न्यूज़ एक्सप्रेस के मालिक इस पोस्ट को पढ़ रहे हों तो गुजारिश है, दुआएँ लो, बद्दुआएँ नहीं

भड़ास4मिडिया के माध्यम से मैं आज अपना ये दर्द बाँट रहा हूँ । ये दर्द मेरा ही नहीं बल्कि उन सभी दोस्तों का है, जो इस दर्द से गुजर चुके हैं । अगर न्यूज़ एक्सप्रेस के मालिक इस पोस्ट को पढ़ रहे हों तो उनसे मेरी गुजारिश है कि दुआएँ लो, बद दुआएँ नहीं । आखिर कब तक हिंदुस्तान में दिन रात भूके प्यासे भागदौड़ करने वाले न्यूज़ चैनल स्ट्रिंगरों का शोषण होता रहेगा । वो स्ट्रिंगर जो अपने परिवार को छोड़ पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ जान हथेली पर रख इस आस में चैनल पर खबरें भेजता है कि अपने परिवार का पालन पोषण कर सके।

कभी बच्चो की स्कूल की फ़ीस जमा नहीं हो पाती तो कभी मोटरसाइकिल में पैट्रोल और खबर भेजने के लिए ब्रॉडबैंड का बिल जमा करने के लिए पैसे नहीं होते। किसी अन्य की बात नहीं कर रहा। मेरे ऊपर जो गुजर रहा है, उससे सभी दोस्तों को अवगत कराना चाहता हूँ । मैं 2013 से न्यूज़ एक्सप्रेस में बतौर स्ट्रिंगर उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर में काम कर रहा था । मगर जब प्रत्येक महीने खबरों का बिल भेजा जाता तो पैसे के लिए चार पांच महीने लम्बा इंतजार करना पड़ता । 

अक्टूबर 2015 के बाद मुझे न्यूज़ एक्सप्रेस ने खबरों का कोई भुगतान नहीं किया । 16 अक्टूबर को मेरे पूजनीय पिताजी का लम्बी बीमारी के चलते देहांत हो गया । मेरे ऊपर मेरी माता जी और दो बच्चों के साथ मेरी पत्नी की जिम्मेदारी अब मेरे कंधों पर थी । जब भी घर के लोग पैसों के बारे में पूछते कि कब आएंगे तो में उनको दिलाशा दे देता की अगले महीने । 

जब भी न्यूज़ एक्सप्रेस के अकांउट में बात करता तो पंकज नाम के अकाउंटेंट बोलते की अभी आपका चैक नहीं बना है। अगले महीने बनेगा, इसी इंतजार में कई महीने बीत गए और फिर 7 मई 2015 को टेंशन की वजह से मुझे घर पर अटैक आ गया, जिससे मुझे पैरालाइसिस हो गया। मेरे परिवार के लोग और मुज़फ्फरनगर के सभी पत्रकार साथी मुझे उठा कर डॉक्टर के पास ले गए, जंहा डॉक्टर ने मुझे दिल्ली के लिए रैफर कर दिया । और पूरे एक महीने दिल्ली के एम्स में भर्ती रहने के बाद जब मेरी तबीयत कुछ ठीक हुई तो हॉस्पिटल से छुट्टी होने पर में घर आ गया । 

मुझे पता चला की न्यूज़ एक्सप्रेस चैनल बंद हो गया । उस समय परिवार की माली हालत ठीक नहीं थी। कभी कभी दवाइयों के लिए पैसे भी दोस्तों से लेने पड़े । जब मैने अपना कई महीनों का बिल बनाकर न्यूज़ एक्सप्रेस और सुधीर सुधाकर को भेजा तो उधर से कोई जवाब नहीं मिला और ना ही पैसे । न्यूज़ एक्सप्रेस प्रबंधन ने अपने सभी मेल आई डी भी ब्लॉक कर दिए। 

योगेश त्यागी से संपर्क : tyagiyogesh39@gmail.com

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Comments on “न्यूज़ एक्सप्रेस के मालिक इस पोस्ट को पढ़ रहे हों तो गुजारिश है, दुआएँ लो, बद्दुआएँ नहीं

  • बाला साहब भापकर सही व्यक्ति हैं.. लेकिन उनके चम्मचे उन्हें भटका रहे हैं। ये सभी चाहते हैं कि किसी की मौत हो जाए.. तब जाकर इनकी नींद खुली तो ये तनख्वाह देंगे। दोस्त यह हाल सिर्फ तुम्हारा ही नहीं न्यूज़ एक्सप्रेस में कई सालों से काम कर रहे उन सभी लोगों का है जो आज इन हालात से गुजर रहे हैं। जिसने पैसे खाने थे वो भापकर एंड फैमिली को बेवकूफ बनाकर खा गया.. लेकिन जो ईमानदारी से काम कर रहे थे वो आज मरने को मजबूर हैं।

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  • Sulabh Srivastava says:

    Bade bhai yahi haal har channel ke stringron ka hai lekin baat sirf itni hai ki billi ke gale me ghanti kaun bandhe aur phir sarkaar bhi to kuch nahi karti hai hamari kaun sunne wala hai sab ek bhi to nahi ho sakte hamari kaun sunega court jayenge to pehle nikal diya jayega case ladne ke liye bhi paise kaha se aayenge bhadas me sabhi apne andar ki bhadas nikalte hai lekin koi aisa hai jo sabhi ke liye kuch kar sake nahi hai to sirf apne andar ki bhadas nikalne se kya hasil hoga

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  • sAME THING in mumbai office, News Express ki mumbai team ke 5months se payment nahi mili hai. log bhukhmari ke seekar ho rahe hai….. boss aaswasan de rahe hai… MD fon NAHI PICK KAR RAHE HAI…….

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