मौर्यजी, आपने किस टाइप की अच्छी रिपोर्टिंग के लिए पत्रकारों को सम्मानित किया!

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लोकसभा चुनाव मे अच्छी रिपोर्टिंग के लिए लखनऊ के दर्जनों पत्रकारों को सम्मानित किया।

अब सवाल उठ रहे हैं कि किसी राजनीतिक दल या सरकार के लिए अच्छी रिपोर्टिंग क्या होती है ?

1- सही मायने में तो अच्छी रिपोर्टिंग सरकार या पार्टी के लिए घातक होती है।किसी ताकतवर सरकार या पार्टी की खूबियों को छोड़कर कमियों को ढूंढ-ढूंढ कर लिखना अच्छी रिपोर्टिंग कहलाती है। क्योंकि पार्टी या सरकार अपनी खूबियां तो विज्ञापन के माध्यम से भी प्रस्तुत कर सकती है।

2- ये नहीं तो सियासी दल या सरकारें अपने पक्ष में लिखी जाने वाली खबरों को हीअच्छी रिपोर्टिंग मानते होंगे। पेड या चाटूकारिता से प्रेरित खबरें लिखने वालों की रिपोर्टिंग को अच्छा मानते होंगे।

3- या फिर कोरी रिपोर्टिंग पंसद होगी। कोरी रिपोर्टिग का आशय है फर्जी पत्रकारिता। जो कहीं कुछ नहीं लिखें। हर प्रेस कांफ्रेंस में जायें और हर पार्टी कार्यालय में बैठ कर चाय समोसा खायें। प्रेस कांफ्रेस में भीड़ बनकर उपस्थित हों। पत्रकार क मुखौटा लगाकर पार्टी वर्कर का काम करे। मुखबरी करें और प्रेस वार्ताओं में बताये गये सवाल पूछने का काम करें। ऐसे तथाकथित पत्रकारों की कोरी रिपोर्टिंग भी सियासतदाओं को पसंद होगी।

भाजपा नेता और यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या जी से कई बड़े पत्रकार ही सवाल पूछ रहे हैं। उपरोक्त तीन किस्म की अच्छी रिपोर्टिंग में आपने किस किस्म की अच्छी रिपोर्टिंग के लिए लखनऊ के पत्रकारों को सम्मानित किया है? यदि पहले बिंदु के आधार पर पत्रकारों का चयन किया था तो बधाई और पत्रकार जगत की तरफ से आभार।

  • नवेद शिकोह (वरिष्ठ पत्रकार, लखनऊ)
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