलग हैं… आप भी देखें

अखबार एक, रूप अनेक! इसे चिराग तले अंधेरा भी कहते हैं। इसे खाने और दिखाने के अलग-अलग दांत भी कहते हैं। दैनिक भास्कर अखबार फर्स्ट पेज पर छापकर कहता है- ‘No paid news’. लेकिन इसी दैनिक भास्कर अखबार के डायरेक्टर पवन अग्रवाल और अखबार के शीर्ष अधिकारियों पर 20 करोड़ रुपए के बदले मनचाही खबर …

छीछालेदर होते देख दैनिक भास्कर दुम दबाकर भागा, कोबरापोस्ट से मानहानि का मुकदमा वापस लिया

दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस रवीद्र भट्ट और जस्टिस एके चावला की डिविजनल बेंच ने 28 September 2018 को कोबरापोस्ट के खिलाफ दैनिक भास्कर के खिलाफ स्टिंग दिखाने से एकतरफा रोक लगाए जाने को खारिज कर दिया था. साथ ही दैनिक भास्कर को योग्यता के आधार पर जस्टिस योगेश खन्ना के समक्ष प्रकाशन/आपरेशन में असत्यता …

भास्कर समूह का स्टिंग दिखाने से रोक हटी, कोबरापोस्ट ने जारी किया वीडियो, पवन अग्रवाल भी फंसे, देखें

भास्कर ग्रुप अपने स्टिंग को प्रसारित होने से रोकने के लिए कोर्ट भागा था और स्टे आर्डर ले आया था. तब कोबरा पोस्ट ने अदालती आदेश का सम्मान करते हुए भास्कर का स्टिंग दिखाने से परहेज किया था. ताजी सूचना ये है कि कोर्ट ने भास्कर का स्टिंग दिखाने से रोक हटा ली है. इसके …

एनयूजे अध्यक्ष शीतल की विजिट से ‘भास्कर’ के आफिस में हड़कंप

मुंबई स्थित ‘दैनिक भास्कर’ के बीकेसी वाले आफिस में पिछले दिनों तब हड़कंप मच गया, जब एक डोमेस्टिक इन्क्वायरी में पीड़ित का पक्ष रखने के लिए वहां अचानक ‘एनयूजे’ की अध्यक्ष शीतल करदेकर पहुंच गईं! शीतल ने वहां न केवल पीड़ित के पक्ष को मजबूती से रखा, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश में अनिवार्य की …

दैनिक भास्कर ने दिल्ली की लोकल खबरों के पुलआउटट ‘Delhi भास्कर’ को बंद किया

खबर है कि दैनिक भास्कर समूह ने चुपचाप ‘Delhi भास्कर’ को बंद कर दिया है. दिल्ली की स्थानीय खबरों को पुलआउट था. ये रोज मेन अखबार के साथ दिल्ली में बंटता था. Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

दैनिक भास्कर ने मच्छर मार अखबार छापा, आप भी देखें-पढ़ें

सोशल मीडिया पर दैनिक भास्कर के मच्छर मार अखबार की बहुत चर्चा है. भास्कर का दावा है कि इस अखबार को औषधीय घास सिट्रोनेला आयल में मिलाकर छापा गया है, इसलिए यह पूरी तरह मास्कीटो रिपेलेंट है. Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

एक मेडिकल कालेज ने फर्जी खबर छापने पर दैनिक भास्कर को भेजा सौ करोड़ की मानहानि का नोटिस

भोपाल : दैनिक भास्कर की एक महा भूल इन दिनों चर्चा में है. दैनिक भास्कर ने कल अपने पहले पेज पर फर्जी खबर छाप दी। भास्कर ने खबर छापा कि भोपाल के महावीर मेडिकल कॉलेज पर दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगा है क्योंकि इस मेडिकल कॉलेज ने तीसरे बैच में एडमिशन की अनुमति के …

रिकवरी मैनेजर ने दैनिक भास्कर के यूनिट हेड पर बेस बाल से पिटाई करने का आरोप लगाया

दैनिक भास्कर होशंगाबाद में रिकवरी मैनेजर के रूप में कार्यरत कृष्ण कुमार शर्मा उर्फ केके शर्मा ने लिखित आरोप लगाया है कि उनके उपर दैनिक भास्कर के यूनिट हेड हरिशंकर व्यास ने हमला किया. Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

क्या दैनिक भास्कर सीएम शिवराज सिंह चौहान का पालतू अखबार है?

लीडरों की बंगलाखोरी पर दैनिक भास्कर भोपाल में छपी खबर में सीएम की बंगलापरस्ती पर एक शब्द नहीं! भोपाल : सुप्रीमकोर्ट और हाईकोर्ट को दरकिनार कर तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगले एलाट करने के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के फैसले पर दैनिक भास्कर ने पहले पेज पर पहली बड़ी खबर छापी है.इसमें सुषमा स्वराज और सुरेश …

दैनिक भास्कर के जालंधर आफिस की कुर्की का आदेश

मजीठिया वेजबोर्ड का बकाया ना देने के कारण होगी कार्रवाई… ए.एल.सी. द्वारा पास किया 23.52 लाख का क्लेम ब्याज सहित अदा ना किया तो होगी भास्कर कार्यालय की नीलामी… पंजाब के फिरोजपुर से एक बड़ी खबर आ रही है। यहां सहायक लेबर कमिश्रर फिरोजपुर की कोर्ट द्वारा भास्कर कर्मी राजेन्द्र मल्होत्रा को 23 लाख 52 …

भोपाल के कुछ अखबारों ने घोटालेबाज सुधीर अग्रवाल और गिरीश अग्रवाल की सचित्र खबर ली, देखें वीडियो

भास्कर ग्रुप से पीड़ित भोपाल के कुछ अखबारों ने घोटालेबाज सुधीर अग्रवाल और गिरीश अग्रवाल की सचित्र खबर ली है… इनने विस्तार से खबर प्रकाशित की है. लेकिन दैनिक जागरण हो या अमर उजाला, दैनिक हिंदुस्तान हो या टाइम्स आफ इंडिया… आजतक हो या कलतक, इंडिया टीवी हो या इंडिया न्यूज… इन सब बड़े अखबारों और चैनलों ने इस बड़े घपले-घोटाले में गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने की खबर को दबा-पचा लिया…

हजारों करोड़ के घोटाले में दैनिक भास्कर के मालिकों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी

42 कम्पनियों का 7536 करोड़ का घोटाला : सुधीर अग्रवाल और गिरीश अग्रवाल के ख़िलाफ़ गिरफ्तारी वारंट जारी… EOW ने घोटाले के आरोपियों के नामों का खुलासा किया… पढ़िए आर्थिक अनुसंधान शाखा द्वारा जारी प्रेस रिलीज…

भोपाल । मध्य प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम के तत्कालीन अध्यक्ष, संचालक मण्डल, प्रबंध संचालक एवं अन्य अधिकारियों ने षडयंत्रपूर्वक बेईमानी के इरादे से छल करते हुए लगभग 42 डिफॉल्टर कम्पनियों के प्रवर्तकों / संचालको से सांठगांठ कर उन्हें अवैध रूप से लाभान्वित किया। इससे शासन और निगम को ब्याज सहित लगभग 719 करोड़ रुपये की वित्तीय हानि हुई थी। दिनांक 31. 09. 2017 की स्थिति में यह हानि बढ़कर ब्याज सहित 7536.57 करोड़ रुपये हो चुकी है।

फिरोजपुर से भास्कर कर्मी राजेन्द्र मल्होत्रा के पक्ष में जारी हुयी साढ़े बाईस लाख की आरसी

पंजाब के फिरोजपुर से एक बड़ी खबर आ रही है। यहां दैनिक भास्कर में कार्यरत ब्यूरो चीफ राजेन्द्र मल्होत्रा के आवेदन को सही मानते हुये फिरोजपुर के सहायक कामगार आयुक्त सुनील कुमार भोरीवाल ने दैनिक भास्कर प्रबंधन के खिलाफ २२ लाख ५२ हजार ९४५ रुपये की वसूली के लिये रिकवरी सार्टिफिकेट जारी की है। राजेन्द्र मल्होत्रा ने जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में अपने बकाये की रकम के लिये सुप्रीम कोर्ट के वकील उमेश शर्मा की देख-रेख में फिरोजपुर के सहायक कामगार आयुक्त के समक्ष १७ (१) का क्लेम लगाया था।

मजीठिया वेज बोर्ड मामले में दैनिक भास्कर के खिलाफ एक और आरसी जारी

मुंबई से खबर आ रही है कि यहां दैनिक भास्कर की प्रबंधन कंपनी डी. बी. कॉर्प लिमिटेड में कार्यरत सिस्टम इंजीनियर अस्बर्ट गोंजाल्विस के पक्ष में जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में 26 लाख 38 हजार 203 रुपए 98 पैसे का रिकवरी सर्टीफिकेट (आरसी) जारी किया गया है। इस आरसी को मुंबई (उपनगर) के कलेक्टर को भेज कर आदेश दिया गया है कि वह आवेदक के पक्ष में कंपनी से भू-राजस्व की भांति वसूली करें और आवेदक अस्बर्ट गोंजाल्विस को यह धनराशि प्रदान कराएं। आपको बता दें कि इस मामले में अस्बर्ट गोंजाल्विस ने अपने एडवोकेट एस. पी. पांडे के जरिए मुंबई उच्च न्यायालय में कैविएट भी लगवा दी है।

डीबी कार्प के खिलाफ पीएफ विभाग ने शुरू की जांच

केन्द्रीय भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय औरंगाबाद ने दैनिक भास्कर की प्रबंधन कंपनी डीबी कार्प के खिलाफ इस कंपनी के कर्मचारी सुधीर जगदाले की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त -१ प्रभारी अधिकारी एम एच वारसी ने ८ नवंबर २०१७ को सुधीर जगदाले को लिखे पत्र में यह जानकारी दी है। सुधीर जगदाले का आरोप है कि वे डीबी कार्प के दैनिक अखबार दिव्य मराठी में काम करते हैं और कंपनी उनका पीएफ सिर्फ बेसिक पर काट रही है जो पूरी तरह गलत है।

मजीठिया मामला : सुप्रीम कोर्ट ने दैनिक भास्कर प्रबंधन को राहत देने से किया इनकार

धर्मेन्द्र प्रताप सिंह, लतिका चव्हाण और आलिया शेख के मामले में भास्कर प्रबंधन को लगा झटका

जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में मुंबई उच्च न्यायालय के एक आदेश के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट गए दैनिक भास्कर (डी बी कॉर्प लि.) अखबार के प्रबंधन को सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने से इनकार करते हुए उसे वापस मुंबई उच्च न्यायालय की शरण में जाने के लिए मजबूर कर दिया है। यह पूरा मामला मुंबई में कार्यरत दैनिक भास्कर के प्रिंसिपल करेस्पॉन्डेंट धर्मेन्द्र प्रताप सिंह संग मुंबई के उसी कार्यालय की रिसेप्शनिस्ट लतिका आत्माराम चव्हाण और आलिया इम्तियाज़ शेख की मजीठिया वेज बोर्ड मामले में जारी रिकवरी सर्टीफिकेट (आरसी) से जुड़ा हुआ है… पत्रकार सिंह और रिसेप्शनिस्ट चव्हाण व शेख ने मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट उमेश शर्मा के मार्गदर्शन एवं उन्हीं के दिशा-निर्देश में कामगार आयुक्त के समक्ष 17 (1) के तहत क्लेम लगाया था।

जज की चिट्ठी के बाद मचा हड़कंप, दैनिक भास्कर ने छापा सात कॉलम का खंडन, खेद भी जताया

पिछले दिनों डीबी स्टार के रिपोर्टर के द्वारा जज पर दबाव डालकर फैसला अपने एक परिचित के पक्ष में देने को लेकर उपभोक्ता फोरम के जज इतने भड़क गए कि उन्होंने आईजी को पत्र लिख दिया कि इसके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए। इस खबर के भड़ास में छपने के बाद उच्च प्रबंधन हरकत में आया और बताया जा रहा है कि मामले में भास्कर की किरकिरी होते देख जज के घर संपादक और यूनिट हेड गए, ताकि उन्हें मैनेज किया जा सके। इतना ही नहीं, उन्होंने जज अशोक पाठक को आश्वस्त किया कि वे पुरानी खबरों का खंडन छापेंगे। मंगलवार को उसी डीबी स्टार में सात कॉलम में पुरानी खबरों का खंडन छापा है और एक बॉक्स में पुरानी खबरों के लिए खेद भी प्रकट किया है। भास्कर अपनी विश्वसनीयता की बात करता है, उसके इस खंडन से उसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। संभवत: बिलासपुर में यह पहला मामला होगा, जिसमें भास्कर ने सात कॉलम में खंडन भी छापा और खेद भी प्रकट किया।

कंज्यूमर फोरम के अध्यक्ष ने की एसपी से शिकायत- ”दैनिक भास्कर का पत्रकार डाल रहा दबाव”

बिलासपुर : रायपुर, राजनांदगांव के बाद अब बिलासपुर शहर से दैनिक भास्कर के पत्रकार की करतूत सामने आ रही है। इस बार कंज्यूमर फोरम के अध्यक्ष ने एसपी को लिखित शिकायत दी है कि एक पत्रकार आशीष दुबे जो खुद को दैनिक भास्कर में कार्यरत बताता है, उसके द्वारा किसी केस में फैसला अपने परिचित के हक में करवाने दबाव डाला जा रहा है। वायरल हुई इस शिकायत का असर इतना जोरदार हुआ कि खुद प्रेस क्लब के एक बंदे को मामला दबाने तुगलकी फरमान जारी करना पड़ा कि इस खबर को जो भी चैनल या अखबार लगायेगा तो उस पर अनुशासनहीनता की कार्रवाई की जायेगी। हालांकि मिली जानकारी के मुताबिक प्रेस क्लब अध्यक्ष ने ऐसे किसी फरमान से पल्ला झाड़ लिया है।
खबर की भाषा बता रही है इरादे..