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उत्तराखंड

जब तक बाकी पत्रकार आंदोलन करते, पीड़ित पत्रकार समझौता कर चुका था!

Uttarkashi (Uttarakhand) : देश का सीमान्‍त जिला रविवार सुबह पत्रकार की पिटाई की घटना से सहम गया। स्‍टोन क्रशर में काम करने वाले कर्मचारियों के हाथों पिटने वाले पत्रकार के समर्थन में उत्‍तरकाशी के सारे पत्रकार जुटने लगे थे। उम्‍मीद थी कि नियम कायदों को ताक पर रखकर चल रहे स्‍टोन क्रशर को बंद कराया जाएगा। इसके के लिये पत्रकार एकत्र होने लगे थे। लेकिन शाम को पता चलता है कि पिटने वाले पत्रकार ने स्‍टोन क्रशर के संचालक और कर्मियों से समझौता कर लिया। 

Uttarkashi (Uttarakhand) : देश का सीमान्‍त जिला रविवार सुबह पत्रकार की पिटाई की घटना से सहम गया। स्‍टोन क्रशर में काम करने वाले कर्मचारियों के हाथों पिटने वाले पत्रकार के समर्थन में उत्‍तरकाशी के सारे पत्रकार जुटने लगे थे। उम्‍मीद थी कि नियम कायदों को ताक पर रखकर चल रहे स्‍टोन क्रशर को बंद कराया जाएगा। इसके के लिये पत्रकार एकत्र होने लगे थे। लेकिन शाम को पता चलता है कि पिटने वाले पत्रकार ने स्‍टोन क्रशर के संचालक और कर्मियों से समझौता कर लिया। 

उत्‍तरकाशी के थाती गांव के समीप ही तमाम नियम कायदों को ताक पर रखकर एक स्‍टोन क्रशर संचालित हो रहा है। यूं तो आबादी के समीप स्‍टोन क्रशर का संचालन अवैध है लेकिन कांग्रेस से ताल्‍लुक रखने वाले और डुंडा के ब्‍लॉक प्रमुख कनक पाल परमार ने कांग्रेस सरकार के दौर में इस स्‍टोन क्रशर की अनुमति ले ली। पिटने वाला पत्रकार बलवीर सिंह परमार यूं तो स्‍टोन क्रशर के मालिक का ही रिश्‍तेदार है। एक ही गांव के दोनों निवासी है। यहां तक कि बलबीर परमार कांग्रेसी नेता व प्रमुख कनक पाल परमार के मीडिया सलाहकार भी हैं। मुद्दे पर लौटें तो बलवीर परमार की पिटाई महज ड्रामे के सिवाय कुछ नजर नहीं आता है।

बलबीर परमार उत्‍तरकाशी में फिलहाल न्‍यूज नेशन की आईडी थामे हुये हैं। बीते साल तक इस बलबीर परमार के पास आधा दर्जन न्‍यूज चैनलों की आईडी थी। बलबीर परमार की स्‍टोन क्रशर संचालकों के हाथों पिटाई किसी के गले नहीं उतर रही है। स्‍टोन क्रशर का संचालक कनक पाल परमार बलबीर का चाचा है। पिटाई के बाद बलबीर परमार की ओर से हरियाणा के दो युवकों पर मारपीट का आरोप लगाया लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। सोमवार सुबह जब यह मामला प्रकाश में आया तो सभी पत्रकार बलवीर परमार की पिटाई से तिलमिला उठे थे। विरोध प्रदर्शन की तैयारी चल ही रही थी कि पता चला पीटने वाले बलबीर परमार ने बैक डोर से समझौता कर लिया।

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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1 Comment

1 Comment

  1. Kanakpal parmar

    June 22, 2016 at 4:44 pm

    M is ghtna ki ninda krta hu. Balbir mera chota beta jaisa h. Uska sara khayal me rkhta hu uspar mene hmala nhi karwaya. Ye patrkar sale haramkhor mera naam dal rhe h

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