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चुनाव की झूठी खबर चलाने वाले उपजा के जिलाध्यक्ष पंकज दीक्षित गिरफ्तार

फर्रूखाबाद। रिश्वत देकर प्रधानी का प्रमाण पत्र मिलने की झूठी खबर चलाने वाले उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन उपजा के जिलाध्यक्ष एवं बेव पोर्टल जेएनआई के पत्रकार पंकज दीक्षित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आवास विकास चौकी प्रभारी महेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने कोतवाली फतेहगढ़ जेएनआईबी रोड़ निवासी पंकज दीक्षित पुत्र चन्द्र विहारी के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के मुताबिक पंकज दीक्षित आवास विकास कालोनी 2बी/116 स्थित कार्यालय में जेएनआई न्यूज के नाम से बेव पोर्टल चलाते है।

फर्रूखाबाद। रिश्वत देकर प्रधानी का प्रमाण पत्र मिलने की झूठी खबर चलाने वाले उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन उपजा के जिलाध्यक्ष एवं बेव पोर्टल जेएनआई के पत्रकार पंकज दीक्षित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आवास विकास चौकी प्रभारी महेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने कोतवाली फतेहगढ़ जेएनआईबी रोड़ निवासी पंकज दीक्षित पुत्र चन्द्र विहारी के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के मुताबिक पंकज दीक्षित आवास विकास कालोनी 2बी/116 स्थित कार्यालय में जेएनआई न्यूज के नाम से बेव पोर्टल चलाते है।

8 दिसम्बर को पंकज ने वेब पोर्टल पर ‘5 लाख रूपये में मिल रहा है प्रधानी का प्रमाण पत्र’, नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इसमें उन्होने लिखा कि बाइकों से गैंग बनाकर कुछ लोग घूम रहे हैं और कह रहे है कि वे 5 लाख रूपये में प्रधानी का प्रमाण पत्र दिला सकते हैं, प्रत्याशी जीते या हारे। समाचार में लिखा गया कि विकास खण्ड कमालगंज के ग्राम गैंगाइच के प्रधान प्रत्याशी सपा नेता शकील ने जेएनआई को बताया कि उनके पास बाइक से युवक आये थे जो 5 लाख रूपयों में प्रधान बनने का प्रमाण पत्र देने की बात कह रहे थे। रिपोर्ट में चौकी इंचार्ज एमके त्रिपाठी ने कहा है कि उन्होने इस समाचार के सम्बंध में थाना कमालगंज के एसओ से सीओ द्वारा बात कराई गई तो एसओ ने सपा नेता शकील से बात करके बताया कि शकील ने 5 लाख रूपयों वाली बात पंकज दीक्षित को नहीं बताई है।

श्री त्रिपाठी ने कमालगंज एसओ से पूरे क्षेत्र में छानबीन करने को कहा तथा उच्च अधिकारियों के माध्यम से समाचार की जानकारी जिला मजिस्ट्रेट के संज्ञान में लाई। बाद में एसओ कमालगंज यतेन्द्र यादव ने श्री त्रिपाठी को बताया कि 5 लाख रूपयों जैसी कोई बात नहीं है। खबर पूरी तरह मिथ्या व फर्जी है। किसी भी व्यक्ति ने ऐसे किसी बाइक गैंग को नहीं देखा। पंकज दीक्षित द्वारा वेब पोर्टल के माध्यम से अफवाह फैलाने से जन समान्य में गलत संदेश जा रहा है। प्रशासन व सरकार की छवि धूमिल हो रही है। लोग खबर पढ़कर चर्चा कर रहे हैं कि 5 लाख रूपये देकर प्रधान बनने का प्रमाण पत्र पाया जा सकता है। जब कि संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग द्वारा संचालित व्यवस्था के तहत ही चुनाव जीतकर प्रधान बनने का प्रमाण पत्र मिलता है। इसके बाबजूद जानबूझ कर श्री दीक्षित ने लोगों को पूर्वाग्रहीत व उत्प्रेरित करने के लिये जैसी मिथ्या व झूठी खबर वेबसाइट पर प्रकाशित की।

श्री दीक्षित के उक्त कृत्य की पुष्टि जिला मजिस्ट्रेट द्वारा प्रकरण के सम्बंध में गठित कमेटी के सदस्य, नगर मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी, मनोरंजन कर निरीक्षक, जिला सूचनाधिकारी, थाना कमालगंज के दरोगा छेंदालाल दिवाकर व सिपाही मेहताब सिंह, विकेश सिंह ने भी की है। पुलिस ने मुकदमे की जांच नखास चौकी प्रभारी मोहम्मद आसिफ को सौपी है। पुलिस ने सेंट्रल जेल के मुख्य गेट के सामने रहने वाले दीपक शुक्ला पुत्र अवधेश कुमार तथा कोतवाली मोहम्मदाबाद के ग्राम चौसेपुर मौधा निवासी अनुराग पुत्र सुखराज सिंह की जमानत व 30 हजार रूपये के निजी मुचलके पर पंकज दीक्षित को जमानत पर छोड़ दिया। पंकज को इंस्पेक्टर शिवमोहन प्रसाद ने बीते दिन सांय जिला मुख्यालय से पकड़ा था। उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन उपजा के प्रांतीय सदस्य प्रदीप गोस्वामी, जिला सचिव वेदपाल सिंह, इलेक्ट्रानिक मीडिया के फिरोज अली, जापान बाजपेयी, अनिल वर्मा शेखर, अनिल प्रजापति, दीपक शुक्ला, सुनील सक्सेना आदि पत्रकारों ने उपजा के जिलाध्यक्ष पंकज दीक्षित की पैरवी में जिलाधिकारी से भेट की तथा कोतवाली में डटे रहे थे। 

आनंदभान शाक्य की रिपोर्ट. संपर्क: [email protected]

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