एससी-एसटी एक्ट की आड़ लेकर बिहार पुलिस ने राजस्थान के पत्रकार को अरेस्ट किया

Shripal Shaktawat : बाड़मेर के पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित की गिरफ्तारी की खबर से हैरान हूं. बिहार पुलिस ने उन्हे एससी-एसटी एक्ट में अरेस्ट किया है. बंदा वहां गया ही नहीं तो अपराध कैसे कर दिया? एक नेता ने निपटवा दिया, वो भी दलितों की आड़ में!

बाड़मेर के पत्रकार दुर्गसिंह राजपुरोहित

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मुंबई के पत्रकार निशत शम्सी महिला पत्रकार से उगाही के आरोप में गिरफ्तार

मुंबई से एक बड़ी खबर आ रही है. पत्रकार निशत शम्सी गिरफ्तार कर लिए गए हैं. उन्हें मुंबई की डीएन नगर पुलिस ने दस लाख रुपये की उगाही के आरोप में गिरफ्तार किया है. ये पैसे एक महिला पत्रकार से उगाहने का आरोप है. निशत शम्सी IBN7 चैनल के मुंबई ब्यूरो चीफ रह चुके हैं. एक महिला पत्रकार से उगाही के आरोप में एक वरिष्ठ पत्रकार की गिरफ्तारी के इस प्रकरण से मुंबई का मीडिया जगत स्तब्ध है. जितने मुंह उतनी बातें की जा रही हैं.

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बीएचयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार चंचल गिरफ्तार

Satyendra PS : बीएचयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष, वरिष्ठ पत्रकार, समाजवादी चिंतक और अव्यवस्थाओं के खिलाफ आवाज उठाने वाले चंचल सिंह को 40 वर्ष पुराने मामले में बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। कोर्ट के आदेश पर महराजगंज पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर अपर मुख्य न्यायालय पंचम कोर्ट में पेश किया। चंचल पर 1978 में तत्कालीन कलेक्टर से झड़प करने तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप है। धारा 353 के तहत 1986 से कई बार वारंट जारी किया गया था।

बिजनेस स्टैंडर्ड में कार्यरत पत्रकार सत्येंद्र की एफबी वॉल से.

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अपनी मांगों के लेकर जंतर-मंतर पहुंचे पत्रकार उपेंद्र मिश्रा एवं डॉ समरेंद्र पाठक समेत कई गिरफ्तार

नई दिल्ली : इंडियन फेडरेशन ऑफ़ वर्किंग जर्नलिस्ट (IFWJF) का 68वां स्थापना दिवस समारोह मनाने नई दिल्ली के जंतर मंतर पहुँचे कार्यक्रम के संयोजक उपेंद्र नाथ मिश्र और वरिष्ठ पत्रकार एवं यूएनआई बचाओ अभियान के मुख्य समन्वयक डॉ समरेंद्र पाठक सहित कई पत्रकारों, साहित्यकारों एवं समाजसेवियों को पुलिस ने 28 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार व्यक्तियों को संसद मार्ग थाने में रखा गया।

गिरफ्तार व्यक्तियों में मिथिला राज्य संघर्ष समिति के संयोजक प्रोफेसर अमरेंद्र झा, राजपूत गान परिषद् के अध्यक्ष सनद सिंह, अखिल भारतीय पंचायत परिषद् के विजय पांडेय, पत्रकार एवं समाजवादी नेता सुल्तान कुरैशी, पत्रकार अरविन्द दास, समाजसेवी डॉ महेंद्र कुमार सिनेआजकल एवं cmindia टीवी के संपादक कुमार समत, दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधन कमिटी के सदस्य जे पी सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता के पी सिंह एवं नेशनल पीपुल डेमोक्रेटिक फ्रंट के उपाध्यक्ष मुन्ना सिंह मुख्य हैं।

डॉ पाठक ने कहा कि ने कहा कि यह अभिव्यक्ति की आज़ादी पर कुठाराघात है उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम की सूचना आई ऍफ़ डब्ल्यू जे ऍफ़ के सचिव ने पुलिस को पहले ही दी थी इसके बावजूद पुलिस ने कार्यक्रम को रोकने के लिए आनन् फानन में गिरफ्तारियां की। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के अंत में महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए जाने थे जिसकी सूचना सरकार को पहले ही लग गयी और इसलिये इसे दबाने के लिए ही गिरफ्तारी की गयी। जो प्रस्ताव पारित किए जान थे उनमें प्रमुख ये हैं…

1.  पत्रकारों की सुरक्षा एवं संरक्षा के लिए ‘पत्रकार सुरक्षा एवं संरक्षा’ कानून लाया जाये।

2.  केंद्रीय एवं राज्य कर्मियों की तर्ज पर पत्रकारों को पेंशन दी जाये।

3.  केंद्र एवं राज्य स्तर पर पत्रकारों के प्रत्यानायन की प्रक्रिया को सरल बनाया जाये तथा इसमें व्याप्त नौकर शाही को तत्काल खत्म किया जाए।

4.  पत्रकारों के निःशुल्क चिकित्सा एवं निःशुल्क यात्रा की व्यवस्था की जाए।

5.  गरीब एवं आम जनों की आवाज देश की प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ़ इंडिया (UNI) की रक्षा था सुव्यवस्थित सञ्चालन के लिए रिसीवर नियुक्त किया जाए।

श्री पाठक ने कहा इन मांगों को लेकर देश भर में अभियान चलाया जायेगा। उपेन्द्र मिश्र दिल्ली इकाई के IFWJ के अध्यक्ष हैं। के. विक्रम राव जी ने सरकार की दमनात्मक नीति की निन्दा की है। ऑल इण्डिया पॉवर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि वे देश के 12 लाख बिजली कर्मचारियों और इन्जीनियरों की ओर से पत्रकारों को पूरा समर्थन देता हूँ और सरकार के कदम की कड़ी भर्त्सना करता हूँ।

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चैनल वन के एमडी मोहम्मद आरिफ और अवनि सिन्हा को देहरादून पुलिस ने किया गिरफ्तार (देखें वीडियो)

देहरादून : वर्ष 2013 में गृह विभाग में अपर सचिव जेपी जोशी की सेक्स सीडी बनाए जाने का मामला आया था. जोशी ने खुद को सेक्स सीडी के जरिए ब्लैकमेल किए जाने और पैसे न देने पर सेक्स सीडी का प्रसारण चैनल वन नामक न्यूज चैनल पर करके मानहानि किए जाने समेत कई धाराओं में पुलिस में मामला दर्ज कराया था. जोशी का अश्लील वीडियो बनाकर उसे प्रसारित करने के मामले में दो आरोपियों मोहम्मद आरिफ और अवनि सिन्हा लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से रहने में कामयाब रहे. पर अब इन्हें देहरादून की पुलिस ने दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया है.

मोहम्मद आरिफ चैनल वन नामक न्यूज चैनल के संचालक यानि चेयरमैन जहीर अहमद के पुत्र हैं और चैनल के एमडी यानि मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं. देहरादून पुलिस ने इन पर इनाम भी घोषित कर रखा था. सेक्स सीडी मामले में पहले से ही तीन-चार लोग जेल में बंद हैं. आरिफ और अवनि सिन्हा की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने एक वीडियो और प्रेस रिलीज जारी किया है, जो इस प्रकार है…

देखें वीडियो…

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शराब पीकर हंगामा करने वाला मिड डे का क्राईम रिपोर्टर शिवादेवनाथ महिला मित्र समेत अरेस्ट

मुंबई के प्रसिद्ध अंग्रेजी समाचार पत्र मिड डे के क्राईम रिपोर्टर शिवादेवनाथ को मुंबई पुलिस ने शराब पीकर पुलिस स्टेशन में हंगामा करने और वाद विवाद करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। शिवादेवनाथ की महिला मित्र को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस बारे में सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मिड डे अंग्रेजी समाचार पत्र का क्राईम रिपोर्टर शिवादेवनाथ और उसकी महिला मित्र शनिवार की रात मालाड में खाना खाने के बाद रिक्शा से घर जा रहे थे।

मालाड पश्चिम के लिंक रोड पर जाते समय मिट चौकी नामक स्थान के पास पान सुपारी लेने के लिये शिवादेवनाथ और उसकी महिला मित्र रिक्शा से उतर गये। इसी दौरान एक अज्ञात युवक आया और युवती से बदतमीजी करने लगा। बताते हैं कि शिवा और उसकी महिला मित्र बांगुर नगर पुलिस स्टेशन पहुंचे शिकायत करने। युवती की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। मगर शराब के नशे में धुत शिवादेवनाथ ने जमकर हंगामा किया। हंगामा करते हुये कहा कि पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। शिवा ने तुरंत इस बात की जानकारी एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को दी।

इस वरिष्ठ अधिकारी ने पुलिस नियंत्रण कक्ष को फोन कर पत्रकार की मदद करने को कहा। पुलिस नियंत्रण कक्ष से फोन आने पर शिवा गालीगलौज करने लगा तथा स्थानीय पुलिस वालों को निलंबित कराने की धमकी देने लगा। इस दौरान उसने और उसकी महिला मित्र ने जमकर हंगामा किया और तड़के साढ़े सात बजे तक पुलिस स्टेशन में यह हंगामा चला। इसके बाद पुलिस ने शिवादेवनाथ को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। गिरफ्तार किये गये पत्रकार और उसकी महिला मित्र के रक्त के नमूने को जांच के लिये भेज दिया गया है।

शशिकांत सिंह
पत्रकार और आरटीआई एक्सपर्ट
९३२२४११३३५

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ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा #ArrestCHORasia : टीआरपी के लिए झूठी-फर्जी खबरें दिखाने वाले दीपक चौरसिया की गिरफ्तारी की मांग

नई दिल्ली । इंडिया न्यूज नामक चैनल का संपादक दीपक चौरसिया इन दिनों सोशल मीडिया के निशाने पर है। इस टीआरपीबाज और बाजारू संपादक की गिरफ्तारी की मांग उठ रही है। टीवी पत्रकार दीपक चौ‍रसिया रविवार को अचानक सोशल मीडिया के निशाने पर आ गए हैं जिसके कारण रविवार को Twitter पर #ArrestCHORasia ट्रेंड करने लगा।

ज्‍यादातर ट्वीट्स में दीपक को झूठी खबरें दिखाकर लोगों को गुमराह करने वाला पत्रकार बताया गया है। लोगों का आरोप है कि दीपक चौरसिया ने अपने चैनल पर टीआरपी के लिए कई झूठी और फर्जी खबरें दिखाईं। सोशल मीडिया पर दिल्‍ली पुलिस को टैग कर लोग चौरसिया को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं।

ट्विटर पर जाकर ट्रेंड कर रहे ‘अरेस्टचोरसिया’ हैशटैग के रिजल्ट देखने पढ़ने के लिए इस पर क्लिक करें: #ArrestCHORasia

इस बीच, प्रतिष्ठित अखबार जनसत्ता की वेबसाइट पर भी दीपक चौरसिया के गिरफ्तार किए जाने संबंधी सोशल मीडिया पर उठी मांग से संबंधित खबर का प्रकाशन कर दिया गया है. देखें स्क्रीनशॉट…

दीपक चौरसिया की गिरफ्तारी की मांग से संबंधित नीचे कुछ ट्वीट दिए जा रहे हैं….

In a Major Development, Various Organisations DEMAND #ArrestCHORasia ASAP as Patna Court issues Non-bailable warrant
-Nirmala Pandey ‏@nirmpandey

Is Deepak Chaurasia above all law & order just bcoz he is a mediaperson?
-bani singh @SinghhhBani

Dear Police, #ArrestCHORasia to restore people’s faith in you. Non-bailable warrants are serious!
-racy motwani @racymotwani

Believe me, Chaurasia never went to any war site. He stood in his studios & did fake reporting. #ArrestCHORasia
-Lakshmi @omji01

He is a journalist, a degenerated jornalist. #ArrestCHORasia for denigrating the standards of journalism. pic.twitter.com/O4OLH5f2wn
-Jyoti Gambhir @jyotigambhir1

कुछ अन्य ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट देखें….


दीपक चौरसिया के रंग-ढंग जानने के लिए नीचे दिए गए शीर्षकों पर क्लिक करते जाइए :

राम जेठमलानी ने दीपक चौरसिया को भगाया!

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पत्रकार पुष्प शर्मा की गिरफ्तारी मोदी सरकार की एक और ओछी हरकत

बिहार और झारखंड में पत्रकारों की हत्या खतरनाक संकेत

लखनऊ । रिहाई मंच ने बिहार और झारखंड में पत्रकारों की हत्या को लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताते हुए हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की है। मंच ने मोदी सरकार द्वारा नीतिगत आधार पर मुसलमानों को योगा ट्रेनिंग के लिए नहीं नियुक्ति करने सम्बंधित खबर को ब्रेक करने वाले पत्रकार पुष्प शर्मा की दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तारी को मोदी सरकार में बढ़ रहे दमन का ताजा नजीर बताया है। रिहाई मंच द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में मंच के महासचिव राजीव यादव ने बिहार के सिवान में पत्रकार राजदेव रंजन और झारखंड चतरा में अखिलेश प्रताप सिंह की हत्या की निंदा करते हुए कहा है कि ये घटनाएं साबित करती हैं इन राज्यों में अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं। उन्हांने दोनों मामलों में दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

वहीं राजीव यादव ने भारत सरकार द्वारा योगा ट्रेनिंग में नीतिगत आधार पर मुसलमानों की नियुक्ति न करने का आरटीआई से खुलासा करने वाले पत्रकार पुष्प शर्मा की गिरफ्तारी और उक्त खबर को छापने वाले अखबार मिल्ली गजट के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने को मोदी सरकार की एक और ओछी हरकत बताया है। उन्होंने कहा है कि इस मसले पर आयुश मंत्रालय द्वारा बिना अखबार से खबर के संदर्भ में कोई पूछताछ किए मुकदमा दर्ज करना साबित करता है कि आरटीआई में उजागर तथ्य बिल्कुल सही हैं और सरकार ने बदले की भावना के तहत पत्रकार को उत्पीड़ित करने के लिए जेल भेजा है। उन्होंने कहा कि इस मसले पर प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा पत्रकार के पक्ष में खड़े होने के बजाए खुलकर सरकार का पक्ष लेना साबित करता है कि पीसीआई जैसी संस्था का भी भगवाकरण हो गया है।

द्वारा जारी-
शाहनवाज आलम
(प्रवक्ता, रिहाई मंच)
09415254919

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पत्नी चित्रा को पीटने के आरोप में एंकर अतुल अग्रवाल गिरफ्तार

देश के दो अलग-अलग राष्ट्रीय न्यूज चैनलों में काम करने वाले एंकर दंपति सेक्टर-11 में रहते हैं। मंगलवार रात करीब साढ़े 9 बजे किसी बात को लेकर पति भड़क गया और उसने अपनी पत्नी की पिटाई शुरू कर दी। पति की पिटाई से घायल पत्नी सेक्टर-24 थाने पहुंच कर शिकायत कर दी जहां देर रात ही आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार अतुल अग्रवाल पत्नी चित्रा त्रिपाठी और अपने 6 साल के बच्चे के साथ के-17, सेकेंड फ्लोर, सेक्टर-11 में रहते हैं।

अतुल और चित्रा राष्ट्रीय न्यूज चैनल में एंकर हैं। अतुल न्यूज वर्ल्ड इंडिया में एंकर हैं तो चित्रा इंडिया न्यूज में। चित्रा त्रिपाठी का आरोप है कि उनका पति अतुल अग्रवाल रोजाना उन्हें मारता-पीटता रहता है। मंगलवार रात साढ़े नौ बजे अतुल फिर से अपनी पत्नी को पीटने लगा और बुरी तरह पिटाई की जिससे चित्रा की नाक और सिर पर चोटे आई हैं। चित्रा का आरोप है कि अपने पति की हरकतों की वजह से तंग आ कर उन्होंने डेढ़ वर्ष पूर्व अतुल अग्रवाल के खिलाफ तलाक का केस फाइल कर रखा है।

मार-पिटाई की उक्त घटना के बाद चित्रा सेक्टर-24 थाने पहुंची और उन्होंने पुलिस से गुहार लगाई कि पुलिस उनकी लिखित शिकायत पर तत्काल कार्रवाई कर उनके पति अतुल को गिरफ्तार करे नहीं तो अतुल उन्हें मार डालेगा। एसपी सिटी दिनेश यादव का कहना है कि चित्रा त्रिपाठी की तहरीर पर अतुल अग्रवाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 323 और 506 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।

मूल खबर….

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‘लाइव इंडिया’ चैनल के मालिक मुंबई पुलिस से छूटे तो उड़ीसा पुलिस धर ले गई

समृद्ध जीवन नामक चिटफंडिया कंपनी का मालिक महेश मोतेवार जो लाइव इंडिया नामक न्यूज चैनल भी चलाता है, पिछले दिनों मुंबई पुलिस के हत्थे चढ़ गया था. उस पर जनता को भरमाने, धोखा देने, पैसा हड़पने, गैर कानूनी चिटफंडी योजनाएं चलाने समेत कई आरोप हैं और वह काफी समय से फरार चल रहा था. सूत्रों का कहता है कि महेश मोतेवार ने कई वरिष्ठ पत्रकार और संपादक पाल रखे हैं जो उनके लिए लाइव इंडिया चैनल की आड़ में दलाली व लायजनिंग करते हैं.

इन संपादकों और चिटफंड कंपनी के मैनेजरों ने पैसे व संपर्क के बल पर तीन तिकड़म से महेश मोतेवार को मुंबई पुलिस के चंगुल से छुड़वा तो लिया लेकिन इंतजार में बैठी उड़ीसा पुलिस महेश मोतेवार को पकड़ कर ले कर चली गई. सूत्र बताते हैं कि लाइव इंडिया चैनल व इसके अन्य मीडिया उपक्रमों में दो महीने से सेलरी नहीं आई है. महेश मोतेवार ने कह रखा था कि वह जल्द छूट जाएगा, सेटिंग हो गई, और तब सेलरी आ जाएगी. लेकिन अब जब उड़ीसा पुलिस से ले गई तो लोग चर्चा कर रहे हैं कि आखिर यह दुकान कितने दिन चल पाएगी?

पूरे मामले को समझने के लिए नीचे दिए गए शीर्षकों पर एक-एक कर क्लिक करते जाएं>

लाइव इंडिया का मालिक महेश मोतेवार चिटफंड घोटाले में गिरफ्तार

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महेश मोतेवार दो दिन के रिमांड पर, 58 जगहों पर छापे, सतीश के सिंह भी नपेंगे

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Samruddha Jeevan Fraud : महेश किशन मोटेवार समेत तीन डायरेक्टरों की संपत्ति कुर्क करने के आदेश

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चिटफंड के ‘चैनलों’ से सावधान! मीडियाकर्मियों की जिंदगी नरक बना देते हैं ये

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सावधान, भाजपा राज में मिमिक्री करने वाले जेल जाएंगे, कॉमेडियन किकू शारदा गिरफ्तार

खबर है कि टीवी कलाकार कीकू को गुरुमीत राम रहीम की नकल (मिमिक्री ) उतारने के ले IPC की धारा 295 A के तहत धार्मिक भावनाएं आहत करने के अपराध में गिरफ्तार कर लिया गया है. यह वही गुरमीत है जो खुद गुरु गोविंदसिंह का वेश धारण करता है. तब इसके भक्तों को मोतियाबिंद हो गया था शायद. गुरमीत कब से और कौन से धर्म का ठेकेदार बन गया है भई? या २०१४ के आम चुनाव में भाजपा को समर्थन देने के एवज में ‘धर्म के ठेकेदार’ की पदवी मिली है?

साध्वी संध्या जैन के फेसबुक वॉल से.

महाराष्ट्र की सहिष्णु भाजपा सरकार ने कॉमेडियन किकू शारदा को अपने समर्थकों को बधिया करने जैसे तमाम आरोप झेल रहे बाबा राम रहीम की मिमिक्री करने के जुर्म में गिरफ्तार किया। उम्मीद है उसकी इस करतूत से पंजाब की सहिष्णु भाजपा-अकाली सरकार को डेरा सच्चा सौदा का समर्थन लेने में मदद मिलेगी।  Maharashtra’s tolerant BJP govt arrests Actor Kiku Sharda for mimicking controversial Godman Ram Rahim (accused, among othher things, of castrating his followers). Move expected to help Punjab’s tolerant BJP-Akali govt get Dera’s support, something it desperately needs!

मानवाधिकारवादी समर अनार्या के फेसबुक वॉल से.

BJP Govt Haryana arrests Comedian Kiku Sharda for doing mimicry on Baba Gurmeet Ram Rahim. Mimicry not allowed?

वरिष्ठ पत्रकार Vinod Mehta का ट्वीट

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अंतत: अरेस्ट हो गए चिटफंड कंपनियों पीएसीएल और पर्ल्स ग्रुप के दिग्गज निर्मल सिंह भंगू, सुखदेव सिंह, गुरमीत सिंह और सुब्रत भट्टाचार्य

सीबीआई ने 45 हजार करोड़ रुपये के घोटाले में पीएसीएल व पर्ल्स ग्रुप के सीएमडी निर्मल सिंह भंगू तथा इनके तीन सहयोगी एमडी सुखदेव सिंह, गुरमीत सिंह, सुब्रत भट्टाचार्य को गिरफ्तार कर लिया है। इन्हें पोंजी स्कीम केस के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि ये लोग लगातार बयान बदल रहे थे और जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार भंगू के साथ पीएसीएल के प्रमोटर-डायरेक्टर तथा एमडी सुखदेव सिंह, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर (फाइनेंस) गुरमीत सिंह तथा ईडी सुब्रत भट्टाचार्य से शुक्रवार को एजेंसी के मुख्यालय में विस्तृत पूछताछ की गई।

इसके बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोप है कि इन लोगों ने कृषि भूमि के विकास तथा बिक्री के नाम पर देश भर के 5.5 करोड़ निवेशकों से 45 हजार करोड़ रुपये एकत्रित किए थे। निवेशकों को भारी रिटर्न का लालच दिया गया था। जांच में पता चला है कि आरोपियों ने पीड़ितों को फर्जी भूमि आवंटन पत्र दिए थे। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक छानबीन में भारत तथा विदेश में करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति के भी दस्तावेज मिले हैं। यह भी पता चला है कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने जब पर्ल्स गोल्डेन फॉरेस्ट लिमिटेड (पीजीएफ) को स्कीम बंद करने तथा निवेशकों का रुपया वापस करने का आदेश दिया तो पर्ल्स एग्रोटेक कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसीएल) के नाम से वैसी ही दूसरी फर्जी योजना चला दी गई।

इसका ऑफिस नई दिल्ली के बाराखंभा में खोला गया और पीएसीएल से मिले रुपये पीजीएफ के निवेशकों को लौटाने में इस्तेमाल किए गए। लोगों से पैसा ऐंठने के लिए पूरे देश में लाखों कमीशन एजेंट का जाल बिछाया गया था। इन एजेंटों को मोटा कमीशन दिया जाता था। पीएसीएल और इसके प्रमोटर रहे निर्मल सिंह भंगू के खिलाफ ईडी और सीबीआई का शिकंजा लगातार कसता जा रहा था. पिछले महीने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने देश के कई शहरों में पीएसीएल के दफ्तरों पर छापे मारे थे.

मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून के तहत दिल्ली, मुंबई, मोहाली, चंडीगढ़ और जयपुर में छापे मारे गए थे. सन् 2015 में सीबीआई की एफआईआर के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने पीएसीएल के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया था. इसके बाद जांच शुरू कर दी थी. पीएसीएल ने रीयल एस्टेट प्रोजेक्ट के नाम पर बिना पूंजी बाजार नियामक की मंजूरी लिए सामूहिक निवेश योजनाएं यानी पोंजी स्कीम चलाई. इसके जरिए निवेशकों से करीब 45 हजार करोड़ रुपये जुटाए गए, जिसे वसूलने का आदेश दिया गया था.

सीबीआई जांच से पता चला कि इन्होंने पांच करोड़ निवेशकों को लूटा. कुल 45 हजार करोड़ रुपये निवेशकों से इकठ्ठा किए. बटोरी गई बेहिसाब दौलत को निजी फायदे के लिए इस्तेमाल किया. इस दौलत का बड़ा हिस्सा विदेश ले गए. ऑस्ट्रेलिया में कारोबार शुरू किया. यूपी में ठगे गए 1.30 करोड़ निवेशक. महाराष्ट्र में लुटे 61 लाख निवेशक. तमिलनाडु में लुटे 51 लाख लुटे निवेशक. राजस्थान में लुटे 45 लाख निवेशक. हरियाणा में लुटे 25 लाख निवेशक.

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लाइव इंडिया का मालिक महेश मोतेवार चिटफंड घोटाले में गिरफ्तार

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महेश मोतेवार दो दिन के रिमांड पर, 58 जगहों पर छापे, सतीश के सिंह भी नपेंगे

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साईं प्रसाद के मालिक शशांक भापकर भी गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा पुलिस हिरासत में

मुबंई से सूचना है कि मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने साईं प्रसाद ग्रुप ऑफ कंपनीज़ के तीसरे मालिक की भी गिरफ्तारी कर ली है. कंपनी के चेयरमैन बालासाहेब भापकर के बेटे शशांक भापकर को परसों गोवा के मडगांव के एक बंगले से गिरफ्तार किया गया. बताया जा रहा है कि शशांक भापकर गोवा में नए साल का जश्न मनाने के लिए पहुंचे थे. उन पर आर्थिक अपराध शाखा की पैनी नज़र थी.

जैसे ही शशांक के गोवा होने की सूचना मिली, आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने गोवा में जाल बिछाया और शशांक को मडगांव के एक बंगले से गिरफ्तार कर लिया. शशांक भापकर को आर्थिक अपराध शाखा ने कोर्ट मे पेश किया जहां कोर्ट ने 4 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया.  इससे पहले शशांक को मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ़्तार किया गया था लेकिन सहार पुलिस थाने के परिसर से ही शशांक इमीग्रेशन ऑफीसर को चकमा देकर हिरासत से फ़रार हो गये थे.

मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने साईं प्रसाद ग्रुप ऑफ कंपनीज़ के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक बालासाहेब भापकर को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है. छत्तीसगढ़ पुलिस कंपनी की मालकिन वंदना भापकर को गिरफ्तार कर चुकी है. इस तरह पति-पत्नी और पुत्र तीनों को गिरफ्तार किया जा चुका है. आर्थिक अपराध शाखा के डीसीपी प्रवीण पटवाल ने कहा कि फिलहाल हम शशांक भापकर से पूछताछ कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि निवेशकों के पैसे कहां हैं और कौन-कौन से लोग इस धंधे में शामिल हैं. ज्ञात हो कि साईं प्रसाद की तरफ से न्यूज एक्सप्रेस नाम से न्यूज चैनल और हमवतन नाम से अखबार संचालित किया जाता था जो अब बंद हो चुका है.

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लाइव इंडिया का मालिक महेश मोतेवार चिटफंड घोटाले में गिरफ्तार

हिंदी न्यूज चैनल ‘लाइव इंडिया’, मराठी न्यूज चैनल ‘मी मराठी’, लाइव इंडिया नाम से अखबार और मी मराठी नाम से अखबार की संचालक कंपनी समृद्ध जीवन के एमडी व चेयरमैन महेश मोटेवर उर्फ महेश किसान मोतेवार को चिटफंड घोटाले के चलते गिरफ्तार कर लिए जाने की खबर है. सेबी ने समृद्ध जीवन फूड्स के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया था.

कंपनी के चार डायरेक्टर्स द्वारा मनाही के बावजूट चिटफंड कंपनी के जरिए पैसा जमा करने का आरोप है. मोटवार पिछले कई हफ्तों से गायब चल रहे थे. महेश मोतेवार को पुणे में कल दोपहर गिरफ्तार किया गया. पुलिस उन्हें गिरफ्तार करके उस्मानाबाद ले गई है. सेबी और अन्य कई सरकारी एजेंसियों की तरफ से मोतेवार की कंपनी समृद्ध जीवन के बैंक खाते सील करने के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं.

पूरे मामले को समझने के लिए नीचे दिए गए शीर्षकों पर क्लिक करें>

चिटफंड के समारोह का ‘लाइव इंडिया’ करता रहा लाइव प्रसारण, सतीश के सिंह भी मंच पर मौजूद

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लाइव इंडिया चैनल की मूल कंपनी समृद्ध जीवन व इसके डायरेक्टरों पर मुंबई स्टाक एक्सचेंज और नेशनल स्टाक एक्सचेंज ने लगाई पाबंदी

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Samruddha Jeevan Fraud : महेश किशन मोटेवार समेत तीन डायरेक्टरों की संपत्ति कुर्क करने के आदेश

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Samruddha Jeevan Fraud : अब तो मान लीजिए ‘समृद्ध जीवन’ फ्रॉड चिटफंड कंपनी है, पढ़ें ये 30 पेज की सरकारी जांच रिपोर्ट

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Sebi orders Samruddha Jeevan Foods India to repay investors money in 3 months

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चिटफंड कंपनी ‘समृद्ध जीवन’ से सावधान, इसका भी हाल पीएसीएल और शारधा घोटाले वाला होने वाला है!

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‘प्रजातंत्र लाइव’ के मीडियाकर्मियों ने कैंडल मार्च निकाल कर अपने चिटफंडिये मालिक को ललकारा

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चिटफंडिया ‘समृद्ध जीवन फाउंडेशन’ की मददगार बनी अखिलेश सरकार, निष्कासित मीडियाकर्मी संघर्ष की राह पर

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विवादित चिटफंड कंपनी समृद्ध जीवन के अखबार ‘प्रजातंत्र लाइव’ में बवाल, पुलिस पहुंची, मालिक से शिकायत

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कंपनी के मालिकों को बचाने के चक्कर में दलाल बन गए चिटफंडिया चैनलों के कई पत्रकार

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अपने मालिक की बर्थडे पार्टी को सबसे बड़ी ख़बर बताकर पूरे दिन प्रसारित करता रहा लाइव इंडिया

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ये लाइव इंडिया नहीं, ये है चिट फंड इंडिया

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चुनाव की झूठी खबर चलाने वाले उपजा के जिलाध्यक्ष पंकज दीक्षित गिरफ्तार

फर्रूखाबाद। रिश्वत देकर प्रधानी का प्रमाण पत्र मिलने की झूठी खबर चलाने वाले उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन उपजा के जिलाध्यक्ष एवं बेव पोर्टल जेएनआई के पत्रकार पंकज दीक्षित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आवास विकास चौकी प्रभारी महेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने कोतवाली फतेहगढ़ जेएनआईबी रोड़ निवासी पंकज दीक्षित पुत्र चन्द्र विहारी के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के मुताबिक पंकज दीक्षित आवास विकास कालोनी 2बी/116 स्थित कार्यालय में जेएनआई न्यूज के नाम से बेव पोर्टल चलाते है।

8 दिसम्बर को पंकज ने वेब पोर्टल पर ‘5 लाख रूपये में मिल रहा है प्रधानी का प्रमाण पत्र’, नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इसमें उन्होने लिखा कि बाइकों से गैंग बनाकर कुछ लोग घूम रहे हैं और कह रहे है कि वे 5 लाख रूपये में प्रधानी का प्रमाण पत्र दिला सकते हैं, प्रत्याशी जीते या हारे। समाचार में लिखा गया कि विकास खण्ड कमालगंज के ग्राम गैंगाइच के प्रधान प्रत्याशी सपा नेता शकील ने जेएनआई को बताया कि उनके पास बाइक से युवक आये थे जो 5 लाख रूपयों में प्रधान बनने का प्रमाण पत्र देने की बात कह रहे थे। रिपोर्ट में चौकी इंचार्ज एमके त्रिपाठी ने कहा है कि उन्होने इस समाचार के सम्बंध में थाना कमालगंज के एसओ से सीओ द्वारा बात कराई गई तो एसओ ने सपा नेता शकील से बात करके बताया कि शकील ने 5 लाख रूपयों वाली बात पंकज दीक्षित को नहीं बताई है।

श्री त्रिपाठी ने कमालगंज एसओ से पूरे क्षेत्र में छानबीन करने को कहा तथा उच्च अधिकारियों के माध्यम से समाचार की जानकारी जिला मजिस्ट्रेट के संज्ञान में लाई। बाद में एसओ कमालगंज यतेन्द्र यादव ने श्री त्रिपाठी को बताया कि 5 लाख रूपयों जैसी कोई बात नहीं है। खबर पूरी तरह मिथ्या व फर्जी है। किसी भी व्यक्ति ने ऐसे किसी बाइक गैंग को नहीं देखा। पंकज दीक्षित द्वारा वेब पोर्टल के माध्यम से अफवाह फैलाने से जन समान्य में गलत संदेश जा रहा है। प्रशासन व सरकार की छवि धूमिल हो रही है। लोग खबर पढ़कर चर्चा कर रहे हैं कि 5 लाख रूपये देकर प्रधान बनने का प्रमाण पत्र पाया जा सकता है। जब कि संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग द्वारा संचालित व्यवस्था के तहत ही चुनाव जीतकर प्रधान बनने का प्रमाण पत्र मिलता है। इसके बाबजूद जानबूझ कर श्री दीक्षित ने लोगों को पूर्वाग्रहीत व उत्प्रेरित करने के लिये जैसी मिथ्या व झूठी खबर वेबसाइट पर प्रकाशित की।

श्री दीक्षित के उक्त कृत्य की पुष्टि जिला मजिस्ट्रेट द्वारा प्रकरण के सम्बंध में गठित कमेटी के सदस्य, नगर मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी, मनोरंजन कर निरीक्षक, जिला सूचनाधिकारी, थाना कमालगंज के दरोगा छेंदालाल दिवाकर व सिपाही मेहताब सिंह, विकेश सिंह ने भी की है। पुलिस ने मुकदमे की जांच नखास चौकी प्रभारी मोहम्मद आसिफ को सौपी है। पुलिस ने सेंट्रल जेल के मुख्य गेट के सामने रहने वाले दीपक शुक्ला पुत्र अवधेश कुमार तथा कोतवाली मोहम्मदाबाद के ग्राम चौसेपुर मौधा निवासी अनुराग पुत्र सुखराज सिंह की जमानत व 30 हजार रूपये के निजी मुचलके पर पंकज दीक्षित को जमानत पर छोड़ दिया। पंकज को इंस्पेक्टर शिवमोहन प्रसाद ने बीते दिन सांय जिला मुख्यालय से पकड़ा था। उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन उपजा के प्रांतीय सदस्य प्रदीप गोस्वामी, जिला सचिव वेदपाल सिंह, इलेक्ट्रानिक मीडिया के फिरोज अली, जापान बाजपेयी, अनिल वर्मा शेखर, अनिल प्रजापति, दीपक शुक्ला, सुनील सक्सेना आदि पत्रकारों ने उपजा के जिलाध्यक्ष पंकज दीक्षित की पैरवी में जिलाधिकारी से भेट की तथा कोतवाली में डटे रहे थे। 

आनंदभान शाक्य की रिपोर्ट. संपर्क: fbdanandbhan@gmail.com

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ब्लैकमेल करने के आरोप में टाइम्स नाऊ और सहारा समय का स्ट्रिंगर गिरफ्तार, एएनआई का स्ट्रिंगर फरार

गुड़गांव में सहारा समय न्यूज चैनल और टाइम्स नाउ के लिए कार्यरत स्ट्रिंगर रोशन भारद्वाज को गुड़गांव पुलिस ने सोमवार शाम गिरफ्तार कर लिया. रोशन पर आरोप है कि उसने एक महिला से साथ मिलकर एक रिटायर्ड फौजी को ब्लैकमेल किया और दस लाख रुपए की मांग की. बताया जा रहा है कि रोशन के साथ गुड़गांव से पत्रकारिता कर रहा गुलशन ग्रोवर भी शामिल था. ग्रोवर कभी पी7, हरियाणा न्यूज का गुड़गांव से रिपोर्टर रहा और आजकल ANI के लिए रिपोर्टिंग कर रहा है.

इन दोनों के खिलाफ 11 मई 2015 को गुड़गांव के सिविल लाइन पुलिस थाने में ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज हुआ था. पर गुड़गांव पुलिस इन दोनों पर हाथ डालने से बच रही थी. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता ने सोमवार को हरियाणा के डीजीपी यशपाल सिंघल से मुलाकात की जिसके बाद रोशन को गिरफ्तार कर लिया गया. गुलशन अभी फरार है.

इन दोनों पर ये आरोप साल 2013 में लगा था जिसमें एक महिला ने रिटायर्ड फौजी पर रेप का आरोप लगाया और बाद में इन पत्रकारों से मिल गई. उसके बाद तीनों ने मिलकर रिटायर्ड फौजी को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया. फौजी की पत्नी ने चालाकी से काम लिया और इनसे हुई बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया. FIR के समय में कुछ न्यूज चैनलों पर और अखबारों में इनका ये काला कारनामा प्रकाशित हुआ था.

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एक जनपक्षधर आईपीएस के सामने बौनी साबित हो गई देश के सबसे बड़े सूबे की पूर्ण बहुमत वाली सरकार

इसे कहते हैं जनपक्षधरता की ताकत. लोग कहते हैं कि अगर आप नियम कानून पर चलेंगे, ईमानदारी व सत्य की वकालत करेंगे, आम जन के हितों को देखकर काम करेंगे तो आजकल का भ्रष्ट सिस्टम आपको कहीं का नहीं छोड़ेगा. लेकिन बात जब अमिताभ ठाकुर जैसे आईपीएस की हो तो लगता है कि नहीं, अब भी लड़ने वाले लोग अकेले होकर भी पूरे सिस्टम को अपने सामने झुकने, बौना दिखने के लिए मजबूर कर सकते हैं. उत्तर प्रदेश सरकार के भ्रष्ट मंत्रियों और भ्रष्ट नीतियों की पोल खोलने वाले जनपक्षधर आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को यूपी की पूर्ण बहुमत वाली सपा सरकार लाख कोशिश करके भी अरेस्ट नहीं कर पा रही है.

उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार पूरी तरह आमादा है कि अमिताभ ठाकुर को हर हाल में किसी भी मामले में गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया जाए लेकिन ऐसा कर पाने में वह सफल नहीं हो पा रही है. ऐसा करने के लिए जिन अफसरों को आदेशित किया जाता है, उनके पैर हांथ कांपने लग रहे हैं. इसी क्रम में पिछले दिनों विजिलेंस का छापा डलवाकर अमिताभ ठाकुर को डराने और किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर जेल में डालने की कोशिश हुई लेकिन नतीजा आया उलटा. विजिलेंस वालों को खुद चोर की तरह अमिताभ ठाकुर के घर से भागना पड़ा.

असल में मुलायम सिंह यादव की धमकी वाले टेप को पब्लिक करके आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने जो पंगा सपा के शीर्ष नेताओं से लिया है, उसके बाद से ही यह माना जा रहा था कि अमिताभ ठाकुर को देर सबेर किसी मामले में गिरफ्तार किया जाएगा. सरकार की कोशिश भी ऐसी ही है. लेकिन जाने ऐसा क्यों है कि देश के सबसे बड़े सूबे की पूर्ण बहुमत वाली सरकार अमिताभ ठाकुर के आगे बौनी साबित हो जा रही है. इसी मसल पर नवभारत टाइम्स लखनऊ में आज एक पठनीय टिप्पणी प्रकाशित हुई है जिसे पढ़कर प्रदेश भर के समाजवादी नेताओं को अपने बौनेपन का एहसास हो रहा है. आप भी पढ़ना चाहते हैं तो नीचे लिखे Next पर क्लिक करिए>>

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साईं प्रसाद कंपनी की मालकिन वंदना भापकर गिरफ्तार, बाला साहब भापकर और शशांक भापकर फरार

एक बड़ी खबर बंद हो चुके न्यूज चैनल ‘न्यूज एक्सप्रेस’ को संचालित करने वाली कंपनी साईं प्रसाद से आ रही है. इस चिटफंड कंपनी की मालकिन वंदना भापकर को पुलिस ने पुणे से गिरफ्तार कर लिया है. यह गिरफ्तारी फर्जीवाड़े के आरोप में की गई है. बताया जा रहा है कि दल्लीराजहरा थाणे में एक करोड़ से अधिक के धोखाधड़ी का मामला दर्ज है. इस बाबत दल्लीराजहरा थाने में अपराध क्रमांक 78/15 दर्ज है. बालोद एसपी के निर्देश पर दल्लीराजहरा के प्रशिक्षु डीएसपी अभिषेक माहेश्वरी के नेतृत्व में पिपरी पुलिस के साथ पुणे से हुई आरोपी की गिरफ्तारी. इस प्रकरण में दो मुख्य आरोपी बाबा साहब भापकर और उनका बेटा शशांक भापकर फरार है.

जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ पुलिस ने पुणे के चिंचवड से वंदना भापकर को गिरफ्तार किया है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बाला साहेब भापकर ने 2007 में साईं प्रसाद चिट फंड नाम छत्तीसगढ़ में चिटफंड कारोबार शुरू किया था. छत्तीसगढ़ में कारोबार बढ़ाने के लिए प्रत्येक जिले में एजेंटों की भर्ती भी की गयी थी. 7 साल में डबल पैसे देने का वादा किया गया. ऐसा सपना भापकर परिवार ने 10 हज़ार से अधिक लोगों को दिखा कर 5 से 7 करोड़ रुपयों की धोखाधडी की थी. देश के कई प्रदेशों में काफी केस इस कंपनी पर हुए और SEBI में भी इस पर मामला दर्ज हुआ था. मीडिया के नाम पर चिटफंड के कारोबार को परवान चढाने वाले भापकर के बुरे दिन चैनल में ताला लगते ही शुरू हो गए. करोड़ों के चिटफंड फ्राड के साथ ही मीडिया कर्मियों के पैसे ना देने का मामला भी इन पर चल रहा है. भापकर के खिलाफ 15 मार्च 2015 को शिकायत दर्ज हुई थी और इसी मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस चिंचवड आई थी. पुलिस ने कल रात वंदना भापकर को अरेस्ट कर लिया जब की पति और पुत्र अब भी फरार बताये जा रहे हैं.

वर्ष 2011 में साईं प्रसाद मीडिया के बैनर तले न्यूज़ एक्सप्रेस नामक नेशनल चैनल लाया गया था और मीडिया के बड़े महारथी भापकर के सारथी बने. कई रीजनल न्यूज़ चैनल लाने की तैयारी थी लेकिन सिर्फ छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश का रीजनल चैनल ही आ पाया. वक़्त की रफ़्तार के साथ बड़े नामो ने किनारा कस लिया और चैनल आखिरी साँसे लेने लगा. अभी हाल ही में न्यूज़ एक्सप्रेस छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश का नाम बदल कर स्वराज एक्सप्रेस कर दिया गया है. फिलहाल इस ताजे घटनाक्रम से साईं प्रसाद ग्रुप से जुड़े लोग सकते में हैं.

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वीडियो एडिटर को चैनल से क्लिप चुरा कर वायरल करना पड़ा महंगा, अरेस्ट

चैनल से क्लिप चुरा कर लीक करने की ढेर सारी घटनाएं हुई हैं जिससे कई किस्म के खुलासे भी हुए. आमतौर पर ऐसे मामलों में चैनल के अंदर काम करने वालों की भूमिका होती है. कई बार ये काम जनहित में बहुत बड़ा होता है क्योंकि चैनल जिस खबर सूचना बातचीत को दबाना चाहता है, एडिट कर देता है, उसे लीक करके जनता के सामने ला दिया जाता है ताकि सच्चाई सामने आ सके.

पर ऐसे मामलों में अब एक सख्त कार्रवाई हुई है. लेकिन जिस मामले में सख्त कार्रवाई हुई है, उसको लेकर सवाल उठाया जा रहा था कि वीडियो में तो कुछ भी ऐसा नहीं था जिससे किसी की मानहानि हुई हो. तो क्या यह कार्रवाई चैनल से फुटेज निकाल कर सोशल मीडिया पर शेयर कर देने के अपराध में हुई है?

भारत के किस चैनल में काम करता है वीडियो एडिटर…  दो मिनट के वीडियो में आखिर है क्या… जानने के लिए नीचे लिखा आ रहा 2 या Next पर क्लिक करें>>

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जेएनयू के संस्कृतिकर्मी हेम मिश्रा और राजनीतिक कार्यकर्ता रोमा को जमानत मिली

नागपुर की अंडा सेल में दो साल से बंद जेएनयू के संस्‍कृतिकर्मी हेम मिश्रा को ज़मानत मिल गई है। हेम को नक्सलियों से संबंध रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। फेसबुक पर पत्रकार अभिषेक श्रीवास्तव ने इस बाबत जानकारी शेयर की है. उनकी पोस्ट पर Rohit Joshi ने कमेंट करके कहा है कि हेम के जमानत मिलने वाली खबर सही है. रोहित की हेम के पापा से बात हुई जिसमें उन्होंने कनफर्म किया है.

उधर, मिर्जापुर की जेल में दो माह से बंद राजनीतिक कार्यकर्ता रोमा को सभी 11 मामलों में सोनभद्र की अदालत ने ज़मानत दे दी है. वे दो-चार दिन में बाहर आ जाएंगी. पत्रकार अभिषेक श्रीवास्तव का कहना है कि असली खुशी तब होगी जब कनहर बांध के खिलाफ लड़ रहे जेल में बंद चार ग्रामीणों को भी बेल मिल जाए. उनकी दरख्‍वास्‍त इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय में अभी लंबित है.

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Roma’s final bail on the last case granted

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हेम मिश्रा की गिरफ्तारी पर संस्कृति कर्मियों की चुप्पी ठीक नहीं

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डॉ. जी. एन. साईबाबा की जमानत के लिए वैंकूवर में कैंडल जुलूस

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पत्रकारिता के प्रोफेसर दंपति के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट

रायपुर (छत्तीसगढ़) : कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के प्रोफेसर शाहीद अली और गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग की विभागाध्यक्ष गोपा वागची के खिलाफ अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। दोनों पर फर्जीवाड़ा का केस चल रहा है।

बताया गया है कि शैलेंद्र खंडेलवाल द्वारा दर्ज कराए गए मारपीट के एक मामले में जमानत याचिका खारिज हो जाने के बाद कोर्ट कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता यूनिवर्सिटी के प्रो.अली और उनकी पत्नी गोपा वागची के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। वे कोर्ट के आदेश के बावजूद हाजिर नहीं हुए थे। दंपति ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी कि मामला झूठा है। कोर्ट ने उसे निरस्त कर दिया। फिर दंपति ने सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका लगाई। वहां से याचिका खारिज हो गई। 

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अमर मणि त्रिपाठी का बेटा अमन मणि पत्नी साहा सिंह की हत्या में गिरफ्तार

Dayanand Pandey : पिता अमर मणि त्रिपाठी प्रेमिका मधुमिता की हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास भुगत रहे हैं सपत्नीक। अब आज बेटा अमन मणि त्रिपाठी अपनी प्रेमिका और पत्नी सारा सिंह की हत्या के संदेह में आज गिरफ्तार हो गया है। फीरोजाबाद के सिरसागंज में एक्सीडेंट हो गया। अमनमणि अपनी पत्नी सारा सिंह के साथ स्विफ्ट कार से लखनऊ से दिल्ली जा रहा था।

अमनमणि ने घरवालों की मर्जी के खिलाफ शादी कर ली थी। यह शादी पिछले साल लखनऊ के एक आर्यसमाज मंदिर में हुई थी। बताया जा रहा है कि अमनमणि इस लड़की से लखनऊ में मिला था। मुलाकातों के दौर में वह उसे दिल दे बैठा था। इसके बाद उसने जुलाई 2013 में लड़की से लखनऊ के अलीगंज स्थित एक आर्यसमाज मंदिर में शादी कर ली। शादी के दौरान सिर्फ अमनमणि, लड़की और दो गवाह मौजूद थे। लड़की की मां एक राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी की नेता और वकील हैं। लड़की ठाकुर बिरादरी की थी। अमनमणि के घरवालों ने रिश्ते को मंजूरी नहीं दी थी।

उत्तर प्रदेश के गृहसचिव देवाशीष पंडा की भांजी बताई जाती है सारा । पिछले साल एक युवक का अपहरण कर मार पीट करने, फिरौती मांगने और जानमाल की धमकी देने के मामले में पूर्व सपा मंत्री के अमरमणि त्रिपाठी के बेटे और सपा नेता अमनमणि त्रिपाठी को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया है। आरोप है कि पिछले साल 07 अगस्त को अमनमणि त्रिपाठी ने गोरखपुर के रहने वाले ठेकेदार ऋषि पांडेय को अगवाकर पीटा और एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी। लखनऊ की कैंट पुलिस ने ऋषि पांडेय की शिकायत पर अमनमणि, रवि व अन्य लोगों के खिलाफ अपहरण, जान से मारने की धमकी देने, मारपीट व वसूली मांगने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। अमनमणि त्रिपाठी 2012 के विधानसभा चुनाव में नौतनवा, महाराजगंज से चुनाव लड़ा था और हार गया था।

पत्रकार दयानंद पांडेय के फेसबुक वॉल से.

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ये है हरियाणा पुलिस! वरिष्ठ पत्रकार को बिना जांच बिना नोटिस सीधे गिरफ्तार कर लिया

माननीय मुख्यमंत्री
हरियाणा

विषय- करनाल पुलिस द्वारा एकतरफ़ा कार्यवाही करने के खिलाफ…

निवेदन यह है कि 18-04-2015 को एक दवा विक्रेता ने अपनी ई-मेल आईडी ​​हैक करने का मामला सिविल लाइन थाना करनाल में एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज करवाया था। इसमें पुलिस ने 40 दिन के अंतराल तक मुझे न तो जाँच में शामिल किया गया और न ही कोई पूछताछ की गयी। पुलिस ने सीधा एकतरफ़ा कार्यवाही करके 28 -05 -2015 को मुझे गिरफ्तार कर लिया जबकि पिछले 30 सालो के लम्बे कार्यकाल में मेरे खिलाफ आज तक पुलिस में मामला तो दूर की बात, कोई शिकायत भी दर्ज नहीं है।

आपसे मेरी हाथ जोड़ कर प्रार्थना है कि यह झूठा एकतरफ़ा मामला ख़ारिज किया जाये और जिस-जिस पुलिस अधिकारियों ने मेरे खिलाफ एकतरफ़ा कार्यवाही की है, उनको तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाये। आपके कार्यकाल तक इन गैर-जिम्मेवार अधिकारियों को आम जनता के संपर्क में ना लगाया जाये। इनके खिलाफ विभागीय जाँच की जाये ताकि ऐसे अधिकारी भविष्य में किसी भी व्यक्ति के मान-मर्यादा से न खेल सकें, ऐसी घिनौनी हरकत दोबारा अंजाम न दे सकें।

इन अधिकारियों ने तो यह भी नहीं समझा कि यह एक ऐसा मीडिया से जुड़ा बेहद संजीदा मामला था जिसमें इन्होंने किसी भी अन्य मीडिया से जुड़े अधिकारियों तक से जाँच को गोपनीय बनाये रखा। तथ्य और विपरीत प्रभावों तक की परवाह नहीं की। हरियाणा के गठन के बाद यह एक पहली ऐसी घटना है कि जिसमें वरिष्ष्ठ पत्रकार को जाँच में शामिल किये बिना एकतरफ़ा कार्यवाही करके गिरफ्तार किया गया हो। अभी तो यह आपके निर्वाचन क्षेत्र का मामला था और अगर यह मामला किसी अन्य निर्वाचन क्षेत्र का होता तो भगवान ही जानता है कि क्या होता। मुझे आपसे इन्साफ की अपेक्षा है। ​

धन्यवाद। ​

प्रार्थी
आरआर शैली
ABP NEWS
करनाल  

R.R. SHELLY 
KARNAL 
09813012777
74043 20000

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जाली डिग्री मामले में दिल्ली के कानून मंत्री जितेंद्र तोमर गिरफ्तार, शाम को साकेत कोर्ट में पेश

सोमवार की रात फर्जी डिग्री मामले में दिल्ली सरकार के कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र समेत आईपीसी की कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने बाद मंगलवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। उऩ्हें हौज खास थाने ले जाने के बाद वसंत विहार थाने भेज दिया गया। पुलिस ने शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उसकी जांच में तोमर की दोनों डिग्रियां फर्जी निकली हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें एम्स में मेडिकल टेस्ट के लिए लेकर गई। अभी तोमर को पुलिस साकेत कोर्ट में पेशी के लिए लेकर पहुंची। उधर, लखनऊ में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दिल्ली के कानून मंत्री की गिरफ्तारी में गृह मंत्रालय का कोई हाथ नहीं है। गृह मंत्रालय किसी की गिरफ्तारी का आदेश नहीं देता।

दिल्ली में शाम को प्रेस कांफ्रेस में पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने बताया कि तोमर की गिरफ्तारी पुख्ता सबूत मिलने के बाद ही की गई है। दिल्ली बार काउंसिल ने 11 मई को दिल्ली पुलिस के सामने जितेंद्र तोमर के ग्रैजुएशन और एलएलबी डिग्री के फर्जी होने के संदेह की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने बार काउंसिल की शिकायत पर अलग-अलग टीमें भेजकर संबंधित कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से इसकी जांच कराई। जांच से पता चला कि तोमर के सर्टिफिकेट्स के क्रमांक किसी अन्य छात्र को आवंटित किए गए थे। पुलिस ने प्रोटोकोल का पूरा पालन किया है।

बस्सी ने कहा कि हमने कानून के अनुसार काम किया है। कुछ दिन पहले इस मामले में एक शिकायत मिली थी और उसी शिकायत के आधार पर आगे कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कल रात हौजखास थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसके बाद आज सुबह तोमर को गिरफ्तार किया गया। तोमर की कथित नकली डिग्री के मामले में हुई।

आरोप है कि कानून मंत्री पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे थे। उन पर आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी के तहत मामला दर्ज हुआ है। आरोप है कि उनकी ग्रैजुएशन और एलएलबी की डिग्री फर्जी है। बिहार की तिलका मांझी यूनिवर्सिटी, भागलपुर ने दिल्‍ली हाई कोर्ट को बताया है कि जितेंद्र सिंह तोमर का अंतरिम प्रमाणपत्र जाली है और इसका संस्थान के रिकॉर्ड में इसका अस्तित्व नहीं है। दिल्ली पुलिस की एक टीम भी यूनिवर्सीटी में जाकर जांच करके लौट चुकी है। तोमर ने इसी यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई करने का दावा किया था और उनका कहना है कि उनकी डिग्री 100 फीसदी सही है।

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा है कि मोदी सरकार बदले की कार्रवाई कर रही है। पूरा मामला कोर्ट में हैं। मोदी सरकार हमें थाने में एक नहीं, हजार बार भेजें, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। बिना किसी नोटिस के मंत्री को गिरफ्तार किया गया है। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी और राम शंकर कठेरिया पर भी फर्जी डिग्री के आरोप हैं, क्या दिल्ली पुलिस में हिम्मत है कि उन्हें थाने ले जाए। 

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‘जानो दुनिया’ चैनल चलाने वाला पूर्व आईएएस संजय गुप्ता गिरफ्तारी के बाद कर रहा मीडिया कवरेज रोकने की मांग

अहमदाबाद। करीब 113 करोड़ रुपये के मेट्रो घोटाला मामले में गिरफ्तार किए गए पूर्व आईएएस अधिकारी संजय गुप्ता, जो जागो दुनिया नामक न्यूज चैनल का संचालन करता था, ने इस मामले में मीडिया कवरेज रुकवाने के लिए अदालत से अपील की है। मेट्रोलिंक एक्सप्रेस फॉर गांधीनगर एंड अहमदाबाद (एमईजीए) प्रोजेक्ट के कार्यकारी अध्यक्ष रहे गुप्ता ने सत्र न्यायालय में याचिका दायर करके यह गुहार लगाई है।

याचिका में गुप्ता ने कहा कि घोटाले को लेकर लगातार कवरेज से उनकी छवि खराब हो रही है। साथ ही गुप्ता ने अदालत को सीआरपीसी की धारा 281 के तहत आवेदन सौंपा है। इस धारा के तहत आरोपी को अदालत के समक्ष खुद को गवाह के रूप में पेश करने की इजाजत दी जाती है। सत्र न्यायाधीश एनजी दवे के समक्ष पेश की गई इन दोनों याचिकाओं पर 21 मई को सुनवाई होगी।

गुप्ता को चार दिन की रिमांड के बाद मंगलवार को अदालत में पेश किया गया था। यहां से अदालत ने उन्हें और एक अन्य आरोपी एमईजीए के पूर्व कंस्ट्रक्शन मैनेजर रत्नेश भट्ट को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस दौरान गुप्ता ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसी सीआइडी उन पर कुछ बयान देने के दबाव डाल रही है। सीआइडी ने गुप्ता और भट्ट दोनों को वर्ष 2012 में एमईजीए में 113 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में 14 मई को गिरफ्तार किया गया था।

दो दिन का समय दें, बड़ा खुलासा करूंगा

मेट्रो ट्रेन प्रकरण में 113 करोड़ की वित्तीय अनियमितता के आरोपित व पूर्व आईएएस अधिकारी संजय गुप्ता ने अदालत से कहा कि वे कुछ बड़ा खुलासा करना चाहते हैं। चार दिन की रिमाण्ड अवधि पूरी होने पर मंगलवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की विशेष अदालत में पेश आरोपित अधिकारी गुप्ता ने कहा कि रिमाण्ड के दौरान उन पर काफी ज्यादा दवाब डाला गया। उन्हें मानसिक रूप से प्रताडित किया गया। इसलिए वे अदालत के समक्ष एक बड़ा खुलासा करना चाहते हैं, जिसका व्यापक असर होगा। इसके लिए उन्हें दो दिनों का समय दिया जाएं। वे 15 वर्षो तक आईएएस अधिकारी रहे। उनके पास कई जानकारी है।

गुप्ता के वकील की ओर से कहा गया कि इस मामले में जांच ठीक ढंग से नहीं की जा रही है। मीडिया को बातें लीक जा रही हैं। पूछताछ में निजी व्यक्ति भी शामिल है जो उचित नहीं है। उनकी छवि को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। गुप्ता इस मामले में कुछ कहना चाहते हैं। गुप्ता की ओर से इस संबंध में आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 281 के तहत दायर याचिका पर 21 मई को सुनवाई होगी। विशेष अदालत ने इस मामले में मीडिया को रिमाण्ड के दौरान पर सूचना लीक करने के मामले में जांच अधिकारी की आलोचना की।

उधर विशेष अदालत ने इस मामले में गिरफ्तार आरोपित गुप्ता व मेगा के पूर्व प्रोजेक्ट मैनेजर राधेश भट्ट को मंगलवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। सीआईडी क्राइम ने गुप्ता व भट्ट को रिमाण्ड अवधि पूरी होने पर अदालत में पेश किया। जांच एजेंसी ने इन आरोपितों के लिए अतिरिक्त रिमाण्ड की मांग नहीं की। उधर बचाव पक्ष की ओर से दोनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की गुहार लगाई। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

1985 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी और मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के अध्यक्ष रहे संजय गुप्ता पर मेट्रो प्रोजेक्ट में 113 करोड़ रूपए के घोटाले का आरोप है। इसमें रिश्वत के रूप में बड़ी राशि लेने और यह राशि फर्जी बिल मंजूर करके लेने का आरोप है। कुछ फर्जी कर्मचारियों को भी मेट्रो प्रोजेक्ट में दिखाकर उसके जरिए भी सरकार को चूना लगाने का आरोप लगा है। सीआईडी क्राइम की गांधीनगर ईकाई ने गत एक अप्रेल को वित्तीय अनियमितता को लेकर गुप्ता के खिलाफ आर्थिक अपराध से जुड़ी शिकायत दर्ज की थी। गुप्ता ने वर्ष 2003 में सेवानिवृत्ति ली थी। बाद में राज्य सरकार ने वर्ष 2011 में उन्हें मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया। दो वर्ष बाद उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया।

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मतंग सिंह की बुढ़ौती वैसे ही खराब हो गई जैसे महुआ वाले तिवारी जी की खराब हुई….

Yashwant Singh : तभी तो कहूं कि ये कथित राजा साहब उर्फ मतंग सिंह इतना मौज कइसे मारता रहा लाइफ में. एक लाइन शुद्ध हिंदी बोल न पाने वाला मतंग सिंह अपने करामाती हरामी दिमाग से अरबों खरबों अपने चरणों में गिराता रहा और सत्ता के बड़े बड़े लोगों को अपने कोठे पर बुलाकर ओबलाइज करता कराता रहा… इसने अपने घर आफिस हरम में तब्दील कर रखा था.. दर्जनों लड़कियों महिलाओं पर इसकी नजरें एक साथ होती थी.. गंदी गंदी बातें करता था … अंदरखाने राजनीति इस कदर खेलता कि बड़े बड़े खिलाड़ियों को पसीना छूटने लगता… अब पता चला है कि इसने काफी काला पीला किया था… चलो, जवानी तो इस बंदे ने लूटते हुए हंसी खुशी काट दी लेकिन बुढ़ौती बेचारे की बर्बाद हो गई… कुछ कुछ वैसे ही जैसे महुआ चैनल वाले तिवारी जी आजकल बुढ़ौती में तिहाड़ की रोटी खा रहे हैं… मीडिया के पापियों का नाश होने लगा है… सचमुच.

कई चैनलों के मालिक पूर्व केंद्रीय मंत्री मतंग सिंह सारधा घोटाले में अरेस्‍ट
https://bhadas4media.com/article-comment/3530-matang-arrest

Yashwant Singh : ऐसे-ऐसे पालतू जानवर जब न्यूज चैनलों का झंडा ढोएंगे तो डंडा आखिरकार कहीं तो घुसेगा गिरेगा पड़ेगा… कभी लोकतंत्र के पिछवाड़े तो कभी जनता-जनार्दन के कपार पर … कभी मीडिया के मस्तक पर तो कभी समाज के सिर पर… पापों का साइड इफेक्ट देर तक होता है… और, होता दिख भी रहा है… भ्रष्ट राजनीति ने नौकरशाही को भ्रष्ट किया, फिर मीडिया को अपने में मिलाया और अंत में न्यायपालिका को अपने चंगुल में ले लिया… चारों खंभे मिलकर महालुटेरा संप्रदाय में तब्दील हो चुका है.. ये संप्रदाय हर पल जनता के खून को जूंक की तरह पी रहा है और आपस में एक दूसरे को प्रोटेक्ट कर रहा है…

मंत्री के चरणों में बैठ गया आजतक एवं समाचार प्‍लस का स्ट्रिंगर!
https://bhadas4media.com/tv/3532-sit-on-minister-s-foot

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से.

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1500 करोड़ के चिटफंड घोटाले के मुख्य आरोपी कमल सिंह का सबसे खास एजेंट मिहिर मौलिक जेल गया

जादूगोड़ा : झारखंड के राजकॉम 1500 करोड़ के चिटफंड घोटाले के मुख्य आरोपी कमल सिंह के सबसे मुख्य एजेंट मिहिर मौलिक को जादूगोड़ा पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. इसके बाद निवेशकों मे भारी खुशी का माहौल है. अब निवेशक जल्द से जल्द कमल सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. मिहिर मौलिक पर जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के रहने वाले कुशों मुखी ने ठगी, जातिसूचक गालीगलोच करने, चेक बाउंस होने एवं नौकरी के नाम पर 15 लाख रुपया ठगी का आरोप लगाकर जादूगोड़ा थाना मे मामला दर्ज़ करवाया. इसके बाद कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी अरविंद प्रसाद यादव ने मिहिर मौलिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. उस पर चारसौबीसी एवं एसटीएससी समेत अन्य धाराओ में मामला दर्ज़ किया गया है.

कमल सिंह के सबसे विश्वस्त साथी एवं बड़े एजेंट यूसिल बाग्जाता में कार्यरत अधिकारी (सहायक अधीक्षक माइंस) मिहिर चंद्र मौलिक ने कमल के चिटफंड कंपनी में लगभग 200 करोड़ से अधिक का निवेश कराया था, जिसमें विदेशों से भी बड़ी मात्रा में पैसा का निवेश कराया गया था. कमल के भाग जाने के बाद मिहिर मौलिक भी जादूगोड़ा से फरार हो चुका था. मिहिर चंद्र मौलिक के ऊपर जादूगोड़ा थाना में कई लोगों ने धोखाधड़ी और ठगी का मामला दर्ज कराया. इसके बाद पुलिस द्वारा मिहिर मौलिक के गिरफ्तारी के लिए वारंट निकाला जा चुका था. मिहिर पर वारंट निकाले हुए लगभग 14 माह हो चुके हैं फिर भी वह गिरफ्तारी से दूर था. मिहिर के फ़रारी के बाद कई निवेशकों का कहना है कि मिहिर आराम से कोलकाता में रह रहा था और करोडो की लागत से मौलिक बाजार बना रखा है. मिहिर मौलिक कमल के हर राज से वाकिफ है और कमल के फ़रारी के बाद ज्यादातर एजेंट उन्ही के यहाँ शरण लिए हुए थे. पिछले 14 महीनो से फरार मिहिर मौलिक अचानक से तीन दिनों पहले जादूगोड़ा स्थित अपने क्वाटर पहुंचा था जहां उसके आने की खबर से निवेशक उसके घर जाकर पैसा वापसी की मांग को लेकर हंगामा कर रहे थे. ज्योतिका चक्रवर्ती के नेतृत्व में महिलाओं ने मिहिर के क्वाटर जाकर जबर्दस्त हंगामा किया. इधर मिहिर की गिरफ्तारी के बाद निवेशकों ने जल्द से जल्द मुख्य आरोपी कमल सिंह एवं दीपक सिंह की गिरफ्तारी की मांग की है.

जादूगोड़ा से संतोष अग्रवाल की रिपोर्ट.

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युवती को अश्लील ई-मेल भेजने वाला सम्पादक गिरफ्तार

लखनऊ से खबर है कि एक युवती को अश्लील ई-मेल भेजकर परेशान करने वाले एक पत्रिका के सम्पादक को वूमेन पावर लाइन-1090 व गोमतीनगर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित की हरकतों से परेशान युवती ने आत्महत्या करने का मन बना लिया था। गिरफ्तार आरोपित के कब्जे से सौ आईकार्ड, डेस्कटाप व स्पाईकैमरा बरामद हुआ। युवती को न्याय दिलाने वाली पुलिस टीम को आईजी नवनीत सिकेरा ने दस हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

पुलिस अधीक्षक (ट्रांसगोमती) दिनेश यादव ने बताया कि कुछ दिनों पहले एक युवती ने आईजी नवनीत सिकेरा को एसएमएस भेजकर शिकायत की थी कि उसे एक व्यक्ति ई-मेल पर अश्लील मैसेज कर परेशान कर रहा है। इस व्यक्ति ने उसकी नग्न तस्वीर भी पोस्ट की है। इसकी धरपकड़ का जिम्मा साइबर सेल को सौंपा गया। बाद में वूमेन पावर लाइन-1090 की टीम को लगाया गया। वूमेन पावर लाइन की टीम ने गोमतीनगर पुलिस की मदद से शनिवार को उक्त व्यक्ति को खोज निकला।

इस व्यक्ति ने फर्जी आईडी से मेल बना रखा है। उक्त व्यक्ति के 5/162 विजयखण्ड-गोमतीनगर स्थित आवास पर छापा मारकर दबोच लिया गया। पकड़े गये व्यक्ति ने अपना नाम अमित कुमार बताया। अमित के घर से सौ से अधिक प्रेस के आईकार्ड मिले, हाईडिस्क व स्पाई कैमरा मिला है। श्री यादव ने बताया कि अमित क्राइम इन्वेस्टीगेशन सर्विसेज आफ इण्डिया नाम से पत्रिका निकलता है। वह पत्रिका का सम्पादक है। इसके अतिरिक्त पेज थ्री नाम से अखबार भी निकालता है। पूछताछ में पता चला है कि युवती अमित के यहां नौकरी करती थी। इस बीच युवती की अमित के पार्टनर से दोस्ती हो गयी। यह बात अमित को नागवार लगने लगी। वह युवती को गलत नीयत से देखने लगा। इस पर युवती ने नौकरी छोड़ दी। इसके बाद अमित ने फर्जी मेल आईडी बनाकर उसे अश्लील मैसेज भेजकर परेशान कर रहा था।

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नौकरी का झांसा देकर लड़कियों का एमएमएस बनाने वाला संपादक गिरफ्तार

लखनऊ : नौकरी का झांसा देकर लड़कियों का एमएमएस बनाने वाले एक मासिक पत्रिका के संपादक को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है. ट्रांस गोमती के पुलिस अधीक्षक दिनेश यादव ने बताया कि गोमतीनगर में रहने वाली एक युवती ने अमित श्रीवास्तव नामक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ शिकायत की थी. उन्होंने बताया कि जांच में पता चला कि यह व्यक्ति एक मासिक पत्रिका का संपादक है.

लड़की आरोपी पत्रकार के पड़ोस में रहती है और कुछ दिन उसने उसके कार्यालय में काम भी किया था. बाद में लड़की की दोस्ती एक अन्य लड़के से हो गयी. इसके बाद अमित उसे अश्लील एसएमएस भेजने लगा. लडकी का आरोप है कि कथित पत्रकार पत्रिका में नौकरी देने का झांसा देकर कई युवतियों को अपना शिकार बना चुका है. युवतियों का एमएमएस भी यह बना लेता था. आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है. पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है.

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बाल यौन उत्पीड़न के मामले में मध्य प्रदेश का फोटो पत्रकार अजय साहू गिरफ्तार

राजगढ़ (म. प्र.) : राजगढ़ जिले की पचोर थाना पुलिस ने एक फोटो पत्रकार को बाल यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पुलिस ने यह अपराध एक नाबालिग बालक की शिकायत पर दर्ज किया था. यह मामला पचोर पुलिस थाना का है. पुलिस निरीक्षक सुनील शर्मा ने बताया कि 8 सितम्बर की रात्रि को रास्ते चलते समय अजय साहू, जो कि मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की पचोर इकाई का अध्यक्ष है,  ने एक नाबालिग बालक को जबरन एकांत में ले जाकर उसके साथ अश्लील हरकत की थी.

घटना की जानकारी जब परिजनों को मिली तब वे सक्रिय हुए और परिजनों ने पचोर थाना में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने लैंगिक उत्पीड़न से बच्चों के संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत आरोपी फोटो पत्रकार अजय साहू के खिलाफ मामला दर्ज किया था. उन्होंने बताया कि आरोपी अजय साहू घटना के बाद से ही फरार था. पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी. पुलिस ने कल उसे पचोर के बस स्टैंड से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

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