मोदी भ्रष्टाचार मिटा रहे हैं या भ्रष्टाचारियों को बढ़ावा दे रहे हैं… जानिए संजीव चतुर्वेदी प्रकरण

Abhishek Parashar : मोदी भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए किस कदर प्रतिबद्ध है, उसका एक बेहतरीन नमूना एम्स के चीफ विजिलेंस ऑफिसर संजीव चतुर्वेदी को तत्काल प्रभार से हटाया जाना है. संजीव चतुर्वेदी का प्रोफाइल कुछ इस तरह बनता है. सिक्योरिटी गार्ड्स की हायरिंग में करोड़ों रुपये के घोटाले का पर्दाफाश किया. फिलहाल इस मामले में एडिशनल सेक्रेटरी और डिप्टी डायरेक्टर समेत एम्स के कई कर्मचारियों के खिलाफ सीबीआई जांच कर रही है और इनके खिलाफ चार्जशीट भी फाइल की जा चुकी है.

 

चतुर्वेदी के पद पर रहते एम्स के विजिलेंस विभाग ने ट्रॉमा सेंटर में कई करोड़ के रैकेट का पर्दाफाश किया. अहम बात यह थी कि इस रैकेट में एम्स के ही स्टाफ शामिल थे. स्टोर ऑफिसर टीआर महाजन ने नियमों को धता बताकर कीटाणुनाशक और फॉगिंग से जुड़ी सामग्रियां ऐसी कंपनी से खरीदी जिसके मालिक उनके बेटे और बहू थे। सच सामने आने के बाद महाजन पर निलंबन की कार्रवाई की गई.

एडवरटाइजिंग के मामले में पैसा बनाने के मामले में एम्स के एक्स डायरेक्टर के खिलाफ चार्जशीट. अवैध नियुक्ति करने के मामले में एम्स के चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर के खिलाफ कार्रवाई. अवैध विदेश यात्रा करने के मामले में एम्स के फैकल्टी मेंबर के खिलाफ कार्रवाई. कुल मिलाकर चतुर्वेदी यौन उत्पीड़न, जाली सर्टिफिकेट, नकली प्रॉपर्टी सर्टिफिकेट, सिंगर टेंडर पर्चेजिंग और सरकारी संपति के बेजा इस्तेमाल से जुड़े कम से 20 मामलों की जांच कर रहे थे.

एक दूसरे और अहम मामले में मुकेश अंबानी और वीरप्पा मोइली के खिलाफ गैस प्राइसिंग की फिक्सिंग मामले में केंद्र सरकार नोटिफिकेशन जारी कर एंटी करप्शन ब्यूरो से जांच का अधिकार छीन चुकी है. आम आदमी पार्टी की सरकार ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी. बहरहाल जिन लोगों के खिलाफ जांच चल रही थी, उनका सरकार और उसके मंत्रियों से क्या संबंध हो सकता है, यह जांच का विषय बनता है. भ्रष्ट माने जाने वाली यूपीए सरकार ने बीजेपी के महासचिव जेपी नड्डा के उस पत्र को कूड़ेदान में डाल दिया था जिसमें उन्होंने चतुर्वेदी की नियुक्ति पर ऐतराज जताया था. लेकिन यह काम मोदी सरकार ने कर दिखाया.

पत्रकार अभिषेक पराशर के फेसबुक वॉल से.



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Comments on “मोदी भ्रष्टाचार मिटा रहे हैं या भ्रष्टाचारियों को बढ़ावा दे रहे हैं… जानिए संजीव चतुर्वेदी प्रकरण

  • इंसान says:

    तुमने बताया नहीं कि चतुर्वेदी अभी भी एम्स के उप सचिव के पद पर कार्यरत हैं। तनिक उनसे पूछो कि क्या उप सचिव होने के नाते वे भ्रष्टाचार को नहीं रोक पाएंगे? सदियों में भारत देश की पहली राष्ट्रीय सरकार को क्यों कोसने बैठ गए हो? कोई अच्छी बात लिखो।

    एक प्रश्न मेरे मन में आता है कि यदि किसी का अपनी युवा बीवी से बोलचाल बंद हो जाए तो भला क्या वह अपने पड़ोसी युवक द्वारा बीवी को संदेश भेजेगा? पड़ोसी को पति पत्नी के बीच मन मुटाव से लाभान्वित होने में कोई कौन रोकेगा? वह पड़ोसी फेसबुक है और उन्हें राष्ट्रद्रोहियों से…?

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