मोबाइल कंपनी लावा ने सीएम योगी की नाक के नीचे करोड़ों रुपये के स्मार्टफोन घोटाले का आरोप लगाया!

उत्तर प्रदेश में इस भयानक कोरोना काल में सीएम योगी की नाक के ठीक नीचे अफसरों-नेताओं के गैंग ने एक बड़ा कांड कर दिया. आंगनबाड़ी कार्यक्रम से जुड़े लोगों को स्मार्ट फोन दिए जाने के अभियान के तहत एक लाख तेइस हजार स्मार्टफोन बांटने हेतु टेंडर निकाला गया. सौ करोड़ रुपये के इस टेंडर में बड़ी सावधानी से नियम कानूनों को ताक पर रखकर एक भारतीय कंपनी के आवेदन को खारिज कर टेंडर को कोरियाई कंपनी के हवाले कर दिया गया. स्वदेशी और मेड इन इंडिया की बात करने वाली राजनीतिक पार्टी के राज में विदेशी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए क्या-क्या खेल-तमाशे हुए, देखें ये रिपोर्ट…

यशवंत सिंह-

आजकल घोटालों का पैटर्न भी एक-सा ही हो गया है. टेंडर निकालो. चहेती कंपनी को टेंडर दिलाने के लिए नियम शर्तों में इस तरह बदलाव करते रहो कि दूसरी कंपनियां टेंडर के अयोग्य हो जाएं. इस पर भी अगर काम न बन रहा हो तो चहेती कंपनी को टेंडर देने के लिए दूसरी कंपनियों पर झूठे आरोप लगाओ और खेल से बाहर कर दो. जाहिर है, यह सब करोड़ों की सेटिंग-गेटिंग के चलते किया जाता है. यह सब सत्ताधारी नेताओं के इशारे पर होता है. नेता का इशारा पाते ही अफसर उसी अनुसार नीति नियम बनाने लग जाते हैं.

इस कोरोना काल में लोगों को भले ही आक्सीजन और अस्पताल न मिल पा रहा हो लेकिन योगी सरकार के अफसरों-मंत्रियों की चिंता आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं-कार्यकर्त्रियों को स्मार्टफोन देने की है. ये चिंता इसलिए है क्योंकि मामला सौ करोड़ रुपये से ज्यादा का है. इस रुपये का बड़ा हिस्सा ठिकाने लगाने का आसान मौका है. इसके लिए दो ऐसी कंपनियों एनएफ इनफ्राटेक और सिस्टेक आईटी सोल्यूशंस से सांठगांठ किया गया जो आपस में गैंग बनाकर काम करती हैं और किसी तीसरे को इस काम में आने से हर हाल में रोकती हैं. ये दो कंपनियां यूपी में एक दूसरे के खिलाफ कंपटीटर बन गईं ताकि तीसरे को न घुसने दिया जाए. जबकि यही दोनों कंपनियां कई राज्यों में मिलकर काम करती हैं. इन दोनों कंपनियों के पीछे सैमसंग है. सैमसंग के बारे में सबको पता है कि ये कोरियाई कंपनी है.

तीसरी कंपनी का नाम लावा है. ये भारतीय कंपनी है. लावा कंपनी के टेंडर को नियम-कानून का हवाला देकर खारिज कर दिया गया क्योंकि इसे खेल में रखना ही नहीं था. सेटिंग गेटिंग तो सैमसंग की कंपनियों से हुई है. अजब ये है कि स्वदेशी और मेड इन इंडिया जैसी बातें करने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार में ही भारतीय कंपनी को किसी भी तरह टेंडर से दूर करने के लिए साजिश रची गई और विदेशी कंपनी को लाभ दिया गया.

अब लावा कंपनी ने योगी के ग्रीवांस पोर्टल पर विधिवत लिखित शिकायत कर दी है. टेंडर लेने से जबरन दूर की गई इस भारतीय कंपनी ने शिकायती पत्र में पूरे खेल को खोल दिया है.

UP WCD Department
123398 Units of Smart phones with MDM/EMM/SDK
GeM Bid Ref No. GEM/2021/B/ 1088593 dated: 03-03-2021
The Women & Child Development Department, Uttar Pradesh is favoring an Overseas Korean Companies in the Project of 123398 units of Smart Phones valued at 100 crore. The Department has deliberately disqualified a well-known Indian Company on the basis of Land Border Clause which do not even applicable on Indian Brand by qualifying the companies who shares the Chinese Land borders which shows the kind of biased the department is towards overseas company. The Department is even promoting the cartel companies namely NF Infratech Service, Systech IT Solutions and Mantra Softtech to grab this project of higher price. The Department will have to face a loss of more than 10 crores in this project. These cartel companies has got multiple ICDS project around the country with the same practice and looted many state government. The Department is favoring a Korean Company LG who has officially declared the termination of its Smart Phone business in India. Even then the department is qualified such company without asking for the declaration and undertaking from this company. This is the sheer collusion between the Officials and the Cartel companies by putting extra burden on the people of the Uttar Pradesh. This kind of activity is not less than the Chinese attack in the form of the financial Scam by overseas company is coordination with the UP Govt. The Department are not ignoring all the representation being made before and after the tender submission date and continuously favoring the overseas company since the issuance of the tender. The Whole Tender process should be scrapped and there should be an Immediate Enquiry on the complete tender process by Anti-Corruption Bureau and Enforcement Directorate including the cartel companies. Also the Inquiry should be made against the officer who has recommended land Border clause against Indian brand for disqualification.

कहने को तो ये मामला यूपी के महिला बाल विकास विभाग का है लेकिन सूत्रों का दावा है कि इस गड़बड़-घोटाले में इस विभाग से इतर के लोग भी शामिल हैं. १२३००० स्मार्ट फ़ोन्स के लिए १०० करोड़ के इस टेंडर ये पहले तो ऐसी शर्तें डाली गयीं जो सिर्फ एक ही कंपनी को फेवर कर रही थीं. इसमें फ़ोन रैम में बदलाव किया गया. कुछ इंटरनेशनल सर्टिफिकेट्स (जैसे- CB, CE) डाले गए जो सिर्फ कोरियाई कम्पनीज को फेवर कर रही थी. इसको लेकर टेंडर में शामिल भारतीय कंपनी लावा ने एक पत्र भी लिखा, जो ये है-

टेंडर में शामिल एक भारतीय कंपनी लावा को बिना किसी बड़ी वजह के रिजेक्ट कर दिया गया. रिजेक्शन का रीजन टेक्निकल बताया गया. कहा गया कि इस कंपनी ने लैंड बार्डर क्लॉज़ को फॉलो नहीं किआ जबकि वो क्लॉज़ एक इंडियन कंपनी के लिए लागू नहीं होता. इससे ये साफ़ पता चलता है कि डिपार्टमेंट ने जानबूझ कर भारतीय कंपनी को बाहर किया.

इसके अलावा टेंडर में LG कंपनी ने भी हिस्सा लिया जिसको डिपार्टमेंट ने क्वालीफाई किया. पर सच्चाई ये है कि कुछ दिन पहले ही एलजी कम्पनी ने आधिकारिक रूप से ऐलान कर दिया कि वो स्मार्ट फ़ोन बिज़नेस बंद कर रही है. आरोप है कि एलजी के नाम पर गवर्नमेंट टेंडर में हिस्सा लेना सिर्फ एक मित्रवत बिड डालकर सरकार को गुमराह करना था. आरोप है कि LG कंपनी उन 2 मित्र कम्पनियों को सपोर्ट कर रही है जो सैमसंग की तरफ से टेंडर कर रही हैं.

महिला एवं बाल विकास विभाग के कुछ अधिकारी NF Infratech & Systech IT Solution नामक दो 2 कारेटल कंपनीज को फेवर कर हैं. ये वो कम्पनीज हैं जिन्होंने बहुत से टेंडर अवैध तरीके से हासिल किए हैं. कोरोना के ऐसे समय में इस तरीके का घोटाला किसी वायरस से कम नहीं है.

ये पूरा टेंडर प्रॉसेस अवैध है जिसकी एक निष्पक्ष जाँच होनी चाइए.

देखें संबंधित कुछ दस्तावेज-

Letter Against Disqualification_24.04.2021

To, Date:- 28.03.2021
The Additional Chief Secretary
Women & Child Development Department
Indira Bhawan, Lucknow
Uttar Pradesh- 226001

Subject: – Requesting for fair and transparent evaluation in the GEM bid no. GEM/2021/B/ 1088593 dated: 03-03-2021) for 123398 units of smart phones

Respected Madam,

We __
In reference to the subject bid which was due on 27.03.2021, we have certain submission for the department which would help them to evaluate the tender in most transparent and fair manner. Our following suggestions are as below:
Firstly, we are assuming that LG electronics must have participated in the said bid, since LG was part of the Pre-Bid meeting and we wish to inform the department that there is strong news against LG is moving down its Smart Phone in India. Hence, the attempt made by LG in this bid could be solely for supporting purpose only. So, we request the department to kindly take an undertaking and confirm from various Stakeholders of LG that their Quoted device shall be available in Indian market and will not be end of life for next 3 years. Below is the news article link
https://indianexpress.com/article/technology/tech-news-technology/lg-electronics-may-close-down-mobile-phone-business-7239877/
Secondly, it has been observed that there are two cartel companies namely NF Infratech and Systech IT solutions who jointly participated in various projects to grab the project through unethical means. There are multiple past events wherein these companies are grabbing the projects in the name of Systech IT solutions however managing by NF Infratech Itself. For Example- Systech IT solutions has awarded the contract for 120000 Units of Smart phones by WCD Maharashtra however this project was executed by NF Infratech only.
Hence we humbly request the department to kindly confirm if these bidders has not participated in this tender. If yes, then kindly seek an immediate enquiry against this unethical activities which has been perpetrated for sake of their corporate profits
Considering our above mentioned facts, we request the department to kindly look into this matter and take some strict enquiry/ action to stop the manipulation in the tender activity so that only competent bidders can get their fair chance in financial evaluation
Thanks and Regards

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