इनक्रीमेंट न लगने से मायूस हैं आई-नेक्स्ट वाले!

जागरण समूह के आई नेक्स्ट अखबार में काम करने वाले किसी भी कर्मचारी का न तो इंक्रीमेंट लगा और ना ही किसी का प्रमोशन हुआ। अप्रैल माह से इंक्रीमेंट की उम्मीद लगाए कर्मचारियों के बीच भी भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सितंबर माह में अप्रैजल फॉर्म भरवाया भी गया तो भी इंक्रीमेंट नहीं लगा।

कानपुर ब्रांड में काम करने वाले इंद्रजीत सिंह ने आई नेक्स्ट को छोड़कर पंजाबी चैनल ज्वाइन कर लिया है। लखनऊ से वरिष्ठ पत्रकार अशोक मिश्रा का वाराणसी ट्रांसफर कर दिया गया है। कमोबेस आगरा, मेरठ का भी बुरा हाल है। पुराने कर्मचारी नाराज हैं। गोरखपुर में भी रिपोर्टर दूसरे संस्थानों में नौकरी ढूंढ रहे हैं।

वाराणसी में संपादकीय प्रभारी रविन्द्र पाठक से पुराने कर्मचारियों ने इंक्रीमेंट न होने पर अपनी मौखिक नाराजगी जताई है। इलाहाबाद में भी रिपोर्टिंग के कई लोग नौकरी ढूंढने लगे हैं। बरेली में संपादकीय प्रभारी और पुराने कर्मचारियों के बीच इंक्रीमेंट को लेकर आये दिन बहस शुरू हो गई है। कम्पनी के आला अधिकारी अपने तरीके से कर्मचारियों को मनाने में जुटे हुए हैं।

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One comment on “इनक्रीमेंट न लगने से मायूस हैं आई-नेक्स्ट वाले!”

  • मनोज says:

    कौन सी बड़ी बात है अमर उजाला मे पिछले 2 साल से इंक्रीमेंट नही हुआ है।
    पुराने कर्मचारियों को उतने ही पैसे में काम करने को बोला जा रहा जबकि नई जोइनिंग पर खूब पैसा लुटाया जा रहा है।

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