
फर्स्ट इंडिया न्यूज और भारत24 ग्रुप के एडिटर इन चीफ और सीईओ डॉ जगदीश चंद्रा ने ईटीवी समूह के चीफ रामोजी राव के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया. उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा, रामोजी राव के निधन से आज पूरा राष्ट्र दुखी है. पूरे तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में शोक की लहर है. वो एक सच्चे पत्रकार थे. उन्होंने खबर को लेकर कभी समझौता नहीं किया. उनका एक ही मूलमंत्र था निष्पक्ष और स्वतंत्र खबर ही जीवन है. उनकी अंतिम लड़ाई जगन सरकार से थी. जिसका अभी कुछ ही दिन पहले पतन हुआ है. संयोग से तीन चार दिन पहले मेरी उनसे फोन पर बात हुई थी. वे इस बात से खुश थे कि इस बार हैदराबाद में प्रगतिशील चंद्रबाबू नायडू की सरकार आ रही है. वे उन्हें प्यार से बाबू कहते थे. एक बात का हमेशा खेद रहेगा की बाबू के शपथ से पहले ही हम सबको छोड़कर चले गए. आज रामोजी राव हमारे बीच नहीं हैं.
डॉ चंद्र ने फर्स्ट इंडिया और भारत24 परिवार की तरफ से रामोजी राव को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की…. देखें यह वीडियो
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केपी मलिक-
देश के सबसे बडे प्रादेशिक मीडिया ईटीवी समूह के चेयरमैन रामोजी राव साहब का निधन। मीडिया जगत के ऐसे निडर संपादक जिन्होंने बिना किसी समझौते, बिना सत्ताधारी राजनीतिक दलों के दबाव के बेखौफ होकर खबरें दिखाई हजारों को पत्रकार बनाया और लाखों को रोजगार दिया।
दरअसल आज़ देश ने असली देशी मीडिया मुग़ल खो दिया। आज़ देश के मीडिया घरानों को उनके मूल्यों को समझने की आवश्यकता है क्योंकि केवल सत्ता की राग दरबारी नहीं होनी चाहिए अपितु जनता के हितों को भी मीडिया में जगह मिलनी चाहिए। यही उनका विजन था। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति और परिवार को सबल प्रदान करे। विनम्र श्रद्धांजलि!
वर्षा सिंह-
रामोजी राव सर आपको नमन, आप हमेशा यादों में रहेंगे…!
ईटीवी समूह के चेयरमैन, एक विजनरी और अनुशासित इंसान, निडर संपादक, महान व्यक्तित्व के धनी रामोजी राव आज दुनिया से रूखसत हो गए, ना जाने कितने सैकड़ों-हजारों लोगों के परिवार इस व्यक्ति ने चलाए हैं….अपने करियर के शुरूआती दिनों में आज नोएडा में स्थापित हो चुके कितने ही चेहरों को पहला मौका दिया, कितने ही दिग्गजों के पत्रकारिका की नर्सरी रामोजी फिल्म सिटी रही जहां ये शख्स उनका पहला मार्गदर्शक रहा।
मुझे भी पत्रकारिता करते ही हैदराबाद जाने का मौका मिला जहां रामोजी राव के सेटअप में शुरूआत में सीखने की शुरूआत हुई, एक डायनेमिक टीम, कई शानदार लोगों के साथ काम करने का मौका मिला, मेरी भी कॉलेज के बाद रामोजी फिल्म सिटी प्रैक्टिकल तौर पर सीखने की पहली लाइव स्कूल रही। आज रामोजी से निकले कितने ही चेहरे मीडिया में बड़े नाम है, रामोजी ने कितने सालों पहले हैदराबाद में रहकर ही मीडिया का एक भव्य सेटअप खड़ा कर दिया और उनकी ही पौध आज नोएडा में फैली है। ऐसी महान शख्सियत को सादन नमन।
सत्य विजय सिंह-
मुझे और मुझ जैसे हजारों पत्रकारिता के छात्रों को पहला रोजगार और पत्रकारिता की हर विधा सिखाने वाले रामोजी राव के निधन से अकल्पनीय दुख हुआ। नमन।
अरविंद चोटिया-
रामोजी फिल्म सिटी के संस्थापक रामोजी राव का 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। 87 बरस के रामोजी राव का हैदराबाद के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। रामोजी राव टीवी पत्रकारिता को स्थानीय स्तर पर ले गए और पूरा सिस्टम ही बदल दिया। हर छोटी-बड़ी घटनाओं और हर छोटे-बड़े नेता को टीवी चैनल पर अपनी बात रखने, अपना चेहरा दिखाने का अवसर उन्होंने ही दिया। छोटे-छोटे कस्बों में टीवी पत्रकार भी उन्होंने ही बनाए। यह उन दिनों की बात है जब छोटे जिला मुख्यालयों तक मोबाइल फोन की पहुंच भी नहीं थी तब रामोजी राव ने वहां टीवी पत्रकार नियुक्त कर दिए थे। 2003 में मेरा चयन भी रामोजी राव के ईटीवी में बतौर संवाददाता हुआ था लेकिन 6 महीने के लिए हैदराबाद में रहकर ट्रेनिंग लेने की बाध्यता आड़े आ गई क्योंकि तब पारिवारिक परिस्थितियां इसकी इजाजत नहीं दे रही थी। खैर, मेरे जैसे सैकड़ों युवाओं को उन दिनों टीवी पर आने का मौका मिला और उनमें से ही अनेक आज टीवी पर बड़े चेहरे हैं। कुल मिलाकर रामोजी राव क्षेत्रीय टीवी पत्रकारिता के ट्रेंड सेटर रहे।
ईश्वर उन्हें सद्गति प्रदान करे। ओम शांति।


