अंगोला से शव भेजने के लिए कम्पनी ने परिजनों से मांगे 16 लाख रुपए

देवरिया (उत्तर प्रदेश) : क्या जमाना आ गया है। गए थे अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिए विदेश कमाने। लेकिन एक दुर्घटना में मौत हो जाने के जब मृतक के परिवार वालों ने कम्पनी से शव भेजने की मांग की तो कम्पनी वालों ने बजाय कोई मदद या सहायता करने के, उल्टे शव भेजने के लिए विमान किराए के रूप में 16 लाख रूपए की मांग कर दी है। इससे मृतक के परिवार में हाहाकार मच गया है।

जिलाधिकारी कहते हैं कि मामला चूंकि विदेश का है इसलिए विदेश मंत्रालय ही इस मामले में कुछ कर सकता है। दक्षिण अफ्रीका के अंगोला गणराज्य की राजधानी लुआण्डा में स्थित एक कम्पनी में काम करते समय आग से झुलस कर मरने वाले कर्मचारी के शव को भारत भेजने के लिए कम्पनी ने मृतक के घर वालों से 25 हजार अमेरिकन डालर अर्थात 16 लाख भारतीय रूपए की मांग की है। इस सम्बन्ध में मृतक के परिजनों ने भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं जिला अधिकारी देवरिया सहित दक्षिण अफ्रीका के अंगोला गणराज्य के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री एवं अनेक अन्य जिम्मेदार लोगों को पत्र भेजकर उचित कार्यवाही की मांग की है।

इस मामले में मृत कर्मचारी सूर्य देव यादव पुत्र रामवृक्ष यादव निवासी ग्राम हरनही, थाना मदनपुर, पेास्ट बरांव, तहसील बरहज व जिला देवरिया के पुत्र जनार्दन यादव ने बताया कि उसके पिता दक्षिण अफ्रीका स्थित अंगोला गणराज्य के राजधानी लुआण्डा के बेस्ट अंगोला मेटल कम्पनी (BEST ANGOLA METAL, SEXTA AVENIDA AREA INDUSTRIAL, CAZENGA CAIXA, POSTAL 6972, LUANDA (REP OF ANDGOLA) Movel  092319489, 092590314, Fax 02335369 email bestangola@yahoo.com) में गैस कटर के पद पर पिछले सात वर्षों से काम कर रहे थे।
उनका पासपोर्ट नम्बर F 3814965 dated 01-07-2005 है। उनको अहमदाबाद गुजरात की एक कम्पनी TOP IMPEX PVT. LTD. ( पता- B-Chandravilla Appt, Shreyas Colony, Stadium Corner, Navrangpura, Ahemdabad 380009, India. Ph 00-91-79-26461642, 26426143, 30911304, Fax 079-26421121, e mail crownind2004@yahoo.co.in ) ने लुआण्डा भेजा था। दोनों कम्पनियां साझीदार कम्पनियां है।

अपने पिता के साथ हुए घटना के सम्बन्ध में जनार्दन यादव ने रोते हुए बताया कि कार्य करते समय बीते 26 नवम्बर 14 को एक ड्रम में विस्फोट हो जाने की वजह से उसके पिता झुलस गए। उन्हें वहां के स्थानीय अस्पताल में कम्पनी ने भर्ती कराया जहां 01 दिसम्बर 14 को उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना कम्पनी में काम करने वाले मृतक के गांव के रहने वाले कुछ लोगों ने मृतक के परिजनों को चोरी छिपे मोबाईल के जरिए दी और यह भी जानकारी दी कि मृतक 60 प्रतिशत जला हुआ था। लेकिन समुचित ईलाज नहीं होने से उनकी मृत्यु हो गई।

अपने परिवार के भविष्य की जिम्मेदारियों से चिंतित जनार्दन ने आगे कहा कि घटना की जानकारी मिलने पर उसने कम्पनी के निदेशक श्री विन्नू एच कपासी से बात की तो उन्होंने बताया कि मृतक काम करते समय विस्फोट हो जाने से करीब 96 प्रतिशत सूर्य देव यादव झुलस गया था, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। जनार्दन ने आगे बताया कि उसने इस मामले में दीवानी कचहरी देवरिया के एक अधिवक्ता व पत्रकार ओम प्रकाश लाल श्रीवास्तव से भी मदद ली और उनके माध्यम से अंग्रेजी भाषा में ई-मेल के जरिए कम्पनी को पत्र भेजकर अपने पिता के शव को भारत भेजने की अनेकों बार मांग की। यहां तक कि उसने दक्षिण अफ्रीका स्थित लुआण्डा के भारतीय दुतावास के अधिकारी आर सी कौशल को भी ई-मेल से पत्र भेजकर कर अपनी व्यथा बताई।

लेकिन कम्पनी के द्वारा उसे हर बार समझाया गया कि शव लेकर क्या करोगे? जो होना था हो गया। शव के बदले दस बारह लाख रूपए लेकर अपना काम करो। इसी तरह की बातें उक्त कम्पनी की साझेदारी वाली एक कम्पनी  (अहमदाबाद, गुजरात वाली) के लोगों ने भी की और शव को भारत नहीं मंगाने हेतु सुझाव दिए। यहां तक कहा गया कि जब शव भारत आ जाएगा तो बीमा की धनराशि लुआण्डा (अंगोला) की सरकार नहीं देगी। लेकिन जब मृतक का पुत्र शव मंगाने की बात पर अड़ा रहा तो कम्पनी के निदेशक ने 25 हजार अमेरिकन डालर अर्थात 16 लाख रूपए की मांग अपने 29 दिसम्बर 2014 को भेजे गए एक पत्र के माध्यम से कर डाली है।

मृतक की पत्नी सावित्री देवी ने बताया कि वह काफी गरीब परिवार से है। उसके परिवार में उसके पति ही एक मात्र कमाऊ सदस्य थे उसकी दो बेटियां एवं तीन पुत्र है। सभी अविवाहित है। उसके पति के द्वारा भेजे गए रकम से उसके परिवार का खर्चा चलता था। सावित्री देवी ने कहा कि उक्त कम्पनी में उसके गांव के कई अन्य लोग भी काम करते हैं। उन लोगों ने मोबाईल के माध्यम से उसे बताया था कि उसके पति केवल 60 प्रतिशत जले थे लेकिन किसी साजिश के तहत कम्पनी के निदेशक ने सम्बन्धित अस्पताल से मिलकर 96 प्रतिशत जला हुआ घोषित करवा दिया है। उसके पति का लुआण्डा में बीमा हुआ था। बीमा की रकम हड़पने के लिए उसके पति का शव भारत नहीं भेजा जा रहा है और इसीलिए कम्पनी के निदेशक ने एक चाल चली है कि न 16 लाख रुपए मृतक के परिजन दे सकेंगे और न शव भारत भेजा जा सकेगा। मृतक की पत्नी ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके पति का वीजा समाप्त हो गया था। बावजूद इसके कम्पनी में उनसे चोरी छिपे काम कराया जा रहा था।

उधर कम्पनी के निदेशक विन्नू एच कपासी ने बताया कि सूर्य देव यादव का शव बुरी तरह से खराब हो गया है। कोई भी एयर कम्पनी शव को अपने विमान से भारत नहीं भेजने हेतु तैयार नहीं है। इसलिए अलग से विमान किराये पर लेकर शव को भेजना पड़ेगा जिसमें 16 लाख रुपए का र्खच आ सकता है। उन्होंने मृतक के परिजनों के द्वारा लगाए गए सभी आरोपों से इन्कार किया। उक्त प्रकरण के सम्बन्ध में जिलाधिकारी देवरिया शरद कुमार सिंह ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में है। मृतक की पत्नी सावित्री देवी एवं उसके पुत्र जनार्दन ने सम्पर्क किया था। इस सम्बन्ध में उचित कार्यवाही हेतु विदेश मुंत्रालय से अनुरोध किया गया है।

देवरिया से ओपी श्रीवास्तव की रिपोर्ट. मोबाइल : 09454918198



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