मजीठिया वेज बोर्ड : डीएनए, मुंबई में लागू होते ही कर्मी डिमोट हो गए और सेलरी घट गई!

खबर है कि डीएनए अंग्रेजी अखबार मुंबई में मजीठिया वेज बोर्ड का इंप्लीमेंटेशन वर्ष 2010 के डिजीगनेशन के हिसाब से किया गया है. उस वक्त जो जिस पद पर था, उस पद के हिसाब से मिल रही सेलरी के आधार पर मजीठिया वेज बोर्ड के मुताबिक नई सेलरी फिक्स की गई है. इस कारण ज्यादातर लोग एक तो डिमोट हो गए और वर्तमान में मिल रही सेलरी से कम सेलरी पाने लगे हैं. अदभुत है यह पत्रकारों का वेज बोर्ड भी.

जिस मजीठिया वेज बोर्ड के लागू होने से पत्रकारों को लंबा चौड़ा पैसा मिलने की खुशी होने लगी थी लेकिन जब इसे मालिकों ने अपने शातिर बनिया दिमाग के हिसाब से लागू किया तो पत्रकारों व गैर पत्रकारों की खुशियां काफूर हो गई और सेलरी बढ़ने की जगह कम हो गई. डीएनए, मुंबई का प्रबंधन पत्रकारों से वेज बोर्ड के हिसाब से सेलरी मिलने का लेटर लेने के लिए दबाव डाल रहा है. प्रबंधन का दावा है कि उसने बिलकुल सही हिसाब से वेज बोर्ड दिया है, किसी भी वकील से चेक करवा लो, कोई गड़बड़ नहीं है.



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