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सियासत

टाटा समूह की बर्बादी को लेकर राहुल गांधी का मोदी-शाह पर तीखा हमला!

मुकेश कुमार-

राहुल गाँधी ने मोदी-शाह पर बहुत ही गंभीर आरोप लगाया है, बल्कि मोदी सरकार पर सीधा हमला किया है। उन्होंने कहा है कि मोदी शाह टाटा को क्रिमिनली बर्बाद कर रहे हैं? उन्होंने ये भी कहा है कि उद्योग जगत मोदी-शाह का खिलौना नहीं है।

राहुल गाँधी ने बिज़नेस लीडर्स से सीधा सवाल किया है कि वे कब तक चुप रहेंगे— क्या तब तक जब तक कि “वे” यानी मोदी शाह उन्हें अपने कब्जे में नहीं ले लेंगे….उन्होंने ये भी कहा कि आपके पास साहस नहीं है, लेकिन हमारे पास है। हम इन अपराधों के लिए न्याय सुनिश्चित करेंगे।”

दरअसल, टाटा समूह के अंदर लीडरशिप और कार्पोरेट गवर्नेंस को लेकर घमासान चल रहा है और माना जा रहा है कि इसके पीछे मोदी सरकार का हाथ है।

एन चंद्रशेखरन टाटा संस के एक्जीक्यूटिव चेयरमैन हैं। उनकी मौजूदा टर्म फरवरी 2027 में खत्म हो रही थी। अगस्त 2026 में उन्होंने खुद कहा कि वे फिर से पद नहीं संभालेंगे क्योंकि बोर्ड में सर्वसम्मति नहीं बन पा रही थी खासकर नोएल टाटा के विरोध के कारण। लेकिन अचानक 17 सितंबर 2026 को टाटा संस बोर्ड ने 4-1 बहुमत से उन्हें अगले 5 साल के लिए फिर से नियुक्त कर दिया। नोएल टाटा ने विरोध में वोट दिया।

नोएल टाटा टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन हैं और टाटा संस में उनकी लगभग 66% हिस्सेदारी है। उन्होंने इस फैसले को अवैध बताया है और कंपनी सेक्रेटरी को पत्र लिखकर कहा कि 17 सितंबर की मीटिंग के एजेंडा में चंद्रशेखरन की पुनः नियुक्ति था ही नहीं। उन्होंने कई और आपत्तियाँ भी जताई हैं।

दरअसल, विवाद के केंद्र में लिस्टिंग का मुद्दा है। रिज़र्व बैंक पीछे पड़ा है कि टाटा लिस्टिंग करवाए। माना जाता है कि रिजर्व बैंक के इस रुख़ के पीछे मोदी सरकार का इशारा है। इसके अलावा, चंद्रशेखरन सरकार के आदमी माने जाते हैं या मोदी-शाह उनका समर्थन कर रहे हैं, जिससे नोएल टाटा अलग-थलग पड़ रहे हैं।

नोएल टाटा टाटा ग्रुप के मॉडल को बरक़रार रखना चाहते हैं इसलिए लिस्टिंग नहीं करवाना चाहते। ज़ाहिर है उनके मन में संदेह हैं कि लिस्टिंग के बाद बड़ा खेल शुरू हो जाएगा। बड़ा खेल यानी टाटा ग्रुप पर कब्ज़े का खेल और ये कब्ज़ा किसी और का नहीं अडानी का होगा।


टाटा को सुनियोजित तरीक़े से बर्बाद किया जा रहा है और उद्योग जगत में कोई हिम्मत नहीं कर पा रहा बोलने की।
-ज्योति तनेजा भसीन


राहुल गांधी का मूल ट्वीट पढ़ें…

टाटा समूह को आपराधिक तरीके से बर्बाद किया जा रहा है और कोई भी कारोबारी नेता इसके खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। आप आखिर कब तक चुप रहेंगे? तब तक, जब तक वे आपको भी अपने कब्जे में नहीं ले लेते?

भारतीय कारोबार मोदी और शाह की निजी जागीर नहीं है। आपमें साहस की कमी है, हममें नहीं। हम इन अपराधों के लिए न्याय सुनिश्चित करके रहेंगे।

Screenshot of Rahul Gandhi's tweet accusing Tata of crimes and urging justice, with bold questions about silence and courage; timestamp 9:25 AM, Oct 28, 2026 and 5.2M views.
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