सुभाष चंद्रा के जी न्यूज पर प्रकट होने और ‘राष्ट्रवादी पत्रकारिता’ पर भाषण देने के निहितार्थ

Yashwant Singh : आज सुभाष चंद्र कक्का ‘ज़ी’ पर प्रकटे, खुद का असली डीएनए दिखाने अउर राष्ट्र को अपनी सतत हलकट पत्रकारिता की मज़बूरी के बारे में ज्ञान पिलाने। वैसे ये राष्ट्र के नाम सम्बोधन का वीडियो भी लाइव नहीं था। दे दनादन रीटेक और झउवा भर एडिटिंग से तैयार सम्बोधन में वो बताए कि उ अउर उनका बड़का ग्रुप काहें राष्ट्रवादी होइ गवा, झार झार के। हं, ई छिपा गए कि मनमोहन की पिछली यूपीए सरकार के कार्यकाल में नौजवान धाकड़ धनपशु कांग्रेसी सांसद नवीन जिंदल से कोल ब्लाक घोटाला की खबर रोकने के बदले सौ करोड़ मांगने उगाहने के चक्कर में लाइव धरा गए और रायता इतना फैला कि संपादक लोग तिहाड़ी हो गए, खुद किसी तरह रोय गाय मैनेज करके जेल जाने से बचे। मुकदमा में नाम तो है ही।

एतना भयंकर कांग्रेसी ‘अत्याचार’ से थर्थराए चंद्रा चच्चा को चोला बदलना ही था, सो बिगुल फूंक के अंतिम शरणस्थली के रूप में राष्ट्रवादी बन गए। आजकल दबा के, खुल के राष्ट्रवाद राष्ट्रवाद खेल रहे हैं। इस खेल के चक्कर में राष्ट्र दांव पर लगे तो लग जाए। चचा सुभाष चंद्रा, बुढ़ौती क प्यार बड़ा रणनीतिक होता है, हम सबको पता है जी। एह गलबहियां के पीछे क बनियागिरी हम सब मीडिया वाले समझत हैं। बस जान लो कि बहुते बड़ा दांव खेल गए हो गुरु। अब पीछे मुड़ के देखने लायक भी नहीं बचे। तुमने अपने खेल में अपने बड़े मीडिया ग्रुप की विश्वसनीयता का राम नाम सत्त कर दिया।

कहत रह चचवा
बार बार जोर जोर से
जय श्री राम,
निपट जाएगा तुम्हरा भी
सलमान खान की तरह
केस मुकदमे वाला काम 🙂

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से. इस स्टेटस पर आए कुछ कमेंट्स इस प्रकार हैं…

Rajkumar Tripathi आज छी न्यूज का मालिक सुभाष चंद्रा प्राईम टाईम पर आकर कहता है कि भारत-पाक संबंधों को सुधारने में सबसे ज्यादा योगदान उसका है तो क्या देश यह समझे कि सुभाष चंद्रा सुषमा स्वराज से भी योग्य व्यक्ति है जो बगैर संविधान की शपथ लिए इस देश की विदेश नीति को ज्यादा सक्षम तरीके से निर्धारित निर्देशित करता है या कि इस सरकार ने विदेश नीति का निजीकरण करते हुए उसका जिम्मा एक व्यवसायिक टीवी चैनल के हाथ में दे दिया है? यह इस देश के संविधान और लोकतंत्र का सीधा अपमान है। कैसी सरकार है यह!

Arvind Singh Rathore बेहतर हो कि सुभाष चन्द्रा जी को असली लड़ाई जाने। यह और जिंदल एक ही शहर हिसार से हैं। और इनमे यह द्वेष काफी पुराना हैं जिसके लिए ही वो जिंदल पर अपने चैनल के जरिये छोटी सी खबर से भी निशान साधते हैं नवीन जिंदल को कुरुक्षेत्र से हराने के लिए वो वहा कई महीने पहले जाकर मेहनत करते हैं। youth icon बनने के लिए खुद का शो लाते हैं। फिर हिसार में सावित्री जिंदल विधायक के खिलाफ चुनावों में जी मीडिया के रिपोर्टरों की हर बूथ पर टीम उतारते हैं। गली गली में जी टीवी के कलाकारों के नाच करवाते हैं।

Vinod Viplav ये मक्कार सुभाष चंद्रा यूएनआई में कर्मचारियों के हाथों जूते से की गई पिटाई और धक्का देकर यूएनआई गेट से बाहर किए जाने को भी नहीं भूला होगा.


सुभाष चंद्रा को क्यों कहना पड़ा कि जी न्यूज बीजेपी का चैनल नहीं है… इस बारे में ‘जनता का रिपोर्टर’ डाट काम वेबसाइट पर प्रकाशित खबर इस प्रकार है…

Zee is not BJP channel : Owner Subhash Chandra makes desperate plea on live TV after Kejriwal govt files criminal case

Zee News chairman, Subhash Chandra, on Monday took an extraordinary step by appearing on live TV to make a desperate plea on the perceived biases of his news channel in favour of the BJP. He appeared on Zee news’ prime time show DNA, presented by anchor Sudhir Chaudhary, seeking to clarify that his was not a BJP channel as being alleged on social media. Chandra appearing on his news channel to speak for over 10 minutes assumes significance in light of the criminal case being filed by Delhi’s Arvind Kejriwal government against the channel on Monday. Chandra sought to distance his channel’s allegiance from the saffron party while showering praises on Narendra Modi and his government in the same breath.

Addressing the BJP supporters, he said that they ought to have understood that his was not the saffron party’s mouthpiece. Delhi government on Monday had ordered criminal action against the three news channels, who allegedly broadcast doctored videos on the JNU Students’ Union leader Kanhaiya Kumar. The order, according to a top government source, was issued by the deputy chief minister Manish Sisodia, who also holds the Revenue portfolio. It was the revenue ministry, under whom the probe into alleged fake videos was being carried out. The source said, “Yes, the minister has ordered taking criminal action against the guilty channel. One of the channels against whom action has been ordered is Zee News.”

Chandra’s clarification aside, he’s never hidden his public association with the BJP. He had actively campaigned for the saffron party candidate in Hissar during the Lok Sabha elections in 2014. While talking to media on 10 September 2014, Chandra had confessed, “I have a relation with the BJP over last the two decades.”

On Monday night, however, he chose to imply that his friendship with BJP leaders was as normal an occurrence as his friendship with leaders from the Congress party. A source in Zee news told that the developments of the last few days particularly the news that the channel had allegedly run doctored video has left Chandra extremely nervous. The Delhi government’s decision to initiate criminal proceedings has only compounded his woes. Chandra and his team, according to the sources in Zee, are also perturbed by the increasingly negative press over its fast deteriorating reputation.

(साभार- jantakareporter.com) 

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Comments on “सुभाष चंद्रा के जी न्यूज पर प्रकट होने और ‘राष्ट्रवादी पत्रकारिता’ पर भाषण देने के निहितार्थ

  • Rahul singh says:

    छी न्यूज अब पूरी तरह से BJP की दलाली करने पर उतर आया है,इस दो टकिये ,दलाल न्यूज चैनल के खिलाफ जरूर मुकदमा होना चाहिए, फर्जी राष्ट्रवादिता के नाम पर देश को बरगलाने वाले इस छी न्यूज का पूरे देश मे बहिष्कार हो

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  • छी न्यूज के मालिक सुभास चंद्रा की कुटाई जिस तरह से यशवंत जी ने भोजपुरी मे किया है,पहली बार देखने को मिला ,ऐसे ही इन दलाल मिडिया मालिको की कुटाई करते रहे,ये इसी के पात्र है :D:D

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