एक औघड़ की आह से तबाह होना ही था अखिलेश राज को!

यूपी में रक्तहीन क्रांति पर भड़ास एडिटर यशवंत की त्वरित प्रतिक्रिया- ‘मीडियाकर्मियों का अंतहीन उत्पीड़न करने वाले अखिलेश राज का खात्मा स्वागत योग्य’

Yashwant Singh : यूपी में हुए बदलाव का स्वागत कीजिए. सपा और बसपा नामक दो लुटेरे गिरोहों से त्रस्त जनता ने तीसरे पर दाव लगाया है. यूपी में न आम आदमी पार्टी है और न कम्युनिस्ट हैं. सपा और बसपा ने बारी बारी शासन किया, लगातार. इनके शासन में एक बात कामन रही. जमकर लूट, जमकर झूठ, जमकर जंगलराज और जमकर मुस्लिम तुष्टीकरण. इससे नाराज जनता ने तीसरी और एकमात्र बची पार्टी बीजेपी को जमकर वोट दिया ताकि सपा-बसपा को सबक सिखाया जा सके.

आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव के संरक्षण में हुए एक बड़े घोटाले का किया भंडाफोड़

Surya Pratap Singh : उद्योग मंत्री/ मुख्य मंत्री के संरक्षण में उत्तर प्रदेश में UPSIDC बना एक घोटालों का अड्डा…. मुख्यमंत्री/उद्योग मंत्री अखिलेश की नाक के नीचे UPSIDC में रु. २०,००० करोड़ का भूमि घोटाला हुआ हैं….मनमाने ढंग से साक्षात्कार के माध्यम से भू आवंटन किया गया है …. साक्षात्कार का मतलब रिश्वत की सौदागिरी !!!
मुख्यमंत्री/ उद्योग मंत्री अखिलेश यादव ने अपने मित्र के नाम पर ‘स्टील प्लांट’ लगाने के लिए UPSIDC के सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र में 111 ऐक़ड भूमि बिना किसी टेंडर पर वर्ष २०१३-२०१४ में औने-पौने मूल्य/बहुत सस्ते में वर्ष २०१४ में आवंटित की गयी है ….. जिसकी जाँच आने वाली सरकार क्या जाँच कराएगी ? मेरे इस सम्बंध में निम्न प्रश्न हैं:

बहुत उदार और उदात्त है यूपी पुलिस, थाने से भाग जाने देती है लफंगों को (देखें वीडियो)

यूपी की बहादुर पुलिस खुद भले चोर बदमाश न पकड़ पाए लेकिन जब कोई दूसरा पकड़ कर पुलिस को सौंपता है तो पुलिस वाले पूरी उदारता बरतते हुए उसे चले जाने देते हैं… शायद इसीलिए कहा जाता है चोर पुलिस मौसेर भाई.. नीचे कमेंट बाक्स में दिए गए एक वीडियो को देखिए…

लखनऊ की दलाल, शरणागत और चरणपादुका संस्कृति की पत्रकारिता का एक ताजा अनुभव

विष्णु गुप्त

क्या लखनऊ की पत्रकारिता अखिलेश सरकार की रखैल है? लखनऊ की पत्रकारिता पर अखिलेश सरकार का डर क्यों बना हुआ रहता है? अखिलेश सरकार के खिलाफ लखानउ की पत्रकारिता कुछ विशेष लिखने से क्यों डरती है, सहमती है? अखिलेश सरकार की कडी आलोचना वाली प्रेस विज्ञप्ति तक छापने से लखनऊ के अखबार इनकार  क्यों कर देते हैं? अब यहां प्रष्न उठता है कि लखनऊ के अखबार अखिलेश सरकार के खिलाफ लिखने से डरते क्यों हैं? क्या सिर्फ रिश्वतखोरी का ही प्रश्न है, या फिर खिलाफ लिखने पर अखिलेश सरकार द्वारा प्रताडित होने का भी डर है?

काम बोलता है : चार घंटे तक इमरजेंसी में कराहती रही बूढ़ी मां, बेटे को जबरन थाने में बिठाये रखा

वाराणसी। यूपी में चल रहे चुनावी दंगल में भले ही ‘काम बोलता है’ का धुन आम मानुष के लिए सुशासन होने का दावा भर रहा हो पर जमीन पर थानों में वर्दी की दबंगई के आगे आम आदमी का गूंगापन और लाचारी बोल रहा है। बीते रविवार यही नजारा देखने को मिला जब अपनी 92 वर्षीय बूढ़ी मां माया देवी को उन्हीं की बहू कंचन और उसके मामा मंगला प्रसाद ने मार-पीट कर घायल कर दिया। बेटा घनश्याम जायसवाल ने तत्काल इसकी सूचना 100 नम्बर पर डायल कर दी और पुलिस से मदद मांगी तो मौके पर पहुंची पुलिस ने समझौते की बेशकीमती सलाह देकर अपना पल्ला झाड़ लिया। 

मथुरा की मीडिया शहर के कोतवाल पर मेहरबान है या वाहन चोर गैंग पर?

अब तक आपने पुलिस की कार्यप्रणाली के खट्टे-मीठे अनुभव बहुत देखे और सुने होंगे किन्तु लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ मीडिया के अनुभव शायद कभी-कभी महसूस किये होंगे या सुने होंगे लेकिन मेरे साथ घटी घटना को सुनकर शायद लोकतंत्र शर्मिंदा हो जाये लेकिन दोलत के भूखे भेड़ियों की सेहत पर इसका कोई असर पड़ेगा इसकी मुझे भी कल्पना नहीं है। वैसे मैने ढ़ाई दशक के पत्रकारिता के कार्यकाल में अपनी कलम के माध्यम से हजारों पीड़ितों की निस्वार्थ मदद कर उन्हैं राहत दिलाई है लेकिन पिछले दिनों 20 फरवरी को मेरे कार्यालय के बाहर से मेरी बाइक न. यूपी 85 यू 5666 चोरी हुई तो मुझे पुलिस के साथ-साथ मीडिया के सहयोग की जरूरत महसूस हुई। जिसमें पहले तो मुझे पुलिसिया कार्यशैली का सामना करना पड़ा और मथुरा कोतवाल से तड़का-भड़की हुई और जिसके चलते तहरीर लेने से इंकार कर दिया गया।

झंडा लगाने वाले भाजपा कार्यकर्ता को पुलिस ने बुरी तरह पीटा (देखें वीडियो)

उत्तर प्रदेश में बेलगाम पुलिस के जंगलराज का एक और वीभत्स घटनाक्रम सामने आया है. मथुरा में भाजपा के एक जुनूनी कार्यकर्ता प्रदीप बंसल को कृष्णानगर पुलिस चौकी इंचार्ज ने बुरी तरह पीटा. सिर्फ इसलिए कि वे मोटर साइकिल पर भाजपा का और राष्ट्र का झंडा लगा कर घूम रहे थे.

आगरा में कवरेज कर रहे पत्रकार फरहान खान के साथ पुलिस ने की हाथापाई (देखें वीडियो)

आगरा की पुलिस ने पत्रकारों को भी नही बख्शा. थाना एत्माउद्दोला ट्रांस यमुना के चौकी इंचार्ज ने की टीवी चैनल के पत्रकार से की हाथापाई. वर्दी के रोब में धमकाते हुये कहा कि तुझे लौटकर देखता हूं. पूरा नजारा हुआ कैमरे में कैद. आगरा के पत्रकार फरहान खान थाना एत्मादौला पर कवरेज करने के लिए गये थे. तभी अचानक वहां चौकी इंचार्ज मनोज भाटी आ गए और कवरेज कर रहे पत्रकार से हाथापाई शुरू कर दी. भद्दी भद्दी गालियां दी.

यूपी में सपा का गुंडाराज : मंत्री ने अमर उजाला के पत्रकार को जिंदा जलाने की धमकी दी (सुनें टेप)

उत्तर प्रदेश में सपा का गुंडाराज चुनावों के दौरान भी जारी है. अखिलेश यादव के नेतृत्व में पिछले पांच सालों में उत्तर प्रदेश के जंगलराज में एक से बढ़ कर एक दुर्दांत घटनाएं हुईं. अखिलेश हत्यारे और भ्रष्ट मंत्रियों को बचाते रहे. ताजा मामला भी सपा के जंगलराज से जुड़ा है. उत्तर प्रदेश में चिकित्सा और शिक्षा मंत्री राधे श्याम सिंह जो कि खुद एक प्रत्याशी भी हैं, ने अमर उजाला के पत्रकार को चुनाव में सपोर्ट न करने पर जिंदा जला देने की धमकी दी है. टेप सुनने के लिए नीचे क्लिक करें :

यूपी में इस बहादुर महिला पत्रकार के साथ पुलिस वालों ने की मारपीट, एक लाइन हाजिर

आरोपी चौकी प्रभारी समेत एक अन्य सिपाही पर अभी भी नहीं हुई कार्यवाही

शाहजहांपुर से खबर है कि कोतवाली की अजीजगंज पुलिस चौकी के तहत आने वाली कांशीराम कॉलोनी की निवासी रुखसार से पुलिस वालों ने गालीगलौज की. रुखसार पेशे से पत्रकार हैं. वे अपने एरिया में होने वाली हर खबर को प्रमुखता से छापती हैं. इसी बात से चौकी अजीजगंज के पुलिस कर्मी उनसे खफा रहते थे. इसी क्रम में 08 फ़रवरी को रात करीब 9 बजे के आसपास उनके घर चौकी का सिपाही शराब के नशे में घुस गया और गालियां देने लगा.

किसी को वोट दे लेना, पर सपा को नहीं… वजह बता रहे भड़ास एडिटर यशवंत

Yashwant Singh : हे मीडिया के साथियों, यूपी चुनाव में सपा को जरूर हराना. वोट चाहे बसपा को देना या भाजपा को या रालोद को या किसी को न देना, लेकिन सपा को कतई मत देना. वजह? सिर्फ पत्रकार जगेंद्र हत्याकांड. अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में उनके मंत्री राममूर्ति वर्मा के कहने पर कोतवाल और सिपाहियों ने पत्रकार जगेंद्र को शाहजहांपुर में जिंदा जला दिया था. जगेंद्र ने मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान में मंत्री राममूर्ति वर्मा का नाम लिया था. जगेंद्र ने राममूर्ति के खिलाफ कई खबरें लिखी थीं. मंत्री राममूर्ति तरह तरह से जगेंद्र को धमकाता रहता था. जगेंद्र लिख चुके थे कि मंत्री राममूर्ति उसे मार डालना चाहता है क्योंकि वह उसकी पोल खोलता रहता है.

यूपी के इस दरोगा ने खुद खोल दी अपनी पोल (सुनें टेप)

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में एक दरोगा और डॉयल-100 सिपाही के बीच बातचीत का एक ऑडियो वायरल हुआ है। इस ऑडियो में दारोगा ने डॉयल-100 के सिपाही से अपने अवैध कामकाज में दखल न देने की हिदायत दी है। इस तरह दरोगा ने खुद ही अपने तमाम अवैध कामकाज की पोल खोलकर रख दी है। दरोगा का नाम राकेश शर्मा है जो मूरतगंज पुलिस चौकी में प्रभारी के बतौर तैनात है। दरोगा की वायरल ऑडियो ने पुलिस महकमे को शर्मशार कर दिया है।

शहीद DSP की पत्नी ने कोर्ट में कहा- ‘मथुरा कांड एक बड़े नेता द्वारा 300 एकड़ के पार्क पर कब्जा करने की साजिश का नतीजा’

मुकुल द्विवेदी की पत्नी अर्चना द्विवेदी ने यूपी पुलिस की जांच पर जताया अविश्वास, सीबीआई के हवाले मामले को सुपुर्द करने की अपील की….

मथुरा के जवाहर बाग में हुई हिंसा की सीबीआई द्वारा जाँच कराने की मांग पर शहीद मुकुल द्विवेदी की पत्नी अर्चना द्विवेदी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता और उत्तर प्रदेश के पूर्व महाधिवक्ता वीसी मिश्र ने हाईकोर्ट में बहस किया। उन्होंने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मथुरा कांड कोई कानून व्यवस्था का मामला नहीं है बल्कि यह एक बड़े नेता द्वारा 300 एकड़ में फैले पार्क पर कब्जा करने की साजिश का परिणाम है।

चुनाव आयोग की सख्ती के बाद भी भदोही में बाहुबली विजय मिश्रा का आतंक

सौ से अधिक आपराधिक मामलों का आरोपी विजय मिश्रा भदोही का एक ऐसा बाहुबली है, जो अपने ही सगे-संबंधियों की हत्या कराने के लिए कुख्यात हैं। इसके इसी हरकत पर तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने पांच साल तक जेल के सलाखों के पीछे रखा। लेकिन, जैसे ही सपा की सरकार बनी, यादवी कुनबे के आकाओं की चरणवंदना कर न सिर्फ जेल से बाहर आया, बल्कि पांच साल के कार्यकाल में हर वह कुकर्म किया, जिससे जनता खौफ में जीने को विवश रही। अब जब चचा-भतीजे की लड़ाई में अखिलेश ने टिकट काट दिया है, तो उन्हें ही धमकी देते हुए कहा है वह भदोही ही नहीं, पूर्वांचल से सपा को नेस्तनाबूद कर देंगे। हालांकि यह उसका सिर्फ और सिर्फ गीदड़भभकी से अधिक कुछ नहीं है। इस धमकी के पीछे उसकी मंशा है किसी दूसरे दल में शामिल होकर टिकट हासिल करने की…

यूपी के इस बवाली और तानाशाह डीएम ने मीडियाकर्मियों को सरेआम हड़काया (देखें वीडियो)

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के जंगलराज में विविध प्रजातियों के अधिकारी खूब फलते-फूलते पाए जाते हैं. एक महोदय हैं बहराइच जिले के डीएम उर्फ जिलाधिकारी. इन्हें लोग प्यार से अब ‘बवाली DM’ कह कर पुकारने लगे हैं. ये खुद ही बवाल करते कराते रहते हैं. इन महाशय को तानाशाही पसंद है. जब चाहेंगे तब मीडिया को दौड़ा लेंगे. कैमरे बंद करा देंगे. डांट लगा देंगे. जब चाहेंगे तब किसी होमगार्ड को डंडे से पीट देंगे. होमगार्ड की पिटाई करने वाले डीएम के रूप में कुख्यात जिलाधिकारी अभय का ताजा कारनामा है पत्रकारों को डांट डपट कर कैमरा बंद कराना और कवरेज से रोकना.

दंगों के दाग और अपराधों की आग से कैसे बचेंगे अखिलेश यादव

अलीगढ़ में हुई महिलाओं से मारपीट और लूटपाट की दो घटनाओं ने बुलंदशहर कांड की याद फिर ताजा कर दी है। उत्त्तर प्रदेश में दंगों के सवाल पर सपा सरकार को विपक्षी दल पहले से ही घेरते आ रहे हैं। तो ऐसे में सवाल उठ रहा है कि चुनाव के समय अब अखिलेश यादव दंगों के दाग और अपराधों की आग से खुद और पार्टी को कैसे बचाएंगे ?

धीरज सिंह

घटनाएं होती हैं और कुछ समय बाद लोग उन्हें भूल जाते हैं मगर चुनाव आते ही राजनैतिक दल एक- दूसरे का लेखा-जोखा कुरेद कर फिर बाहर निकाल देते है। लोग जिन बातों को भूल चुके थे, चुनाव के ऐन पहले फिर से सुर्खियां बनने लगती हैं। प्रदेश में हुए दंगे और आपराधिक वारदात, कुछ ऐसे ही मुद्दे हैं जो समाजवादी पार्टी और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पीछा नहीं छोड़ेंगे। मार्च 2012 में उत्तर प्रदेश का चुनाव परिणाम आने के बाद जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने अपने युवा पुत्र अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाया तो जनता प्रदेश के विकास का सपना देख रही थी। लैपटॉप मिलने की आशा में प्रदेश के युवाओं में भारी उत्साह था।

लखनऊ में नभाटा की महिला पत्रकार से छेड़खानी, विरोध करने पर पिटाई

100 नंबर पर कॉल की लेकिन कोई जवाब नहीं मिला, 17 घंटे से ज्यादा का वक्त बीतने के बाद भी पुलिस आरोपियों को पकड़ नहीं सकी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव महिला सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करते हैं लेकिन हकीकत इससे बिलकुल अलग है। राजधानी लखनऊ में बेंगलुरु जैसी वारदात को अंजाम दिया गया। सोमवार की रात दफ्तर से घर लौट रही नवभारत टाइम्स की महिला रिपोर्टर के साथ अलीगंज जैसे व्यस्त इलाके में कार सवार गुंडों ने छेड़खानी की। रिपोर्टर के विरोध करने पर गुंडों ने रिपोर्टर को कार से दौड़ाया और ओवरटेक करके उसकी कार रोक ली। इसके बाद अभद्रता करते हुए मारपीट की।

नेता जी, आपके उसी सवाल का बस जवाब दिया है अखिलेश ने!

Nadeem : आदरणीय नेता जी, आप बेहद दुखी हैं। आपका दुखी होना लाजिमी भी है। मुझे मालूम है कि आप इतने दुखी नहीं होते अगर यह बगावत आपके बेटे की जगह किसी और ने की होती लेकिन जो कुछ हुआ उसके लिए कहीं न कहीं आप खुद जिम्मेदार है।

‘नई उमंग’ के जरिए सपा मुस्लिमों को बरगला रही, रिहाई मंच ने उर्दू पत्रिका को भेजा नोटिस

लखनऊ । रिहाई मंच नामक संगठन ने आरोप लगाया है कि अखिलेश सरकार मुसलमानों को गुमराह करने के लिए उनके बीच अपनी उपलब्ध्यिों के झूठे दावों वाली उर्दू की सरकारी पत्रिका ‘नई उमंग’ प्रकाशित कर वितरित करा रही है जिसमें बेगुनाह मुसलमानों के रिहा किए जाने का वादा पूरा कर दिए जाने का दावा किया गया है। रिहाई मंच ने ‘नई उमंग’ पत्रिका के खिलाफ नोटिस भेजा है।

नेताजी को दादरी कांड, मुज्जफरनगर कांड और हाईवे रेप कांड के समय अनुशासनहीनता क्यों नहीं दिखाई दी?

यूपी में अनुशासनहीनता का कड़वा सच…

मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश के राजनीतिक माहौल ने गंभीर चिंतन के लिए मजबूर कर दिया है। मैं ही नहीं मेरे जैसे हर कलमकार के लिए यह चिंता का विषय हो सकता है। यहां एक बार फिर राजनीतिक मूल्य हाशिये पर चढ़ते दिखाई दे रहे हैं। स्वयं को सही साबित के लिए बाप-बेटे में ठन गई है तो, कुछ लोग विभीषण की भूमिका भी बखूबी निभा रहे हैं। खैर ये समाजवादी पार्टी का निजी मामला है, इस पर ज्यादा समय व्यर्थ करना उचित नहीं लगता। मेरा सवाल यहां नेता जी उर्फ मुलायम सिंह साहब से है।

फैजाबाद में दैनिक जागरण के चार पत्रकारों को जिंदा जलाकर मारने की कोशिश

नोटबंदी के फैसले के बाद हो रही कैश की समस्या के चलते पत्रकारों को जिंदा जलाने की घटना सामने आई है। उत्तरप्रदेश के फैजाबाद में एक पेट्रोल पंप के कर्मचारियों पर आरोप है कि उन्होंने चार पत्रकारों को जिंदा जलाकर मारने की कोशिश की। ये चारों वहां के एक हिंदी अखबार दैनिक जागरण में काम करते हैं। पत्रकार पेट्रोल पंप पर झगड़ा होने के बाद पास ही में अपने दफ्तर में जाकर छिप गए थे। लेकिन पेट्रोल पंप का स्टाफ वहां भी पहुंच गया और ऑफिस के अंदर घुसकर पत्रकारों और बाकी स्टाफ से साथ भी मारपीट की। बाद में किसी ने पुलिस को सूचना दी। उसके बाद जाकर मामला शांत हुआ।

लखनऊ में नाराज पीसीएस अफसर हड़ताल पर गए

लखनऊ से खबर है कि सभी पीसीएस अफसर हड़ताल पर गए. ये PCS अफसर सामूहिक रूप से गिरफ्तारी देने डीएम आवास पहुंचे हैं. दरअसल कलेक्ट्रेट में वकीलों ने पीसीएस अफसर के साथ मारपीट की थी. इसके बाद लखनऊ पुलिस ने 3 सीनियर अफसरों के खिलाफ ही FIR दर्ज कर दी. इससे नाराज यूपी के 1100 पीसीएस अफसरों ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी. पीएसएस अफसरों ने प्रदेश में सारा काम ठप करने की चेतावनी दी.

यूपी में शराब विक्रेता जमकर लूट रहे हैं खरीदारों को, भ्रष्ट आबकारी विभाग ने चुप्पी साधी

बिक्री मूल्य व वास्तविक दर में अंतर से ही रोजाना लाखों की उपरी कमाई…

बरेली | यूपी में जंगलराज हर फील्ड में है. शिक्षा, सेहत, आबकारी… कोई विभाग उठा लो, उसके पीछे एक लंबा चौड़ा घोटाला नजर आएगा जिसे शीर्ष लेवल के सत्ताधारियों द्वारा संरक्षण प्राप्त है. प्रदेश में शराब विक्रेती जमकर खरीदारों को लूट रहे हैं. निर्धारित रेट से बहुत ज्यादा पैसे वसूल रहे हैं. भ्रष्ट आबकारी विभाग सब जानकर भी चुप्पी साधे है. आबकारी विभाग उन सरकारी विभागों में से एक है जहां सब कुछ जानकारी में होने के बावजूद खुलेआम भ्रष्टाचार के कीचड़ में सना हुआ होने के कारण भयंकर चुप्पी साधी रखी जाती है. मामला नशे के विभाग यानी शराब से जुड़ा होने के चलते हर कोई इसके कीचड़ में ईंट मारने से बचता है कि कहीं कीचड़ की छीट उस पर ही न पड़ जाए. इसलिए सब कुछ जगजाहिर है फिर भी सुनवाई कहीं नहीं. हो भी कैसे. सीधे-सीधे देशी पव्वे पर पांच रुपये के ओवर रेट से आने वाले रोजाना लाखों रुपयों की रकम की महक व जायका उपर तक सभी इमानदारों को हिस्सानुसार पहुंचा दिया जाता है शिकायतों पर पर्दा डालते रहने के नाम पर.

शिक्षक रामाशीष सिंह की हत्या के लिए सत्ता के नशे में चूर अखिलेश जिम्मेदार

लखनऊ की ‘मित्र पुलिस’ सपाईयों की मित्र, जनता की शत्रु : चचा-भतीजे में माल के बंटवारे के झगड़े में आए सपाई गुंडों की दामादों की तरह खातिर : पेंशन मांगने वालों पर कातिलाना हमला : हजरतगंज में सिर्फ गंजिंग हो सकती है, इंसाफ की आवाज नहीं उठ सकती : लखनऊ, 08 दिसम्बर 2016 । रिहाई मंच ने लखनऊ में शिक्षकों पर पुलिसिया हमले और उसमें शिक्षक रामाशीष सिंह की मौत के लिए अखिलेश यादव को जिम्मेदार ठहराया है। मंच ने कहा कि पिछली 2 नवंबर को भी हजरतगंज गांधी प्रतिमा पर इंसाफ मांगते रिहाई मंच नेताओं पर इसी तरीके से कातिलाना हमला पुलिस ने किया था। आज जिस तरह पुलिस ने शिक्षक का कत्ल किया और सैकड़ों को गंभीर रूप से घायल किया, वह साफ करता है कि यह हमले सिर्फ पुलिसिया नहीं है बल्कि यह सब सरकार की सरपरस्ती में हो रहे हैं।

यूपी का महाभ्रष्ट मंत्री गायत्री प्रजापति आजकल मुलायम और अखिलेश दोनों की आंखों का तारा-दुलारा हो गया है!

Yashwant Singh : दिन रात नरेंद्र मोदी के खिलाफ लिख-लिख के इस शख्स को पीएम बनवा चुके सेकुलर / कामरेड / दलित / पिछड़े / मुस्लिम किस्म के भाइयों-बहनों से अनुरोध करूंगा कि कभी-कभी अपने ‘घर-परिवार’ यानि सपा-बसपा की कारस्तानी पर भी कलम चला लिया करें. उत्तर प्रदेश का महाभ्रष्ट मंत्री गायत्री प्रजापति आजकल मुलायम और अखिलेश की आंखों का तारा दुलारा हो गया है. बरेली में मंच पर भाषण दे रहे नेताजी मुलायम सिंह यादव अपनी बात सीएम अखिलेश यादव तक पहुंचाने के लिए बार बार गायत्री प्रजापति को निरखते-संबोधित करते रहे.

सरहद की रक्षा करने वाला फौजी और उसके परिजन यूपी में सुरक्षित नहीं (देखें वीडियो)

यूपी में जंगलराज का आलम ये है कि सेना का एक जांबाज़ जवान यूपी पुलिस से न्याय की मांग कर रहा है और पुलिस कान में तेल डाले सोई है. आगरा के रहने वाले फौजी के घर हुई थी चोरी, लेकिन पुलिस ने अब तक नहीं की कोई कार्रवाही. पीड़ित सैनिक काट रहा है थानों चौकियों के चक्कर. जम्मू-कश्मीर में तैनात अरविन्द कुमार पिछले बीस वर्षों से भारत माता की हिफाज़त बॉर्डर पर खड़े होकर कर रहा है. रविन्द्र के कंधे पर देश की इज्जत और हिफाज़त की जिम्मेदारी है, लेकिन उसका खुद का घर असुरक्षित है.

दरोगा ने किशोर बच्चों की लाशों पर पैर रखकर किया पंचनामा (देखें वीडियो)

चंदौली : गुंडे दरोगा की पूरी तस्वीर देखिए। चंदौली के सकलडीहा थाने का यह दरोगा किशोर बच्चों की लाशों पर पैर रखकर कर रहा है पंचनामा। शुक्रवार को तड़के कोहरे में ट्रेन की चपेट में आकर थे कट गए थे सकलडीहा क्षेत्र के तीन किशोर। मानवीयता को तार-तार करता मनबढ़ दरोगा। खाकी वर्दी पर लगा दाग, मगर चंदौली के एसपी ने अभी तक नहीं की कोई कार्रवाई।

ये दरोगा है या गली छाप गुंडा, देखें वीडियो

ताजनगरी आगरा में एक दबंग दरोगा की दादागिरी का वीडियो वायरल हुआ है। नोटबंदी के बाद बैंको और एटीएम के बाहर पैसा निकालने-बदलने के लिए लोगों की अच्छी खासी भीड़ देखी जा रही है। ताजगंज इलाके में एचडीएफसी बैंक के बाहर भीड़ लगी हुई थी तभी एक दबंग दरोगा बैंक के गेट पर पहुँच कर जबरन लाइन में लग गया। इस पर वहां घंटों से लाइन में लग रहे लोगों ने विरोध किया तो दबंग दरोगा खाकी की हनक दिखाने लगा.

उफ्फ!!! यूपी में इसलिए भी दे दिया जाता है अमिताभ ठाकुर को कारण बताओ नोटिस

उत्तर प्रदेश सरकार ने आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को एक और कारण बताओ नोटिस भेजा है. यह नोटिस 13 जुलाई 2015 को उनके निलंबित होने के बाद जनता के लोगों द्वारा भेजे गए प्रत्यावेदनों के सम्बन्ध में है. नोटिस में 13 से 21 जुलाई 2015 बीच प्रधानमंत्री और गृह मंत्री, भारत सरकार को आये 09 प्रत्यावेदनों का उल्लेख किया गया है जिनमे अमिताभ के निलंबन के बाद लोगों द्वारा अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए उनकी सुरक्षा और न्याय की मांग की थी.

यूपी के जंगलराज में छेड़छाड़ से डरी रेडियो जॉकी ने लाइव प्रोग्राम में इस्तीफे का ऐलान किया

यूपी के जंगलराज में महिलाएं किस कदर असुरक्षित हैं, इसका वाकया इलाहाबाद में देखने को मिला जब मनचलों ने रेडियो जाकी को सरेआम पॉश इलाके की सड़क पर छेड़ा. घटना से डरी आरजे ने रेडियो पर लाइव कार्यक्रम के दौरान ही इस्तीफा देने की घोषणा कर दी. इलाहाबाद में छेड़खानी और मनचलों से परेशान 93.5 एफएम की आरजे निधि के प्रोग्राम में लाइव ही इस्तीफा देने से हड़कंप मच गया. बाद में लोगों की अपील पर आरजे ने फैसला बदला और नौकरी जारी रखने की जानकारी अपने एफबी पेज पर अपडेट की है.