यह एक लड़की का कटा पांव नहीं बल्कि एक मीडिया संस्थान का वीभत्स चेहरा है

Surendra Grover : यह सिर्फ एक लड़की का कटा हुआ पांव ही नहीं बल्कि एक मीडिया संस्थान का वीभत्स चेहरा भी है.. न्यूज़ चैनल जिया न्यूज में काम करने वाली स्नेहा वाघेला के पांव दफ्तर के काम से रेल द्वारा एक जगह से दूसरी जगह जाते हुए कट गए.. चैनल मालिकों ने इसके बाद इस लड़की से कन्नी काट ली और कह दिया कि अब उस चैनल से कोई सम्बन्ध न रखे..

सिद्धार्थ झा ने जब ये मामला फेसबुक पर उठाया तो मुझे एक दम से झटका लगा और याद आ गया मेरा बचपन.. जब एक ट्रक मालिक ने, जिसके यहाँ मैं क्लीनर की नौकरी करता था और एक बार उसके ड्राईवर की गलती से मेरा दायाँ हाथ कटते कटते बचा मगर तीन अंगुलियाँ कट गई थी, जिन्हें प्लास्टिक सर्जरी के सहारे जोड़ा गया था..

उस ट्रक मालिक ने मेरा इलाज़ भी करवाना उचित नहीं समझा.. मेरी उम्र उस समय कोई चौदह बरस थी और समझ भी नहीं थी और न ही सोशल मीडिया ही था.. जहाँ मैं अपनी पीड़ा रख सकता.. आज जब इस मासूम लडकी के साथ ऐसी नाइंसाफी हो रही है तो मैं चुप नहीं रह सकता.. आपसे भी अपेक्षा रखता हूँ कि आप भी इस मालिकों के ज़ुल्म और सितम की शिकार लडकी की सहायता करने में पीछे नहीं रहेंगे.. मेरा निवेदन है आपसे कि इस लडकी के पक्ष में अपनी फेसबुक वाल पर ज़रूर लिखे और साथ ही न्यूज़ चैनल जिया न्यूज की निंदा करें..

वेब जर्नलिस्ट सुरेंद्र ग्रोवर के फेसबुक वॉल से.

मूल खबर….

शूट के दौरान जिया न्यूज की पत्रकार स्नेहल पटरियों पर गिरीं, दोनों पैर कटे, चैनल की तरफ से कोई मदद नहीं

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Comments on “यह एक लड़की का कटा पांव नहीं बल्कि एक मीडिया संस्थान का वीभत्स चेहरा है

  • यशवंत जी! ये क्या कर रहे हैं! कम से कम तस्वीर को धुंधला करवाएँ। भङास के पाठक आपसे ये उम्मीद नहीं करते।

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  • rahul dev kulshresth says:

    agar ye sacchi ghatna h to me iski kafi ninda karta hu. jin maliko ke liye employee apni ji-jaan se mehnat karta h or apna sab-kuch nyochabar kar deta h or waqt aane par ye log employee ki paresani ko dekhkar muh mod lete h yah bahut hi nindniy h. qki kisi or wajah se hi na sahi lekin insaniyat ke nate to kam se kam unhe help karni chahiye. hum aise mokaparast insano ke birudh h or rahi bat snehal ki to hum sab unke sath h.

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  • purushottam asnora says:

    chanal ya sansthan kasaibare hain, jinhai apni tijori bharni hai, duniya bhar mai shoshan, utpiran k viruddh aawaj uthane wale ptrakar apne liye kitne ashay hain is ghatna se pata chalta hai. jiyo news ho ya dusara sansthan ye bhartsna yogy hain, jitni ninda ki jay kam hai.

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  • shame- shame…jia news
    waise yeah khanani sabhi news channel aur news paper ki hai …inhe sirf kaam chaheye …..aap ko kuch ho jaye toh yeah aapko pehchanne se bhi avoid kar dete hai ……waise kami humlogo ki bhi hai …bure waqt me koi stand lene wala bhi nahi hota haii…..bahut saare patrkaro ke sangthan hai lekin…aise samay me ve bhi sath nahi dete hai ….kyoki unke padadhikari …..apni naukribacahane ki jugat me lage rehte hai …..

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  • भोपाल के दबंग दुनिया अखबार और उसके मालिक किशोर वाधवानी ने भी यही किया है। 2012 में टंकी ब्लास्ट का कवरेज करते समय बुरी तरह घायल हुए नरेंद्र शर्मा को इस अखबार और इसके चापलूसों ने इलाज कराने की जगह लीगल नोटिस थमा दिया कि उनका अखबार से कोई संबंध्ा नहीं है। क्या पत्रकार की जान की कोई कीमत नहीं होती। ऐसे मीडिया संस्थानों का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए।
    दिलीप, भोपाल

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  • Ye snehal kha h or kesi halat h..
    Me economic help krna chahta hu. Meri help bahut choti hogi but ek achi suruaat jaruri h.. Kya koi btayega me inko kese kuch rashi bhez skta hu

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  • yash bhai apki etv up se shatghath hai kya aap brajesh mishra ke bare me kuchh nahi likhte. jabki upcm ne use dalal ghoshit kiya hai

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  • legal things later,can we get some reference phone ,address,email where we can help her financially or technically or send a get well card.she sacrificed her future for the public @large
    prayers

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  • dost, y shachai hy y kata anng hy desh ky lakho mediakarmi katra katra mar rahy hy jara dekho unky gharo py jakar india my sarbadhik jokhimo sy bhari hy j nokari,log kal fir bhul jaygy or sarkar kahti rahygi acchydin aany baly hy

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