जिस पत्रकार का नाम लेकर सुसाइड करने की कोशिश की, उसने भड़ास को भेजा अपना पक्ष, पढ़ें

सेवा में,
आदरणीय यशवंत जी

भड़ास 4 मीडिया

यशवंत जी आपने जो भी खबर भड़ास 4 मीडिया पर प्रसारित की है और आपने खबर में पत्रकारों को दलाल तक कह दिया, कम से कम आप तस्दीक तो कर लेते की आखिर सही क्या है और गलत क्या है. मैं पूरी घटना आपको लिख कर दे रहा हूं. आप तस्दीक कर लीजिये. कानपुर देहात के किसी भी अधिकारी और पत्रकार से पूछ सकते हैं. सबके नंबर भेज रहा हूं. आप बात करिये संबंधित इंस्पेक्टर से, सीओ से, डीएम से. आपको तब एहसास होगा कि आपने जो खबर प्रकाशित किया है, वह एकपक्षीय है. इससे मेरी ही नहीं बल्कि कानपुर देहात ज़िले के सभी पत्रकार आहत हुए हैं. कृपया सच लिखिए.

कानपुर देहात में कुछ अराजक तत्व पत्रकारिता को बदनाम करने और ईमानदार साफ छवि वाले पत्रकारों को फंसाकर अपना वर्चस्व बनाना चाहते हैं. इसी के तहत कथित पत्रकार हिमांशु शर्मा, दीपक सिंह चौहान, ओर दीपक मित्तल लगातार षड्यंत्र रच रहे हैं. इसी क्रम में कथित पत्रकार हिमांशु शर्मा को षड्यंत्र के तहत नशीला पदार्थ खिला कर ज़िला अस्पताल में भर्ती कराया गया और सोशल मीडिया में वायरल कर दिया गया कि पत्रकार हिमांशु शर्मा ने दबंगों से त्रस्त होकर आत्महत्या का प्रयास कियाय. लेकिन यह ज़िक्र नहीं किया गया कि किस तरह से हिमांशु शर्मा को प्रताड़ित किया जा रहा है. बस प्रताड़ित से आत्महत्या करने की तहरीर देकर जनपद कानपुर देहात के प्रतिष्ठित चैनेल के पत्रकारों पर मुकदमा लिखाने का दबाव बनाया गया. कोशिश ये रही कि बिना किसी साक्ष्य बिना किसी सबूत के बस मुकदमा लिख जाए.

अब जरा नशीला पदार्थ खाने वाले पत्रकार हिमांशु शर्मा की आत्मकथा भी सुन लीजिए. दरअसल हिमांशु के पिता संतोष शर्मा पोस्टमार्टम हाउस में प्राइवेट कर्मचारी हैं. इनका काम रात में आने वाली लाशों को ताला खोल कर कमरे में रखना है. हिमांशु अपनी दबंगई के दम पर सरकारी अस्पताल की 2 कालोनी कब्ज़ा कर रह रहा है. जो अस्पताल में तैनात कर्मचारी हैं, वो दूर दराज किराए पर कमरा लेकर रह रहे हैं. इसकी शिकायत उन लोगों ने पत्रकारों से की. पत्रकारों ने उनकी समस्या को सीएमओ हीरा सिंह से अवगत कराया. लिहाज़ा सीएमओ साहब ने कालोनी खाली करने का नोटिस हिमांशु को थमा दिया. कालोनी खाली होने की नौबत आने से गुस्साए हिमांशु शर्मा ने जहर खा कर आत्महत्या का षड्यंत्र रच कर पत्रकारों को फ़ंसाने का प्रयास किया.

हिमांशु की दबंगई का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि महज कुछ दिन पहले अकबरपुर कोतवाली की रानिया चौकी में लगभग 100 पुलिस कर्मियों, अकबरपुर कोतवाल ऋषिकांत शुक्ला और सीओ अकबरपुर अर्पित कपूर के सामने हिमांशु ने एक रीजनल चैनल के पत्रकार मोहित कश्यप को मारा पीटा था. इसका मुकदमा अकबरपुर कोतवाली में दर्ज है. उसमें चार्जशीट भी लग चुकी है.

अब जरा इस षड्यंत्र के मास्टर माइंड के बारे में भी आपको बताते हैं. एक रीजनल चैनल के रिपोर्टर हैं दीपक सिंह चौहान. इन पर अकबपुर के अनन्तराज अस्पताल के मालिक ने एक्सटॉर्शन का मुकदमा दर्ज कराया है. हाल ही में दीपक सिंह चौहान ने अकबरपुर कोतवाली के जौनपुर के एक रेस्टोरेंट में सरेआम गोली चला दी जिसको लेकर इन पर 307 का मुकदमा दर्ज है. चार्जशीट भी लग चुकी है. बावजूद इसके आज तक इनकी गिरफ्तारी नहीं हुई.

इनके साथी हैं दीपक मित्तल जो देश की सबसे बड़ी न्यूज़ एजेंसी ANI की माइक आईडी लेकर घूमते हैं. कभी कभी खुद को एनडीटीवी का रिपोर्टर भी बताते हैं. ये किसी भी चैनेल में रिपोर्टर नहीं हैं. इस बात की तस्दीक की जा सकती है. इन पर भी एक्सटॉर्शन का मुकदमा राजपुर थाने में दर्ज है.

इस मामले में जनपद के किसी भी अधिकारी से बात की जा सकती है. वो खुद सत्यता बयान कर देगा. इनका मकसद सिर्फ इतना है कि इन लोगों का वर्चस्व बना रहे. लोग इनसे डरें. ये सही करें या गलत, कोई इनका विरोध नहीं करे. यशवंत जी आपसे निवेदन है कि इस लेख को इस तरह प्रसारित करिये कि कम से कम कानपुर देहात ज़िले में जो निष्पक्षता से पत्रकारिता कर रहे हैं, उन पर इन जैसे दबंग लोग हावी ना हो सकें. आप तस्दीक कर लें. जिसका भी आप नम्बर कहेंगे, मैं मुहैय्या करा दूंगा.

धन्यवाद

सलीम सिद्दीकी
न्यूज़ 1 इंडिया
9453960007
samacharplus.ramabainagar@gmail.com


मूल खबर-

दलाल पत्रकारों के उत्पीड़न से दुखी टीवी पत्रकार ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की

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