पत्रकार पूजा तिवारी की मौत के लिए हरियाणा पुलिस का इंस्पेक्टर अमित वशिष्ठ जिम्मेदार!

पूजा की मौत न तो स्वाभाविक है और न ही आत्महत्या है

फरीदाबाद में पत्रकार पूजा तिवारी की छत से गिरकर मौत हो गई. ज़ी मीडिया के डिजिटल प्लेटफार्म डीएनए के लिए काम कर चुकी पूजा की मौत के वक्त दो सबसे करीबी साथी वहीं मौजूद थे. उनमें से एक साथी को ही इस मौत की वजह माना जा रहा है. मौत से महज कुछ मिनट पहले का एक ऑडियो बताता है कि पूजा की मौत न तो आत्महत्या है न ही स्वाभाविक है. हरियाणा पुलिस तमाम सबूतों के बावजूद इसे आत्महत्या का मामला बता रही है. शायद इसलिए क्योंकि इस हादसे से जुड़ा मुख्य संदिग्ध हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर है.

पूजा अपने दोस्त अमित वशिष्ठ और अमरीन ख़ान के साथ सेक्टर 46 स्थित सदभावना अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 509 में मौजूद थी. उन्होंने शराब पी रखी थी. इस दौरान अमित और पूजा के बीच हुई मामूली कहासुनी के बाद पूजा ने पांचवीं मंज़िल से छलांग लगा दी. फरीदाबाद पुलिस इसे ख़ुदकुशी मान कर जांच आगे बढ़ा रही है. पूजा के सामने आत्महत्या की मजबूरी नहीं था बल्कि इसकी परिस्थितियां उनके ब्वॉयफ्रेंड अमित वशिष्ठ ने पैदा कर दीं! सात मिनट की एक ऑडियो रिक़ॉर्डिंग से पता चलता है कि पूजा के सामने आत्महत्या की मजबूरी नहीं था बल्कि इसकी परिस्थितियां उनके ब्वॉयफ्रेंड अमित वशिष्ठ ने पैदा कर दीं. मतलब कि पूजा को ख़ुदकुशी के लिए उकसाया गया है. पूजा और हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर अमित वशिष्ठ के बीच गहरे संबंध थे. दोनों के बीच अक्सर मारपीट भी होती थी. ख़ुदकुशी से ठीक पहले भी ऐसा ही हुआ था.

मौत से ठीक पहले अमित जानना चाहता था कि पूजा उसके एक अन्य मित्र के यहां अकेले गई थी या नहीं. इसी बहस और गरमागरमी के बाद पूजा गिरकर मर जाती है. पूजा और अमित के बीच संबंध थे लेकिन अमित को पूजा पर भरोसा नहीं था. उसे लगता था कि पूजा के संबंध उसके अन्य दोस्तों से भी हैं. ऑडियों में दर्ज बातचीत से यह बात स्पष्ट हो जाती है. पुलिस की भूमिका भी संदेहास्पद है. मौकाए वारदात पर मौजूद होने के बाद भी पुलिस ने अमित से न तो बातचीत की न ही उसका बयान दर्ज किया. शायद इसकी वजह यह है कि अमित खुद हरियाणा पुलिस में इंसपेक्टर है. इंस्पेक्टर अमित वशिष्ठ को फरीदाबाद पुलिस जांच के दायरे में नहीं लाई है. आईओ ओमप्रकाश ने न तो अमित से कोई पूछताछ की है और ना ही उनका बयान लिया है.

जांच अधिकारी ओमप्रकाश के मुताबिक इसी महीने पूजा तिवारी समेत दो पत्रकारों पर ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी का एक एफआईआर दर्ज हुआ था. पूजा और उनके एक पत्रकार दोस्त अनुज मिश्रा पर इसी साल मार्च महीने में एक स्टिंग करके एक डॉक्टर अर्चना गोयल से दो लाख रुपए उगाही करने का आरोप लगा था. रुपए नहीं देने पर डॉक्टर अर्चना के खिलाफ एक खबर स्थानीय वेबसाइट पर पब्लिश की गई थी. इससे नाराज़ डॉक्टर अर्चना ने फरीदाबाद के सीपी हनीफ कुरैशी से शिकायत कर दी थी. हनीफ कुरैशी के आदेश पर फरीदाबाद के सेंट्रल थाना पुलिस ने अप्रैल में धारा 384, 420 और आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की थी. डॉक्टर अर्चना फरीदाबाद के सेक्टर-17 में नर्सिंग होम चलाती हैं. उनके पति डॉक्टर अनिल गोयल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के चीफ रह चुके हैं.

इस केस की तफ्तीश कर रही पुलिस ने पूजा तिवारी और उनके सहयोगी पत्रकार की कंपनियों को नोटिस भेजा था लेकिन दोनों ही मीडिया हाऊस ने इन्हें अपना पत्रकार मानने से इनकार कर दिया. शायद इस वजह से भी पूजा तनाव में थी. निजी जीवन में चल रही उथल-पुथल और पुलिस केस की वजह से वह गहरे अवसाद में थी. आईओ ओमप्रकाश ने बताया कि इन सबसे उबरने के लिए उन्होंने इंदौर से अपनी पत्रकार दोस्त अमरीन ख़ान को फरीदाबाद बुलाया था. अमरीन 22 अप्रैल को इंदौर से फरीदाबाद पहुंचीं थीं. तभी से वो पूजा के साथ रह रही थीं. अमरीन इस ख़ुदकुशी की चश्मदीद हैं. उन्होंने अपने बयान में कहा है कि पूजा ने उनके सामने ही छलांग लगाई थी. मौके पर उनके दोस्त अमित वशिष्ठ भी मौजूद थे. इसके बावजूद पुलिस ने उनका बयान नहीं लिया.

मध्य प्रदेश इंदौर की पत्रकार पूजा तिवारी एक अंग्रेजी वेब पोर्टल की रिपोर्टर थीं. पूजा के पिता रवि तिवारी की शिकायत पर सूरजकुंड पुलिस ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व चीफ डॉ. अनिल गोयल, उनकी पत्नी अर्चना गोयल और एक अन्य डॉक्टर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है. पूजा और उनके पत्रकार दोस्त अनुज मिश्रा ने मार्च में भ्रूण हत्या मामले का एक स्टिंग ऑपरेशन किया था. इस दौरान डॉ. अर्चना ने उन पर दो लाख रुपए उगाही करने का आरोप लगाया था. पूजा ने इसे झूठा बताया था. फरीदाबाद की सेंट्रल थाना पुलिस ने अप्रैल में धारा 384, 420 और आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की थी. डॉ. अर्चना फरीदाबाद के सेक्टर-17 में नर्सिंग होम चलाती हैं.

इंदौर के सुदामा नगर के रहने वाले रवि तिवारी की 27 वर्षीय बेटी पूजा तिवारी एक इंग्लिश वेब पोर्टल में रिपोर्टर थी. करीब 20 दिन पहले वह सेक्टर-46 स्थित सद्भावना अपार्टमेंट में किराए के फ्लैट नंबर-509 में रहने के लिए आई थी. फ्लैट में पूजा तिवारी के फैमिली फ्रेंड इंस्पेक्टर अमित भी रहा करते थे. वे रविवार रात 11 बजे पुलिस लाइन सेक्टर-30 से फ्लैट पर पहुंचे थे. टेंशन से उबरने के लिए पूजा ने इंदौर से अपनी पत्रकार दोस्त अमरीन को फरीदाबाद बुलाया था. अमरीन 22 अप्रैल को इंदौर से फरीदाबाद पहुंची थीं.

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