जासूसी के बाद मार दिए गए ये दो पत्रकार!

प्रकाश के रे-

पत्रकारों के फ़ोन हैक के खुलासे की दो सबसे भयावह बातें-

१- वाशिंगटन पोस्ट से जुड़े जमाल ख़शोगी के परिजनों के फ़ोन हैक हुए थे. अक्टूबर, २०१८ में उनकी हत्या तुर्की में सऊदी अरब दूतावास में हुई थी. सऊदी अरब और इज़रायल के आपसी संबंधों एक और भयानक उदाहरण.

२- मैक्सिको के पत्रकार सेसिलो बिर्तो का फ़ोन नंबर लीक्ड लिस्ट में है. मार्च, २०१७ को बिर्तो की हत्या हुई. उनका फ़ोन नहीं मिला.

पेगासस प्रोजेक्ट ख़ुलासे से फिर स्पष्ट हुआ कि सरकारों से अनैतिकता की कोई भी हद नहीं बचेगी. यह भी ध्यान रहे कि अमेरिकी सरकार द्वारा अपने और दूसरे देश के नागरिकों व नेताओं के डिजिटल सर्विलांस का पर्दाफ़ाश करनेवाले एडवर्ड स्नोडेन निर्वासित जीवन बिता रहे हैं और राष्ट्रपति ओबामा महान होकर प्रवचन दे रहे हैं और उनके साथी बाइडेन अब राष्ट्रपति हैं.

इसी तरह के कई ख़ुलासे करनेवाले जूलियन असांज बिना किसी मामले के ब्रिटेन की जेल में हैं. उनके ख़ुलासे से दाम व साख बनानेवाला मीडिया उन्हें भूल चुका है. वह मीडिया इज़रायल पर भी नरम रहता है, जो उनके पत्रकारों का पेगासस करता है.

यह भी हद है कि इज़रायल और पेगासस की क्लाइंट सरकारें बड़ी बेशर्मी से इस या इस तरह के अन्य ख़ुलासों का खंडन कर देती हैं. एक डरावने थ्रिलर की तरह सीरिज़ देखी जाए. आज तो भाग एक आया है. बिग ब्रदर इज़ वाचिंग अस ऑल!


विजय शंकर सिंह-

क्या यह काम भी इन सात सालों में सरकार ने किया है ?

इजरायल की मदद से अपने ही मंत्रियों, आरएसएस के वरिष्ठ नेताओं, सुप्रीम कोर्ट के जजों और कुछ पत्रकारों की फोन वार्ताएं टेप की हैं ?

भाजपा सांसद, सुब्रमण्यम स्वामी कहते हैं कि इस प्रकार का एक खुलासा वाशिंगटन पोस्ट, लंदन गार्जियन आज शाम करने वाले हैं।

स्वामी ने यह भी कहा है कि यदि ऐसा खुलासा हुआ तो, वे इसकी लिस्ट भी उजागर करेंगे।


विजय शुक्ला-

आज आशंका जताई जा रही है, पेगासस सॉफ्टवेयर द्वारा सरकार फोन टैपिंग करवा रही है। इस सॉफ्टवेयर पर 2 साल पहले की मेरी पोस्ट।

हैकिंग का खतरा आज के युग का सबसे बड़ा चैलेन्ज है. हैकिंग से थोड़ी सी शरारत से लेकर व्यक्ति की जान, माल , देश की सुरक्षा तक को भयंकर खतरा हो सकता है.

ताजा ताजा मार्केट में नया पेगासस आया है.पेगासस नाम ग्रीक माइथोलोजी में एक पंखों वाले दैवीय घोड़े का नाम है, जो पोसिडॉन नामक देवता की सन्तान है .

अगस्त २०१६ में पहली बार इस spyware ने अपना पहला टारगेट एक Human Right Activist को बनाने की कोशिश की थी.

पेगासस को इज़राइल की एक फर्म NSO Group द्वारा विकसित किया गया है.

पेगासस हैकर को फोन के कैमरे, माइक्रोफोन, फाइलों, फोटो और यहां तक कि एन्क्रिप्टेड संदेशों और ईमेल तक पहुंच की अनुमति देता है. पूरे फोन की हर चीज़. धड़ाम !

ये आपके फोन को किस तरह से लपेटता है? बहुत आसानी से. हैकर को आपके फोन को सिर्फ एक WhatsApp call ही करना होता है. खलास

आप कॉल रिसीव करो या न करो, आपकी मर्जी, पंखो वाले दैवीय अश्व महाराज आपके फोन में बैठकर आपके सभी मतलब सभी मेसेज, फोटो फलाना ढकाना सब अपने मालिक हैकर को बिना कोइ नागा किये समय समय पर भेजता रहेगा… उसके बाद आप गए बारह के भाव में. कितना आसान है न?

व्हाट्सएप ने एनएसओ ग्रुप पर मुकदमा दायर किया है , इनके पास पेगासस के मारे सभी लोगों के नाम भी हैं ,
अब व्हाट्सएप और एक डिजिटल सिक्योरिटी फर्म सिटिजन लैब उन लोगों को अलर्ट मैसेज भेज रही है जो प्रभावित हुए हैं.

आपको अलर्ट मेसेज नही आया , मतलब आप अभी तक बचे हो.

इससे भी बुरी बात यह है कि इस स्पायवेयर से छुटकारा पाने का कोई तरीका नहीं है ,यहां तक कि Factory_reset से भी काम नहीं चलेगा. फॉर्मेट सोर्मेत कुछ नाही…
साला इ तो एड्स जैसा हो गया…

बस अपने प्यारे फोन को आखिरी बार चूम लो और तोड़ ताड़ के फेंक दो…

अब समझ में आया ही होगा कई दिग्गज नेताओं को इस लोकसभा में टिकट क्यूँ नहीं मिला, और कईयों को केबिनेट में जगह भी नहीं ???

कई विपक्षी दिग्गज बिलों में घुसे पड़े हैं….होंठो पर फेविक्विक लगाकर….

आया होगा WhatsApp Call…

गब्बर ने समय के साथ साथ खुद को अपडेट कर लिया है, दोस्तों दुश्मनों पर नजर रखने के लिए पंखों वाला घोड़ा ले लिया….

बस इतना सुकून है कि आपकी बीवी या पति इसे नहीं ले पाएंगे क्योंकि इसकी कीमत मिलियन डॉलर्स में है।

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