Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सियासत

ठंढे लेह से गर्म जोधपुर जेल : क्या सोनम वांगचुक को निपटाने की साज़िश है?

विक्रम सिंह चौहान-

लेह का अभी तापमान अधिकतम 16 और न्यूनतम 2 डिग्री तक है. जोधपुर का तापमान 38 डिग्री तक जा रहा है. सोनम वांगचुक इसी गर्मी में वह भी जेल के अंदर शायद अंडा सेल में रखें जायेंगे. यह सरकार क्रांति को कुचलने का दुस्साहस करती है और जेल इनके लिए आसान जरिया है.

जी एन साईबाबा अंडा सेल में रखें गये बाद में मार्च 2024 में रिहा हुए व अक्टूबर 2024 में वे नहीं रहें. फादर स्टेन स्वामी को इसी तरह जेल में रखा गया, उन्हें कोविड हुआ इलाज नहीं मिला मौत हो गईं. सिद्दीकी कप्पन को भी इसी तरह कुचला जा रहा था.

अभी दिल्ली दंगों में कथित आरोपी बनाकर उमर खालिद, खालिद सैफी जैसे कई युवा तुर्क की क्रांति कुचली जा रहीं है. यह सरकार जानती थी उमर खालिद भारत के मुसलमानों के लिए एक बड़ा चेहरा बन सकते हैं.उनके अंदर क्रांति पनप रहीं है. युवा उनसे जुड़ सकते हैं इसलिए उन्हें जेल में अब तक रखा गया है.

कन्हैया के अंदर क्रांति नाम की कोई चीज नहीं थी इसलिए कन्हैया अब तक लेकर रहेंगे आजादी आजादी गाते आजाद घुम रहें हैं, जबकि जेल में किसी का दमन हो रहा है वह मुसलमान युवा ही है.

एक कोई हिन्दू जो इसकी बड़ी क़ीमत चुका रहा है तो वे संजीव भट्ट है साथ में भीमा कोरेगांव मामले में कैद सामाजिक कार्यकर्ता.तो ये सरकार आपको जेल में रखकर प्रताड़ित करेगी. समझ लीजिये मौत के समान दर्द देगी. सोनम वांगचुक के साथ यही करने वाली है ये सरकार. देश के युवाओं को सोनम वांगचुक के साथ आना चाहिए.


पवन सिंह-

सोनम वांगचुक शायद ही जिंदा वापस आएं..!!! जी एन साईबाबा- मार्च 2024 में रिहा हुए व अक्टूबर 2024 में वे गुजर गये। फादर स्टेन स्वामी- जेल में उन्हें कोविड हुआ इलाज नहीं मिला मौत हो गईं। सिद्दीकी कप्पन- 2023 में रिहा हुए। उमर खालिद, खालिद सैफी- शायद ही बाहर आयें..! संजीव भट्ट-मौत के इंतजार में..!!

और अब सोनम वांगचुक….

पर्यावरण संरक्षण का महारथी तो चला जाएगा लेकिन बचेगा कोई नहीं..!! सितंबर माह के अंतिम दिनों में यह तपिश कुछ ही सालों में इतनी बढ़ेगी कि जिंदा रहना एक संघर्ष होगा….जंगल के जंगल साफ हो चुके हैं जो बचे हैं वो भी हो जायेंगे…!! इस साल बंगाल की खाड़ी से उठा मानसून धड़धड़ाता हुआ समूचे हिमालयन क्षेत्र में घुस गया..और जो तबाही की है, वह तो अभी आरंभ है..!! मानसूनी हवाओं को जो जंगल हिमालय पहुंचने से पहले सुस्ताने के लिए रोक लिया करते थे, अब वे नहीं हैं… लेह-लद्दाख बहुत सी ज्यादा सेंसिटिव जोन है…एक परमपूज्य एकमेव राष्ट्र उद्योगपति संत को सौर ऊर्जा प्लेट्स लगानी हैं… जहां-जहां सौर ऊर्जा का व्यावसायिक उत्पादन हुआ है उस क्षेत्र का तापमान 3/4 डिग्री बढ़ा है….ऐसा इस इलाके में हुआ तो बहुत बड़ी क़ीमत नेचर वसूलेगी…!! हम लोग तो अपनी जिंदगी जी चुके हैं…जो हालात हैं 25-30 सालों में जो होगा, उसकी केवल कल्पना करिये..न करिये तो “वांगचुक टाइप्स मूर्खों” को कोसिये…


विजय सिंह ठकुराय-

6 माह पुराना एक वीडियो देख रहा हूँ, जब सोनम वांगचुक UN द्वारा आयोजित एक पर्यावरण कांफ्रेंस में भाग लेने पड़ोसी मुल्क गया था। तब तक छठी सूची के नाम पर केंद्र द्वारा ठगा जा चुका था, मन में खीज अथवा रोष तो होगा। पर बंदा फिर भी पाकिस्तान के मंच पर, सैकड़ों मीडिया और पाकिस्तानी मंत्रियों के सामने अपने प्रधानमंत्री की तारीफ करने से न चूका। और सरकार ने इसी पाकिस्तानी विजिट के नाम पर इसका पाकिस्तानी कनेक्शन निकाल कर इसे देशद्रोही घोषित कर दिया।कितना आसान है न आजकल किसी को भी देशद्रोही बना देना?

संयुक्त राष्ट्र संघ, स्विट्जरलैंड और इटली की यूनिवर्सिटी ने स्वयं इस बंदे से कृषि संबंधित इनोवेटिव तकनीकों को लेकर करोड़ों का भुगतान किया, उस धन को सरकार ने “विदेशी फंडिंग” प्रचारित कर दिया, जबकि वह धन डोनेशन नहीं, बल्कि शुल्क था, उस पर FCRA लागू ही नहीं होता। सोचिए, खेती से जुड़ी जानकारी साझा करने पर “भारत की संप्रभुता” से जुड़ी जानकारियां साझा करने का आरोप लगाया गया है।

चित्र के बैकग्राउंड में सोनम द्वारा ठंडे इलाकों में आर्मी के लिए बनाया गया सोलर एनर्जी से गर्म रहने वाला टेंट

2020 में एक अर्थशास्त्री और नोबेल विजेता के तौर पर यूनुस इससे खुद मिलने आया, तस्वीर सोनम ने खुद पोस्ट की। आज उस तस्वीर के बहाने इस बंदे का 2025 में बांग्लादेशी कनेक्शन भिड़ाया जा रहा है।

एक विख्यात कॉमेडियन के चीनी सैनिकों को रास्ता दिखाने वाले स्टैंडअप जोक का बचाव करते हुए सोनम ने उसे माफ़ करने, उसकी पीड़ा समझते हुए मुख्य समस्या (चीनी घुसपैठ) को सुलझाने का आग्रह किया तो अन्धभगतों की फौज ने बिना वीडियो को समझे देखे इसे सोनम का ही बयान बता कर उसे चीनी एजेंट साबित कर दिया, जबकि शायद ही कोई हो, जिसने सोनम की तरह चीन के खिलाफ आवाज उठाई हो।

नीचता की हद देखिए। एक स्कूल बस खरीदने के लिए इसने लगभग सवा तीन लाख रुपए अपनी जेब से डोनेट किये, जिसका भुगतान बाद में किसी अन्य डोनर ने वांगचुक को कर दिया। तब वांगचुक ने विनम्रता से इसे अस्वीकार कर धन को स्कूल के फंड में दान दे दिया। तो इस पर केस बनाया जा रहा है कि एंट्री क्यों नहीं की? सवा तीन लाख का आरोप उस बंदे पर, जो पिछले 5 साल में दो करोड़ की जेब से चैरिटी कर चुका हो। यूनियन टेरीटरी बनते ही अपनी जेब से केंद्र सरकार को 5 लाख रुपए लदाख के विकास के लिए डोनेशन दिया हो, उसे पर ऐसे चिन्दी इल्जाम लगाए जा रहे हैं।

पूरे लदाख में सोनम वांगचुक एकलौता ऐसा व्यक्ति है, जो स्वेच्छा से आज तक अपनी करोड़ों की व्यक्तिगत आय पर आयकर भरता आया है, जबकि लदाख वासियों को आयकर से 100% छूट है। उसके बाद भी इस बंदे पर इन 4 साल पहले कुछ मजदूरों की दिहाड़ी भुगतान न करने जैसा टुच्चा केस तक लगाया गया है।

नीचता की पराकाष्ठा देखिए कि राजनीतिक प्रतिशोध में नियमों का हवाला देकर बच्चों के विद्यालय के लिए दी जमीन ही वापस हड़प ली, जबकि तमाम डॉक्यूमेंट सिद्ध करने के लिए मौजूद हैं कि सरकारी अफसरों ने ही बार-बार लिखित निवेदन करने के बाद भी लैंड लीज के डॉक्यूमेंट साइन नहीं होने दिए, जबकि सोनम द्वारा करोड़ों रुपए खर्च कर जमीन पर यूनिवर्सिटी हेतु भवन बनाये जा चुके हैं, जिन्हें अब जमींदोज कर दिया जाएगा। (भवन चित्र कमेंट में)

अगर इन सब मामलों की निष्पक्ष जांच हो जाएं तो सभी चार्जेज 5 मिनट में खारिज हो जाएंगे। पर ऐसा न हो, इसलिए कानून ही ऐसा लगाया है कि सालों तक कोई सुनवाई-जमानत का प्रावधान ही न बने और लदाख की प्राकृतिक सम्पदाएँ आराम से गुज्जु सेठों को बेची जा सकें।

शायद सोनम की जगह कोई और होता तो अपने द्वारा किये गए तमाम आविष्कारों के पेटेंट लेकर विदेश निकल जाता और अरबों रुपए कमा कर मौज में जिंदगी बिताता। अथवा सत्ता से ही हाथ मिला कर लदाख का सांसद बन कर आराम से जीवन काटता।

देश का कैसा दुर्भाग्य है कि जिसने अपना तमाम जीवन भारत के लोगों, बच्चों, छात्रों, किसानों, सैनिकों की भलाई के लिए खपा दिया – आज वह देशद्रोही है। जो साधु वेश धर के लूटने चले हैं – वे सबसे बड़े देशभक्त हैं।

क्या ही कहिए, अमृतकाल में आपका स्वागत है।


Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन