लखनऊ में नभाटा की महिला पत्रकार से छेड़खानी, विरोध करने पर पिटाई

100 नंबर पर कॉल की लेकिन कोई जवाब नहीं मिला, 17 घंटे से ज्यादा का वक्त बीतने के बाद भी पुलिस आरोपियों को पकड़ नहीं सकी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव महिला सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करते हैं लेकिन हकीकत इससे बिलकुल अलग है। राजधानी लखनऊ में बेंगलुरु जैसी वारदात को अंजाम दिया गया। सोमवार की रात दफ्तर से घर लौट रही नवभारत टाइम्स की महिला रिपोर्टर के साथ अलीगंज जैसे व्यस्त इलाके में कार सवार गुंडों ने छेड़खानी की। रिपोर्टर के विरोध करने पर गुंडों ने रिपोर्टर को कार से दौड़ाया और ओवरटेक करके उसकी कार रोक ली। इसके बाद अभद्रता करते हुए मारपीट की।

इस दौरान पीड़िता ने 100 नंबर पर कॉल कर यूपी पुलिस से मदद लेनी चाही लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। मीडिया के जरिए रिपोर्टर से छेड़खानी की खबर फैली तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सीओ अलीगंज डॉ. मीनाक्षी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचीं। देर रात तक गुंडों की तलाश में चेकिंग हुई लेकिन पुलिस उनको ढूंढ नहीं पाई। कार का रजिस्ट्रेशन बलिया में तैनात एडीओ पंचायत जयप्रकाश सिंह की पत्नी मीरा सिंह के नाम पर है। 

जानकारी के मुताबिक नवभारत टाइम्स समाचार पत्र में कार्यरत महिला रिपोर्टर सोमवार की रात करीब दस बजे अपनी कार से अलीगंज के सेक्टर बी स्थित अपने घर जा रही थी। निशातगंज पुल के पास से फिएट एवेंचुरा गाड़ी (यूपी 60 एक्स 9696) ने रिपोर्टर की गाड़ी को फॉलो करना शुरू कर दिया। कार सवार फॉलो करते हुए लगातार हार्न बजा रहे थे। रिपोर्टर इस घटना को नजरअंदाज करके आगे बढ़ी तो उनका दुस्साहस बढ़ गया। उन लोगों ने रास्ते में रिपोर्टर की कार को ओवरटेक करते हुए रोकने की कोशिश की। रिपोर्टर किसी तरह से आगे बढ़ी। इस पर गुंडो ने रिपोर्टर की कार को पीछे से दौड़ाया। रिपोर्टर ने विरोध किया तो कार सवार तीनों युवक अभद्रता करने लगे। 

रिपोर्टर ने पुलिस को फोन करने और कार सवारों की रिकॉर्डिंग के लिए मोबाइल फोन निकाला तो उसके साथ हाथापाई करने लगे। रिपोर्टर ने शोर मचाया तो वे सत्तारूढ़ दल के नेताओं का नाम लेकर उसे जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए। उनके जाने के बाद रिपोर्टर ने मदद के लिए 100 नंबर पर फोन मिलाया लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। इसके बाद रिपोर्टर ने अपने दफ्तर में सहकर्मियों को मामले की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस से संपर्क हुआ और अलीगंज पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस आरोपियों और उनकी कार को तलाश नहीं कर पाई। 

कार के नंबर के बारे में पता किया गया तो बताया गया कि कार बलिया के जिला पंचायत में तैनात एडीओ जय प्रकाश सिंह की पत्नी मीरा सिंह के नाम पर है। लखनऊ पुलिस ने बलिया के एसपी को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने अज्ञात कार सवारों के खिलाफ अलीगंज थाने में छेड़खानी, मारपीट और जान से मारने की धमकी का मामला दर्ज कर लिया है। 17 घंटे से ज्यादा का वक्त बीतने के बाद भी पुलिस अभी तक आरोपियों को पकड़ नहीं पाई है। एसएसपी मंजिल सैनी का कहना है कि एसपी बलिया आरपी सिंह को पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है। बताया गया है कि जयप्रकाश सिंह का बेटा सोनू सिंह सोमवार को लखनऊ में था। जयप्रकाश सिंह से कई बार मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन वह फोन नहीं उठा रहे हैं। उनके बेटे व उससे जुड़े लोगों को मोबाइल फोन स्विच ऑफ है। आरोपियों की कॉल डिटेल निकलवा कर उनकी तलाश की जा रही है। क्राइम ब्रांच की टीम को पड़ताल में लगाया गया है।



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